बलहा विधानसà¤à¤¾ सीट - Bahraich
बलहा |
|
|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्रीमती सरोज सोनकर |
| जिला | Bahraich |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | बहराइच |
बलहा विधानसभा सीट
बलहा (विधानसभा सीट संख्या 282) एक अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र है, जो उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित है। यह क्षेत्र 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया और यह बहराइच लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। कृषि प्रधान और ग्रामीण जनसंख्या वाला यह क्षेत्र 2012 से भाजपा का गढ़ बना हुआ है। यहां एससी और ओबीसी समुदायों की चुनावी नतीजों में अहम भूमिका रहती है।
जनसंख्या
- कुल मतदाता (2022): 3,62,718
- अनुमानित जनसंख्या: लगभग 4–4.5 लाख
- साक्षरता दर: लगभग 55–60%
धार्मिक और जातीय संरचना
- अनुसूचित जाति: लगभग 25–30%
- मुस्लिम जनसंख्या: लगभग 15–20%
- ओबीसी: लगभग 35–40%
- सवर्ण: 10–15%
- जनजातीय समूह: 2–5%
राजनीतिक इतिहास और रुझान
2022 विधानसभा चुनाव परिणाम
- विजेता: सरोज सोनकर (भाजपा)
- प्राप्त वोट: 47.4%
- उपविजेता: अक्षैबर नाथ कनौजिया (सपा)
- मतदान प्रतिशत: 59.22%
बलहा विधानसभा सीट (सीट संख्या 282), उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित एक अनुसूचित जाति (SC) आरक्षित क्षेत्र है, जो 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया और बहराइच लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इस सीट पर 2012 से 2022 के बीच भाजपा का प्रभावी वर्चस्व रहा है, जिसने पाँच में से चार चुनाव (2012, 2017, 2019 उपचुनाव और 2022) जीते हैं; केवल 2015 का उपचुनाव सपा ने जीता। दलित समुदायों—पासी, धोबी और चमार—में भाजपा की पकड़ मजबूत रही है, जिसका असर वोट शेयर में दिखा (2017 में 51.46% और 2022 में 46.78%)। दूसरी ओर, सपा का प्रदर्शन कमजोर रहा, 2022 में उसका वोट शेयर 39.06% तक सिमट गया, जबकि OBC और मुस्लिम वोटों का अपेक्षित समेकन नहीं हो सका। वहीं दलित वोट बैंक भाजपा की ओर शिफ्ट होने के कारण बसपा का प्रभाव भी लगातार घटा है—2012 में 28.42% से गिरकर 2022 में मात्र 7.25% रह गया।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
सरोज सोनकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता हैं और उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की बलहा विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक हैं। उन्होंने 2019 के उपचुनाव में पहली बार जीत दर्ज की और 2022 में दोबारा निर्वाचित हुईं, जहां उन्होंने 1,00,483 मत (46.78%) प्राप्त कर 16,573 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। अनुसूचित जाति समुदाय से ताल्लुक रखने वाली सरोज सोनकर का राजनीतिक सफर भाजपा के साथ जुड़ा है और उन्होंने अपने क्षेत्र में SC कल्याण योजनाओं और जनजातीय विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया है। उनकी उम्र 49 वर्ष (2022 के अनुसार) है और वह डॉ. सुरेश कुमार सोनकर की पुत्री हैं। पेशे से वह कृषि और स्वरोजगार से जुड़ी हैं। 2022 के चुनावी शपथपत्र के अनुसार, उनकी कुल निजी संपत्ति ₹2.89 करोड़ है, जबकि उनके पति की संपत्ति ₹37.93 लाख (आईटीआर 2021-22 के अनुसार) है। लखनऊ के इंदिरा नगर में उनके पास 686 वर्ग फुट का एक फ्लैट और बहराइच में 0.730 हेक्टेयर कृषि भूमि है। शिक्षा संबंधी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। अपराध की बात करें तो उनके खिलाफ अब तक कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
बलहा विधानसभा के पिछले 5 साल
पिछले पांच वर्षों में क्षेत्र के सामने कई अहम मुद्दे उभरकर सामने आए हैं। कृषि संकट गहराता गया है, जिसमें खासकर गन्ना किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का भुगतान समय पर नहीं मिलना और रिसिया व महसी जैसे गांवों में सिंचाई व्यवस्था की कमी शामिल है। बुनियादी ढांचे की हालत भी चिंताजनक रही है — दूर-दराज के क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहद कमजोर है और 200 से अधिक गांवों के लिए केवल एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध है। बेरोजगारी के चलते बड़ी संख्या में युवा पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। चुनावी समीकरणों की बात करें तो भाजपा पासी-धोबी जैसे एससी समुदायों के समर्थन के चलते मजबूत स्थिति में दिखती है, जबकि बसपा अपने पारंपरिक वोट बैंक को लगातार खो रही है। वहीं, सपा मुस्लिम और ओबीसी मतदाताओं के गठजोड़ पर निर्भर है, जो संयुक्त रूप से करीब 55–60% तक पहुंचता है। भाजपा हिंदू मतों की एकजुटता पर फोकस करती है और पीएम आवास योजना व उज्ज्वला योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने में सफल रही है।