Auraiya विधानसà¤à¤¾ सीट - Auraiya
Auraiya |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्रीमती गुड़िया देवी |
| जिला | Auraiya |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | इटावा |
औरैया विधानसभा सीट
औरैया, उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक ज़िला है, जिसे 17 सितंबर 1997 को इटावा से अलग करके बनाया गया था। इसमें औरैया और बिधूना तहसीलें शामिल हैं। ज़िला मुख्यालय औरैया नगर है, जो एनएच-19 (मुगल रोड) पर स्थित है– कानपुर से 105 किमी पूर्व और इटावा से 64 किमी पश्चिम की दूरी पर। यह ज़िला उपजाऊ गंगा के मैदानों में स्थित है और कानपुर मंडल का हिस्सा है। औरैया विधानसभा (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 204) उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित औरैया जनपद के औरैया शहर तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करता है। यह इटावा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और राजनीतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है। 2017 से यह सीट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गढ़ रही है।
जनसांख्यिकी (2011 जनगणना)
कुल जनसंख्या: 13,79,545
शहरी: 2,34,205
ग्रामीण: लगभग 11 लाख
लिंगानुपात: 864/1,000
साक्षरता दर: 80.25%
धार्मिक संरचना (अनुमानित):
हिंदू: लगभग 85-90%
मुस्लिम: लगभग 10-12%
अन्य: 1% से कम
जाति संरचना:
दलित: लगभग 25-30% (प्रमुख जातियाँ: पासी, जाटव)
ओबीसी: यादव, शाक्य, लोध (35-40%)
सवर्ण: ब्राह्मण, राजपूत (20-25%)
हालिया चुनाव नतीजे और रुझान
2022 विधानसभा चुनाव
विजेता: गुडिया कठेरिया (भाजपा)
वोट शेयर: 45.6%
उपविजेता: जितेंद्र दोहरे (सपा)
मतदान प्रतिशत: 58.5%
2017 से यूपी की इस विधानसभा सीट पर भाजपा का दबदबा बना हुआ है, जिसे ब्राह्मण, क्षत्रिय और लोधी/पाल समुदायों के समर्थन ने मजबूत किया। 2022 में 57.55% मतदान हुआ, जिसमें भाजपा की गुड़िया कठेरिया ने सपा के जितेंद्र दोहरे को 22,447 वोटों से हराया। सपा को यादव-मुस्लिम गठजोड़ से 66,184 वोट मिले, लेकिन जातीय समीकरण भाजपा के पक्ष में रहा। 2012 में सपा के मदन सिंह ने यादव-दलित एकता के बल पर जीत हासिल की थी। वहीं बसपा, जो 2007 में शेखर की जीत से मजबूत थी, 2022 में लगभग 18% वोट शेयर तक सिमट गई और चुनावी दौड़ से बाहर होती नजर आई।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
गुडिया कठेरिया, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता, वर्तमान में उत्तर प्रदेश की औरैया सदर (अनुसूचित जाति आरक्षित) विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनका जन्म 15 जनवरी 1976 को कानपुर में हुआ था, और उन्होंने आठवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है। वे भाजपा महिला मोर्चा की औरैया जिला अध्यक्ष और कानपुर मंडल की उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को लगभग 23,000 से अधिक वोटों से हराकर जीत हासिल की थी। वे औरैया सदर सीट से चुनी जाने वाली पहली महिला विधायक हैं और योगी सरकार में महिला एवं बाल विकास स्थायी समिति की सदस्य हैं। माईनेता व चुनाव आयोग के हलफनामों के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और न ही किसी विवाद में उनका नाम आया है।
औरैया विधानसभा के पिछले 5 साल
2022 में भाजपा की जीत के बावजूद राजनीतिक अस्थिरता और जातीय ध्रुवीकरण की स्थिति बनी रही, जहाँ दलित (25-30%) और ओबीसी (35-40%) समुदायों के बीच राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर मतभेद स्पष्ट हैं। आर्थिक रूप से क्षेत्र बेरोजगारी और कृषि संकट से जूझ रहा है—जहाँ युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के सीमित अवसर मिलते हैं और यमुना बेसिन में जलभराव व सोडिक मिट्टी के कारण कृषि भूमि प्रभावित है। गेहूं-आलू जैसी सीमित फसल प्रणाली ने संकट को और गहरा किया है। बुनियादी ढाँचे की बात करें तो स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी, तकनीकी शिक्षा का अभावत्र और ग्रामीण क्षेत्रों में खराब सड़कों व डिजिटल संसाधनों की कमी जैसी समस्याएँ सामने हैं। पर्यावरणीय दृष्टि से, यमुना नदी में प्रदूषण और भूजल स्तर में गिरावट चिंता का विषय है। वहीं, सामाजिक समस्याओं में महिला सुरक्षा की गिरती स्थिति और ग्रामीण इलाकों में खुले में शौच जैसी परंपराएं शामिल हैं।