रामपुर खास विधानसà¤à¤¾ सीट - Pratapgarh
रामपुर खास |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्रीमती आराधना मिश्रा, मोना |
| जिला | Pratapgarh |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | प्रतापगढ़ |
रामपुर खास विधानसभा सीट
रामपुर खास विधानसभा उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की एक ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है। यह विधानसभा क्रमांक 244 है और प्रतापगढ़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। रामपुर खास को कांग्रेस पार्टी का गढ़ भी कहा जाता है, जहां 1980 से लगातार पार्टी की जीत होती रही है। क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण दोनों प्रकार की आबादी निवास करती है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: प्रतापगढ़
विधानसभा क्रमांक: 244
लोकसभा क्षेत्र: प्रतापगढ़
आरक्षण: सामान्य (अनारक्षित)
अनुमानित आबादी: अनुमानित 3 लाख से अधिक
साक्षरता दर: 61-65%
लिंग अनुपात: 940-960/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 85-87%
मुस्लिम: 12-13%
अन्य समुदाय: 1-2%
अनुसूचित जाति: 15-20%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 1,65,316
विजेता: अराधना मिश्रा 'मोना' (कांग्रेस)
वोट शेयर: 51.0%
उपविजेता: नागेश प्रताप सिंह (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 52.1%
रामपुर खास विधानसभा, उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की सीट संख्या 244, पिछले चार दशकों से कांग्रेस का अभेद्य गढ़ बनी हुई है। 1980 से लगातार प्रमोद तिवारी और फिर उनकी बेटी आराधना मिश्रा ‘मोना’ यहां जीत दर्ज करती आ रही हैं। 2013 में प्रमोद तिवारी के राज्यसभा जाने के बाद मोना ने उपचुनाव में जीतकर यह विरासत संभाली और 2022 में हैट्रिक लगाते हुए भाजपा को कड़ी चुनौती के बावजूद 14,741 वोटों से हराया। कुल 3,22,108 मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में 52.35% मतदान हुआ, जिसमें मोना को 50.27% वोट मिले, जबकि भाजपा के नागेश प्रताप सिंह को 41.49% वोट मिले। ब्राह्मण, क्षत्रिय, ओबीसी, दलित और मुस्लिम. सभी समुदाय यहां निर्णायक भूमिका निभाते हैं, लेकिन जातीय समीकरणों पर तिवारी परिवार का प्रभाव हावी रहता है। स्थानीय विकास कार्य, लगातार जनसंपर्क और मजबूत पारिवारिक नेतृत्व ने कांग्रेस की पकड़ को अटूट बनाए रखा है, जबकि भाजपा और बसपा बार-बार कोशिश के बावजूद इस गढ़ को नहीं भेद पाई हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
अराधना मिश्रा ‘मोना’ कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की रामपुर खास सीट से तीन बार लगातार चुनी गई विधायक हैं। 20 अप्रैल 1974 को प्रयागराज में जन्मी मोना, कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.कॉम और एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 1999 में अंबिका मिश्रा से विवाह किया और एक बेटे व एक बेटी की मां हैं। 2014 उपचुनाव से विधायक बनने के बाद 2017 और 2022 में भी जीत दर्ज कर उन्होंने लगातार अपनी पकड़ मजबूत रखी। इससे पहले वे तीन बार प्रतापगढ़ में ब्लॉक प्रमुख भी रह चुकी हैं और एनजीओ के जरिए ग्रामीण विकास व सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। 2022 के हलफनामे के मुताबिक उन पर 6 आपराधिक मामले है।
रामपुर खास विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में रामपुर खास विधानसभा में राजनीति और जनचर्चा का केंद्र स्थानीय विकास, किसानों की समस्याएं, रोजगार, सामाजिक समीकरण और महिला कल्याण जैसे मुद्दे रहे। क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की लगातार मांग उठी, जबकि कृषि प्रधान होने के कारण गन्ना, गेहूं, धान व बागवानी फसलों के उचित मूल्य, सिंचाई और मंडी की सुविधा बड़े सवाल बने रहे। युवाओं के लिए शिक्षा, कोचिंग, स्वरोजगार और रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत महसूस की गई, वहीं महिला सुरक्षा और कल्याण योजनाओं को लेकर भी आवाजें उठीं। जातीय संतुलन सवर्ण, ओबीसी, दलित और मुस्लिम समुदाय राजनीतिक समीकरणों में अहम रहा, जिसमें कांग्रेस और तिवारी परिवार का पारंपरिक प्रभाव, विशेषकर आराधना मिश्रा ‘मोना’ का नेतृत्व, निर्णायक साबित हुआ। भाजपा ने चुनौती दी, लेकिन स्थानीय प्रभाव और वंशवादी राजनीति ने चुनावी परिणामों को आकार दिया। कुल मिलाकर, विकास, किसान हित, रोजगार और सामाजिक संतुलन रामपुर खास की राजनीतिक दिशा तय करने वाले प्रमुख मुद्दे रहे।