बागपत विधानसभा से विधायक योगेश धामा का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
बागपत विधानसभा
योगेश धामा भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं और बागपत विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका राजनीतिक सफर राष्ट्रीय लोकदल से शुरू हुआ और बाद में भाजपा में शामिल होकर उन्होंने 2017 तथा 2022 में लगातार दो बार जीत दर्ज की। जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में लंबे अनुभव और जाट किसान राजनीति में मजबूत पकड़ के कारण वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार उनके खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
शैक्षिक योग्यता और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
- शिक्षा: स्नातक, दिल्ली विश्वविद्यालय स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग।
- पेशा: कृषि एवं गैस एजेंसी संचालन।
- जाट समुदाय से संबंध रखते हैं।
- पत्नी रेनू धामा जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं।
- किसान और ग्रामीण समाज में मजबूत जनाधार रखते हैं।
राजनीतिक सफर
- राष्ट्रीय लोकदल में लगभग 15 वर्षों तक सक्रिय भूमिका निभाई।
- लगातार कई वर्षों तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहे।
- 2017 से पहले भाजपा में शामिल हुए।
- 2017 में पहली बार विधायक बने और अहमद हमीद को हराया।
- 2022 में रालोद उम्मीदवार अहमद हमीद को पुनः हराकर दूसरी बार विधायक बने।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जाट राजनीति के प्रभावशाली चेहरों में शामिल हुए।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
- ग्रामीण सड़कों, पंचायत भवनों और आधारभूत ढांचे के विकास पर कार्य किया।
- गन्ना किसानों के भुगतान और सिंचाई संबंधी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
- बागपत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण तथा ड्रेनेज सुधार की पहल की।
- ग्रामीण विकास और स्थानीय निकायों के सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया।
- कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के मुद्दों पर मुखर भूमिका निभाई।
- जाट, ओबीसी और अन्य समुदायों के बीच सामाजिक समन्वय की राजनीति को बढ़ावा दिया।
बागपत के प्रमुख नेता
- योगेश धामा वर्तमान विधायक और जाट राजनीति के प्रमुख क्षेत्रीय चेहरों में गिने जाते हैं।
- अहमद हमीद रालोद और बसपा से जुड़े प्रभावशाली नेता रहे हैं।
- अजीत सिंह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति के दिग्गज नेता और रालोद संस्थापक रहे हैं।
- रेनू धामा जिला पंचायत राजनीति की प्रमुख महिला नेता रही हैं।