बांदा विधानसà¤à¤¾ सीट - Banda
बांदा |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री प्रकाश द्विवेदी |
| जिला | Banda |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | बांदा |
बांदा विधानसभा क्षेत्र
बांदा विधानसभा क्षेत्र उत्तर प्रदेश की विधानसभा सीट संख्या 235 है, जो बांदा जिले के अंतर्गत आती है। यह बांदा लोकसभा क्षेत्र के पाँच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है और बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित है। यह सीट सामान्य वर्ग (अनारक्षित) की है और यहां बहु-दलीय मुकाबले होते रहे हैं। वर्ष 2022 में भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के प्रकाश द्विवेदी वर्तमान विधायक हैं।
जनसंख्या
विधानसभा क्षेत्र संख्या: 235
जिला: बांदा
लोकसभा क्षेत्र: बांदा
आरक्षण स्थिति: सामान्य (अनारक्षित)
जिले की जनसंख्या (2011): 17,99,410
कुल मतदाता (2022): 3,10,282
साक्षरता दर: 66.67%
धार्मिक और समुदाय आधारित विभाजन
हिंदू: 91.00%
मुस्लिम: 8.76%
ईसाई: 0.08%
सिख: 0.01%
राजनीतिक इतिहास और हाल के नतीजे
2022 विधानसभा चुनाव के नतीजे
विजेता: प्रकाश द्विवेदी (भाजपा)
वोट शेयर: 41.34%
उपविजेता: मंजुला सिंह (सपा)
मतदान प्रतिशत: 60.6%
बांदा विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास बहुकोणीय मुकाबलों से भरा रहा है, जहाँ कांग्रेस, भाजपा, बसपा और सपा के बीच लगातार संघर्ष देखने को मिला है। 1960 से 1990 के दशक तक कांग्रेस का क्षेत्र में प्रभावशाली दबदबा था, लेकिन 1993 में भाजपा के राजकुमार शिवहरे की जीत के साथ भाजपा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 2000 के दशक में कांग्रेस और बसपा ने बारी-बारी से इस सीट पर जीत हासिल की, जिसमें 2002 में बसपा के बाबूलाल कुशवाहा और 1991 में नसीमुद्दीन सिद्दीकी की जीत उल्लेखनीय रही। हालांकि, 2017 और 2022 में भाजपा के प्रकाश द्विवेदी की लगातार जीत ने पार्टी को मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया। 2022 के चुनाव में उन्होंने सपा की मंजुला सिंह को हराया, जबकि 2017 में भाजपा ने बसपा को बड़े अंतर से पराजित किया था। 2012 और 2007 में कांग्रेस और बसपा के बीच कड़ा मुकाबला रहा, लेकिन हाल के वर्षों में भाजपा और सपा ही मुख्य दावेदार बनकर उभरे हैं। हालांकि भाजपा ने 2017 और 2022 में जीत दर्ज की, लेकिन उसका वोट शेयर 45.61% से घटकर 41.34% रह गया, जबकि सपा ने धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत की है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
प्रकाश द्विवेदी, भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं जो 2017 और 2022 में बांदा विधानसभा सीट से लगातार विजयी रहे हैं। वे कृषि और व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। आपराधिक मामलों की बात करें तो उनके खिलाफ दो केस दर्ज हैं, एक CJM कोर्ट में लंबित है और दूसरा कोतवाली नगर, बांदा में दर्ज है। हालांकि, अभी तक किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है और कोई सजा नहीं हुई है। 2017 में विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने हलफनामे में कुछ आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई, जिस पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया था।
बांदा विधानसभा क्षेत्र: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
बांदा विधानसभा क्षेत्र में विकास से जुड़ी कई प्रमुख समस्याएं वर्षों से बनी हुई हैं। शहर और ग्रामीण इलाकों में जर्जर सड़कें, गड्ढों की भरमार और यातायात की अव्यवस्था लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती रही है। विधायक के प्रयासों से बाईपास सौंदर्यीकरण और यातायात सुधार की कुछ योजनाएँ बनीं जरूर, लेकिन उनका कई जगह अधूरा या बेहद धीमा रहा। वहीं, जिला पंचायत और स्थानीय निकायों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनमें 56 करोड़ रुपये के गबन का मामला प्रमुख है और इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग उठ चुकी है। बजट वितरण को लेकर विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष के बीच टकराव ने विकास कार्यों को और बाधित किया है। कानून व्यवस्था भी चिंता का विषय रही है, विशेषकर पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर, राघवेंद्र बाजपेई की हत्या जैसे मामलों ने शासन पर सवाल खड़े किए। शहरीकरण की दिशा में ट्रैफिक जाम, अतिक्रमण और बाजार की अव्यवस्था अब भी बड़ी चुनौतियाँ हैं, जबकि कई योजनाओं की घोषणा हो चुकी है। इसके अलावा, केन नदी के पास स्थित होने के बावजूद गर्मियों में जल संकट और किसानों के लिए सिंचाई की समस्याएं अब भी गंभीर बनी हुई हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं पहुंच रहा है।