अजगरा विधानसà¤à¤¾ सीट - Varanasi
अजगरा |
|
|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री त्रिभुवन राम |
| जिला | Varanasi |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | चंदौली |
अजगरा विधानसभा सीट
अजगरा विधानसभा क्षेत्र वाराणसी जिले की एकमात्र सुरक्षित (अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित) सीट है, जिसका गठन 2012 में परिसीमन के बाद हुआ। यह क्षेत्र गोमती नदी के किनारे स्थित है और इसमें चोलापुर, हरहुआ व पिंडरा ब्लॉक के प्रमुख गांव शामिल हैं। अजगरा सामाजिक समीकरण के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ अनुसूचित जाति, यादव, पटेल, राजपूत, ब्राह्मण व अन्य पिछड़ी जातियों का असर चुनावी नतीजों पर पड़ता है। क्षेत्र का धार्मिक महत्व मार्कंडेय महादेव मंदिर व दुर्गा मंदिर से भी जुड़ा है।
जनसंख्या (जनगणना 2011):
जिला: वाराणसी
विधानसभा क्रमांक: 385
लोकसभा क्षेत्र: चंदौली
आरक्षण: अनुसूचित जाति
अनुमानित आबादी: 3,35,000
साक्षरता दर: लगभग 68%
लिंग अनुपात: 849/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: करीब 86 %
मुस्लिम: लगभग 12 %
अन्य समुदाय: 2 %
अनुसूचित जाति: अनुमानित 12 %
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,43,004
विजेता: त्रिभुवन राम (भाजपा)
वोट शेयर: 41.6%
उपविजेता: सुनील सोनकर (सुभासपा)
मतदान प्रतिशत: 65.5%
अजगरा विधानसभा क्षेत्र वाराणसी जिले की एक सुरक्षित (एससी) सीट है, जो 2012 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई और चंदौली संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इसमें चोलापुर, हरहुआ और पिंडरा ब्लॉक के गाँव शामिल हैं। शुरुआत से ही यह सीट बसपा का गढ़ मानी जाती रही, जहाँ 2012 में बसपा के त्रिभुवन राम ने पहली जीत दर्ज की। 2017 में भाजपा-सुभासपा गठबंधन के उम्मीदवार कैलाश नाथ सोनकर ने बाजी मारी, जबकि 2022 में भाजपा के त्रिभुवन राम ने सुभासपा के सुनील सोनकर को करीब 9,160 वोटों से हराकर फिर से जीत हासिल की। उस चुनाव में भाजपा को 45.76% यानी 1,01,088 वोट और सुभासपा को 34.77% यानी 91,928 वोट मिले, जबकि कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 3,10,000 रही और मतदान करीब 46% हुआ। यहां का राजनीतिक समीकरण जातीय और सामाजिक विविधता पर टिका है, जिसमें अनुसूचित जाति के साथ यादव, पटेल, राजपूत और ब्राह्मण समुदाय निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
त्रिभुवन राम, भारतीय जनता पार्टी के विधायक, उत्तर प्रदेश की अजगरा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका जन्म जौनपुर में हुआ और उन्होंने आईआईटी (BHU) वाराणसी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी से की थी और 2012 में पहली बार इसी पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए। बाद में 2019 में वे भाजपा में शामिल हो गए और वर्तमान में 18वीं विधानसभा के सदस्य हैं। पेशे से वे पेंशन और कंसल्टेंसी से जुड़े हैं। उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज हैं, जिनका ब्योरा चुनाव आयोग के अभिलेखों में दर्ज है।
अजगरा विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में अजगरा विधानसभा क्षेत्र में विकास और सामाजिक कल्याण ही प्रमुख मुद्दे रहे। 2012 के परिसीमन के बाद बनी यह सीट शुरू में बसपा का गढ़ रही, लेकिन 2017 में सुभासपा ने गठबंधन के सहारे जीत दर्ज की। पीएम मोदी के नेतृत्व में यहां कई विकास योजनाएं लागू हुईं, जिनका सीधा फायदा जनता तक पहुँचा। सड़कों का निर्माण और मरम्मत, जलापूर्ति व बिजली आपूर्ति, गंगा सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, शिक्षा में सुधार और स्वच्छता अभियान जैसे काम सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। धार्मिक दृष्टि से मार्कंडेय महादेव मंदिर और भटौली का दुर्गा मंदिर इस क्षेत्र की पहचान हैं, जिनके संरक्षण को भी अहम माना गया। चुनावी समीकरणों में अनुसूचित जाति, यादव, पटेल, राजपूत, ब्राह्मण और ठाकुर समुदाय का प्रभाव काफी मजबूत रहा। जनता की प्राथमिकताओं में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी जरूरतें लगातार बनी रहीं। मौजूदा विधायक त्रिभुवन राम ने प्रधानमंत्री आवास योजना समेत कई विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया है, जबकि स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर उन्होंने बुनियादी ढाँचे और कल्याण योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।