Amanpur विधानसभा सीट - Kasganj

Amanpur

वर्तमान विधायक
श्री हरिओम
जिला
Kasganj
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
एटा
अमाँपुर विधानसभा सीट
अमाँपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र भारत के उत्तर प्रदेश विधान सभा के 403 निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। यह एटा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के पाँच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। इस विधानसभा क्षेत्र में पहला चुनाव 2012 में 'संसदीय और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन आदेश, 2008' के पारित होने के बाद हुआ था और निर्वाचन क्षेत्र का गठन 2008 में हुआ था। निर्वाचन क्षेत्र को पहचान संख्या 101 दी गई है।
जनसंख्या विभाजन (जनगणना 2011)
जनसंख्या: 3.2-3.5 लाख
विधानसभा क्षेत्र संख्या: 101
जिला: कासगंज (कांशीराम नगर)
लोकसभा क्षेत्र: एटा
आरक्षण: सामान्य
लिंगानुपात: 880/1000
साक्षरता दर: 62%
धार्मिक एवं जातीय विभाजन (जनगणना 2011)
हिंदू: 78%
मुस्लिम: 20%
अन्य: 1% से कम
अनुसूचित जाति: 16-18%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,33,062
विजेता: हरिओम वर्मा (भाजपा)
वोट शेयर: 53.0%
उपविजेता: सत्यभान सिंह शाक्य (सपा)
मतदान प्रतिशत: 64.4%
अमनपुर विधानसभा सीट का गठन 2008 में परिसीमन के बाद हुआ, जो पहले सोरों विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा थी। अब तक यहां तीन विधानसभा चुनाव हुए हैं— 2012, 2017 और 2022। पहले चुनाव में बसपा के ममतेश शाक्य विजयी रहे, जबकि 2017 और 2022 में भाजपा ने लगातार जीत दर्ज की। जातीय दृष्टिकोण से यह सीट लोधी, क्षत्रिय और दलित, मुस्लिम और शाक्य मतदाताओं के प्रभाव में है, जिनकी भूमिका प्रत्याशी चयन और चुनावी रणनीति में निर्णायक रही है। 2022 के चुनाव में भाजपा के हरि ओम वर्मा ने 50.40% वोट हासिल कर 43,329 मतों से जीत दर्ज की, जबकि सपा के सत्यभान सिंह शाक्य 27.74% वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। बसपा और कांग्रेस क्रमशः 18.50% और 0.70% वोट के साथ हाशिए पर रहीं। सपा ने हालिया चुनाव में वोट शेयर बढ़ाया, लेकिन भाजपा के खिलाफ निर्णायक बढ़त नहीं बना सकी। वर्तमान में अमनपुर में भाजपा का मजबूत दबदबा है, जबकि सपा मुख्य विपक्षी पार्टी बनी हुई है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
हरिओम वर्मा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक युवा और जमीनी नेता हैं, जो उत्तर प्रदेश के कासगंज जनपद की अमनपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1983 को मुनीर नगर में हुआ था और वे लोधी राजपूत (ओबीसी) समुदाय से आते हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल से प्राप्त की। हरिओम वर्मा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की और तब से वे क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर सक्रिय हैं। वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कई विकास परियोजनाओं को लेकर मुलाकात कर चुके हैं। जनता के बीच उनकी छवि एक ईमानदार, विकासोन्मुख और कर्मठ नेता के रूप में है। 2022 चुनावी हलफनामे के अनुसार, हरिओम वर्मा के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
अमनपुर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में अमनपुर विधानसभा क्षेत्र ने कई गंभीर समस्याओं का सामना किया है। क्षेत्र की सड़कें, विशेष रूप से सुड़पुरा से अमनपुर तक की लिंक रोड, बेहद जर्जर हैं, जिससे ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में आवाजाही में भारी दिक्कतें आती हैं। रोडवेज बस सेवा की कमी भी आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनी रही है। शिक्षा के क्षेत्र में भी स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि यहां उच्च शिक्षा के लिए कोई सरकारी डिग्री कॉलेज उपलब्ध नहीं है, जिससे युवाओं को पढ़ाई के लिए बाहर जाना पड़ता है। बिजली आपूर्ति की स्थिति खराब है, पुराने और जर्जर तारों के कारण अक्सर कटौती होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। सामाजिक दृष्टिकोण से यह क्षेत्र जातीय विविधता से भरा हुआ है, जिसमें लोधी राजपूत, मुस्लिम, शाक्य, ठाकुर, जाटव, ब्राह्मण और यादव जैसी जातियां प्रमुख भूमिका निभाती हैं। यह जातीय संतुलन चुनावी रणनीति और विकास कार्यों की प्राथमिकताओं को प्रभावित करता है। अमनपुर का ग्रामीण स्वरूप भी इसकी समस्याओं को बढ़ाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं, सिंचाई, स्वच्छता, पेयजल और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लगातार बाधाएं रही हैं और ये सभी मुद्दे चुनावी बहस का प्रमुख हिस्सा बने रहे हैं।

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