अमरोहा विधानसà¤à¤¾ सीट - Amroha
अमरोहा |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री महबूब अली |
| जिला | Amroha |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | समाजवादी पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | अमरोहा |
अमरोहा विधानसभा सीट
अमरोहा विधानसभा सीट (क्रमांक 41) उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में स्थित है और अमरोहा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को कवर करती है। अमरोहा सीट पर कोई आरक्षण नहीं है और यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से बड़ा और सामाजिक दृष्टि से संतुलित माना जाता है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: अमरोहा
विधानसभा क्रमांक: 41
लोकसभा क्षेत्र: अमरोहा
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: 2.5-3 लाख
नगर जनसंख्या:1.98 लाख
साक्षरता: 63.8%
लिंग अनुपात: 910/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 55-59%
मुस्लिम: 40-45%
अन्य समुदाय: 1-2% से कम
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,23,179
विजेता: मेहबूब अली (सपा)
वोट शेयर: 57.7%
उपविजेता: राम सिंह सैनी (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 71.0%
अमरोहा विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास देखें तो पिछले कई सालों से यहां समाजवादी पार्टी का दबदबा बना हुआ है, खासकर महबूब अली के नेतृत्व में। वे इस सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं और 2012, 2017 और 2022 के चुनावों में उन्होंने जीत दर्ज की है। यहां आम तौर पर सपा और बसपा के बीच ही सीधा मुकाबला होता है, जबकि बीजेपी और कांग्रेस की पकड़ थोड़ी कमजोर रही है। अमरोहा मुस्लिम बहुल इलाका है, जहां करीब 70% वोटर मुस्लिम समुदाय से हैं, वहीं जाट, सैनी और किसान वर्ग भी चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाते हैं। 2017 में महबूब अली ने बसपा के नौशाद अली को 15,000 से ज्यादा वोटों से हराया था, और 2022 में भी उन्होंने अपनी जीत बरकरार रखी। उस साल कुल वोटरों की संख्या करीब 3 लाख थी, जिसमें महिलाओं और पुरुषों की भागीदारी लगभग बराबर थी। कुल मिलाकर, अमरोहा सीट पर पिछले कुछ वर्षों से सपा की पकड़ मजबूत बनी हुई है और महबूब अली इसके सबसे मजबूत चेहरा हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
महबूब अली समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और अमरोहा विधानसभा सीट से 2002 से लगातार विधायक चुने जा रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 2002 में राष्ट्रीय परिवर्तन दल से की थी, लेकिन बाद में सपा में शामिल हो गए और तभी से इस क्षेत्र में पार्टी का मजबूत चेहरा बने हुए हैं। वे अब तक यूपी सरकार में वक्फ, रेशम, वस्त्र और लघु सिंचाई जैसे विभागों में मंत्री रह चुके हैं। करीब 69 साल के महबूब अली की शिक्षा 12वीं तक है और पेशे से वे खेती से जुड़े हुए हैं। उनके परिवार में पत्नी सकीना बेगम और बेटा परवेज़ अली हैं। उन्होंने कुछ बयान ऐसे भी दिए हैं जो विवादों में आए, खासकर मुस्लिम आबादी को लेकर, जिनसे सपा ने खुद को अलग कर लिया था। हालांकि, उनके खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ एक मामला दर्ज है।
अमरोहा विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
अमरोहा विधानसभा सीट, जो उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में है, पिछले पांच सालों में कई अहम राजनीतिक, सामाजिक और विकास से जुड़े मुद्दों का केंद्र रही है। यहां समाजवादी पार्टी का खासा दबदबा रहा है, और महबूब अली पिछले चार बार से लगातार विधायक चुने जाते रहे हैं। अमरोहा में आमतौर पर सपा और बसपा के बीच सीधा मुकाबला देखा गया है। जिले की नौगांवा सादात सीट पर 2020 में उपचुनाव हुआ, जिसमें चेतन चौहान के निधन के बाद बीजेपी ने उनकी पत्नी को मैदान में उतारा था। अमरोहा एक मुस्लिम बहुल इलाका है, जहां करीब 70% आबादी मुस्लिम समुदाय की है, जबकि जाट और सैनी जैसे समुदायों का भी अच्छा प्रभाव है। किसानों की संख्या भी यहां काफी है और किसान आंदोलन के दौरान यह क्षेत्र चर्चा में रहा। नौगांवा सादात में अल्पसंख्यक और दलित वोटरों की संख्या भी बड़ी है। विकास के मोर्चे पर देखें तो क्षेत्र में रोजगार की कमी, उद्योगों का अभाव, और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली बड़े मुद्दे बने हुए हैं। अस्पतालों में जरूरी डॉक्टरों और सुविधाओं की भारी कमी है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ढांचे का अभाव भी चिंता का विषय बना हुआ है। इन सभी समस्याओं ने अमरोहा की राजनीति और समाज को बीते वर्षों में गहराई से प्रभावित किया है।