अलीगंज विधानसà¤à¤¾ सीट - Etah
अलीगंज |
|
|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री सत्यपाल सिंह राठौर |
| जिला | Etah |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | फर्रुखाबाद |
अलीगंज विधानसभा सीट
अलीगंज उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों में से एक है। यह एटा जिले में स्थित है और फर्रुखाबाद लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट 1957 में परिसीमन आदेश 1956 के तहत स्थापित की गई थी और 2008 के परिसीमन के बाद इसे पहचान संख्या 103 दी गई। यह क्षेत्र संपूर्ण अलीगंज तहसील को कवर करता है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जनसंख्या (तहसील): 4,85,387
लिंगानुपात: 864/1000
साक्षरता दर: 70.23%
धार्मिक और सामुदायिक विभाजन
हिंदू: 90.88%
मुस्लिम: 8.49%
अन्य: 1% से कम
अनुसूचित जाति: 14.3%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,25,112
विजेता: सतपाल सिंह राठौर (भाजपा)
वोट शेयर: 45.7%
उपविजेता: ममतेश शाक्य (सपा)
मतदान प्रतिशत: 66.1%
अलीगंज विधानसभा सीट, एटा जिले की यादव बहुल और राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है, जो लंबे समय तक समाजवादी पार्टी (सपा) का गढ़ रही है। 1993 से 2012 तक सपा ने यहां लगातार जीत दर्ज की, जिसमें रामेश्वर सिंह यादव और अवधपाल सिंह यादव जैसे प्रभावशाली नेताओं की भूमिका रही। अवधपाल सिंह यादव के परिवार, विशेषकर उनके पिता लटूरी सिंह यादव, जो चार बार विधायक रह चुके हैं, उनका इस क्षेत्र की राजनीति में गहरा प्रभाव रहा है। 2007 में अवधपाल सिंह यादव ने सपा से बगावत कर बसपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद 2017 में भाजपा ने सत्यपाल सिंह राठौर के नेतृत्व में पहली बार यह सीट जीती और 2022 में भी उन्होंने अपनी जीत बरकरार रखी। आमतौर पर यहां सपा और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होता है, जहां यादव और अन्य पिछड़ा वर्ग सपा के साथ, जबकि सामान्य वर्ग और अन्य पिछड़ी जातियां भाजपा के समर्थन में देखी जाती हैं। 2022 के चुनाव में भाजपा के सत्यपाल सिंह राठौर ने सपा के रामेश्वर सिंह यादव को हराया, जबकि बसपा तीसरे स्थान पर रही। कुल मतदान प्रतिशत 45.44% रहा। यह नतीजा दर्शाता है कि अलीगंज सीट पर मुकाबला बेहद करीबी और दिलचस्प बना हुआ है, जहां दोनों प्रमुख दलों के बीच कड़ा संघर्ष आगे भी जारी रहने की संभावना है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
सतपाल सिंह राठौर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता हैं और उत्तर प्रदेश की अलीगंज (एटा) विधानसभा सीट से दो बार 2017 और 2022 विधायक चुने जा चुके हैं। क्षेत्र और पार्टी में उनकी पहचान एक सक्रिय, विनम्र और कर्तव्यनिष्ठ जनप्रतिनिधि के रूप में है, जो विशेष रूप से ऊर्जा और ग्राम विकास जैसे मुद्दों पर रुचि रखते हैं। वे विधानसभा की याचिका समिति की बैठकों में नियमित रूप से भाग लेते हैं और क्षेत्रीय विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। जहां तक उनके आपराधिक रिकॉर्ड की बात है, 2022 चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
अलीगंज विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में अलीगंज विधानसभा क्षेत्र में जनता ने कई महत्वपूर्ण समस्याओं का सामना किया है। क्षेत्र की ग्रामीण सड़कों की जर्जर हालत, गड्ढों और समय पर मरम्मत न होने से खासकर बरसात के मौसम में गांवों का संपर्क टूट जाना आम रहा, जिससे किसान और आमजन दोनों प्रभावित हुए। कृषि प्रधान अलीगंज में सिंचाई के लिए पानी की कमी, नहरों की सफाई में लापरवाही और जलस्तर में गिरावट ने किसानों की मुश्किलें बढ़ाईं, जबकि कई गांवों में पीने के पानी की समस्या भी लगातार बनी रही। बिजली आपूर्ति को लेकर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में ट्रांसफार्मर खराबी, लो-वोल्टेज और अनियमित कटौती की शिकायतें आम रहीं, विशेषकर गर्मियों में यह संकट गहरा गया। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन और उच्च शिक्षा संसाधनों की कमी सामने आई, वहीं स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों, दवाओं और आधुनिक सुविधाओं का अभाव भी एक बड़ी समस्या बना रहा। कानून-व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक रही, जहां चोरी, महिलाओं पर अपराध और भूमि विवाद जैसे मामलों में वृद्धि हुई और पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठे। युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों की कमी और स्वरोजगार योजनाओं के कमजोर क्रियान्वयन के कारण बेरोजगारी व पलायन भी बड़ी चिंता रही। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री आवास, शौचालय और किसान सम्मान निधि जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर न मिलना, भ्रष्टाचार और पारदर्शिता की कमी भी लोगों की प्रमुख शिकायतों में शामिल रही।