बहेरी विधानसभा से विधायक अता उर रहमान का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
बहेरी विधानसभा
अता उर रहमान समाजवादी पार्टी के विधायक हैं और बरेली जिले की बहेरी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे 2012 और 2022 में विधायक चुने गए तथा सपा सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं। तराई क्षेत्र की समस्याओं, किसान मुद्दों और अल्पसंख्यक समुदाय के सवालों को उठाने के लिए वे जाने जाते हैं। चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
शैक्षिक योग्यता और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
- जन्म: 10 जनवरी 1968, बरेली।
- शिक्षा: इंजीनियरिंग डिप्लोमा, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (1989)।
- पेशा: राजनीति एवं सामाजिक कार्य।
- सपा के प्रदेश महासचिव के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
- तराई क्षेत्र में मजबूत जनाधार रखने वाले मुस्लिम नेता माने जाते हैं।
राजनीतिक सफर
- प्रारंभिक राजनीतिक जीवन बसपा से शुरू हुआ।
- 2012 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर पहली बार विधायक बने।
- 2017 में चुनाव हारने के बाद भी क्षेत्र में सक्रिय रहे।
- 2022 में दोबारा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे।
- भाजपा के छत्रपाल सिंह को करीबी मुकाबले में हराया।
- सपा के प्रमुख तराई क्षेत्रीय नेताओं में शामिल हुए।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
- गन्ना भुगतान, सिंचाई और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
- ग्रामीण सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास की मांग की।
- नहरों की सफाई और जलभराव की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया।
- अस्पतालों और शिक्षा संस्थानों की स्थिति सुधारने के मुद्दे उठाए।
- PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) एकता के पक्षधर नेता के रूप में पहचान बनाई।
- धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाते रहे हैं।
बहेरी के प्रमुख नेता
- अता उर रहमान दो बार विधायक और सपा के प्रमुख मुस्लिम नेताओं में गिने जाते हैं।
- छत्रपाल सिंह भाजपा के वरिष्ठ नेता और दो बार विधायक रह चुके हैं।
- मंजूर अहमद समाजवादी राजनीति के पुराने क्षेत्रीय चेहरों में शामिल रहे हैं।
- हरीश चंद्र गंगवार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं।
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