बछरावां विधानसभा सीट - Raebareli

बछरावां

वर्तमान विधायक
श्री श्याम सुन्दर
जिला
Raebareli
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
रायबरेली
बछरावां विधानसभा सीट
बछरावां विधानसभा उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले की एक महत्वपूर्ण और सामाजिक रूप से विविध सीट है। यह विधानसभा क्रमांक 177 है और रायबरेली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है। क्षेत्र शहरी और ग्रामीण आबादी से मिलकर बना है और कृषिप्रधान समाज के लिए जाना जाता है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: रायबरेली
विधानसभा क्रमांक: 177
लोकसभा क्षेत्र: रायबरेली
आरक्षण: अनुसूचित जाति (SC)
अनुमानित आबादी: लगभग 3,37,000
साक्षरता दर: 70-72% (जिला)
लिंग अनुपात: 918/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 85%
मुस्लिम: 14-15%
अन्य समुदाय: लगभग 1%
अनुसूचित जाति: 21-23%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,07,312
विजेता: श्याम सुंदर भारती (सपा)
वोट शेयर: 31.7%
उपविजेता: लक्ष्मीकांत (अपना दल (सोनेलाल))
मतदान प्रतिशत: 62.0%
बछरावां विधानसभा, रायबरेली जिले की एक अहम और अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीट, हमेशा से ही राजनीतिक मुकाबले का केंद्र रही है। 1957 से 1980 तक यहां कांग्रेस का दबदबा रहा, लेकिन समय के साथ समीकरण बदलते गए. 1993 में भाजपा, 1996 में बसपा, 2002 और 2012 में सपा ने जीत दर्ज की, जबकि 2017 में भाजपा के राम नरेश रावत विजयी हुए। 2022 में सपा के श्याम सुंदर भारती ने 31.38% वोट पाकर जीत हासिल की, जहां उनका सामना अपना दल (सोनेलाल) के लक्ष्मीकांत से हुआ, जिन्हें 30.04% वोट मिले। कांग्रेस के सुशील पासी 27.13% के साथ तीसरे स्थान पर रहे, जबकि बसपा को 6.55% वोट मिले। महज़ 2,812 वोटों के अंतर वाली इस जीत ने साफ कर दिया कि यहां सपा, भाजपा और स्थानीय दलों के बीच मुकाबला बेहद करीबी है। कुल 3.37 लाख मतदाताओं और लगभग 60–62% मतदान के बीच जातीय समीकरण, किसान हित और स्थानीय विकास के मुद्दे अब भी जीत-हार तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
श्याम सुंदर भारती, समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य, रायबरेली जिले की बछरावां (SC आरक्षित) सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। 54 वर्षीय भारती पेशे से किसान हैं और बाराबंकी जिले के थकुरपुर गांव में जन्मे हैं। 10वीं पास शैक्षिक योग्यता के साथ वे लंबे समय से स्थानीय समाज में सक्रिय रहे हैं। 2022 में सपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने। उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है, जो मुख्यतः आम चुनावी प्रकृति का है और किसी गंभीर अपराध से जुड़ा नहीं है।
बछरावां विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में बछरावां विधानसभा की राजनीति और जनजीवन किसानों की समस्याओं, बुनियादी सुविधाओं की कमी और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। गन्ना, धान और गेहूं की खेती से जुड़े समर्थन मूल्य, सिंचाई, खाद-बीज और समय पर भुगतान की दिक्कतें किसानों के लिए बड़ी चिंता बनीं, वहीं पेयजल, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी गांव-गांव में चर्चा का विषय रही। युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कोचिंग और प्रशिक्षण का अभाव, बेरोजगारी को और गहरा करता रहा। जातीय रूप से संतुलित इस क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बनाए रखना और जातीय समीकरणों को साधना राजनीतिक दलों की रणनीति का अहम हिस्सा रहा। महिला सुरक्षा, बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण योजनाओं की स्थिति भी लगातार बहस में रही। इसके साथ ही धीमी विकास योजनाएं, प्रशासनिक पारदर्शिता की कमी और जन सुनवाई में लापरवाही पर जनता ने नाराजगी जताई। राजनीतिक रूप से यहां भाजपा, सपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबले ने चुनावी माहौल को रोचक बनाए रखा, जो स्थानीय और राष्ट्रीय दोनों स्तर के समीकरणों से प्रभावित होता रहा।

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