औराई विधानसभा सीट - Bhadohi

औराई

वर्तमान विधायक
दीनानाथ भाष्कर
जिला
Bhadohi
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
भदोही
औराई विधानसभा सीट
औराई उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की एक अनुसूचित जाति (SC) आरक्षित विधानसभा सीट है। इसका विधानसभा क्रमांक 394 है, और यह भदोही लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। औराई की स्थापना 2001 में की गई थी। क्षेत्र में ग्रामीण व शहरी जनसंख्या का मिश्रण है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: भदोही
विधानसभा क्रमांक: 394
लोकसभा क्षेत्र: भदोही
आरक्षण: अनुसूचित जाति (SC)
अनुमानित आबादी: 441,427
साक्षरता दर: 68.97%
लिंग अनुपात: 941/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 85%
मुस्लिम: लगभग 14%
अन्य समुदाय: लगभग 1% (ईसाई, सिख, जैन आदि)
अनुसूचित जाति: लगभग 20%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,22,540
विजेता: दिनानाथ भास्कर (भाजपा)
वोट शेयर: लगभग 52%
उपविजेता: अंजनी (सपा)
मतदान प्रतिशत: 59.3%
औराई विधानसभा, बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित है और इसका गठन 1967 में हुआ था। यहां का चुनावी इतिहास हमेशा से विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा का गवाह रहा है। जनता पार्टी, कांग्रेस, जनता दल (यू), भाजपा, आरजेडी और संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी सभी को कभी न कभी जीत मिली है। 2009 के बाद से भाजपा के रामसूरत राय और आरजेडी के सुरेंद्र कुमार यादव इस सीट पर प्रमुख प्रतिद्वंद्वी रहे और 2010 व 2015 के चुनावों में दोनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। 2020 में रामसूरत राय ने बड़े अंतर से जीत हासिल कर रिकॉर्ड बनाया। इस क्षेत्र में यादव-मुस्लिम समुदाय की मजबूत मौजूदगी चुनावी समीकरणों में अहम भूमिका निभाती है। वहीं 2022 के चुनाव में भाजपा के दिनानाथ भास्कर ने 93,691 वोट पाकर सपा के अंजनी को मात्र 1,647 वोटों से हराया। उस चुनाव में मतदान लगभग 55 से 57 प्रतिशत रहा। कुल मिलाकर, यह विधानसभा जातीय समीकरणों, सामाजिक-धार्मिक विविधता और विकास के मुद्दों पर टिकी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का अहम केंद्र रही है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
दिनानाथ भास्कर उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की औराई विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। रामगढ़ (चंदौली) में जन्मे भास्कर अनुसूचित जाति (चमार) समुदाय से आते हैं। उन्होंने परास्नातक तक शिक्षा प्राप्त की है और कृषि के साथ-साथ पेंशनभोगी जीवन से जुड़े हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा काफी लंबी और मजबूत रही है। वे बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक सदस्यों में रहे और बाद में विभिन्न दलों के साथ सक्रिय राजनीति की। 2017 से वे भाजपा के टिकट पर लगातार जीत दर्ज कर रहे हैं और उत्तर प्रदेश विधानसभा के अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। चुनाव आयोग को दिए हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले का उल्लेख है।
औराई विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में औराई विधानसभा क्षेत्र कई बुनियादी और सामाजिक चुनौतियों से जूझता रहा है। विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और अधूरे प्रोजेक्ट लोगों की सबसे बड़ी शिकायत बनी रही। बारिश और बाढ़ के मौसम में सड़कों व पुलों की खराब हालत से आवागमन बाधित होता है, वहीं जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से हर साल जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी बेहतर नहीं है। सरकारी स्कूलों में संसाधनों की कमी और शिक्षकों की अनुपस्थिति तो है ही, साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर और दवाओं का अभाव लोगों की मुश्किलें बढ़ाता है। किसान सिंचाई, न्यूनतम समर्थन मूल्य और कृषि ऋण की मांग लगातार उठाते रहे। युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर न मिलने से असंतोष बढ़ा है, जबकि गरीब तबका आवास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित रह जाता है। महिलाओं की सुरक्षा, बालिकाओं की शिक्षा, सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और पर्यावरण व स्वच्छता पर ध्यान देने की मांग भी जोर पकड़ती रही। इन सभी मुद्दों ने मिलकर औराई विधानसभा की राजनीति और विकास की दिशा को गहराई से प्रभावित किया है।

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