बांगरमऊ विधानसà¤à¤¾ सीट - Unnao
बांगरमऊ |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री श्रीकान्त कटियार |
| जिला | Unnao |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | उन्नाव |
बांगरमऊ विधानसभा सीट
बांगरमऊ विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित है। यह विधानसभा क्षेत्र उन्नाव लोकसभा क्षेत्र के छह विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। यह सामान्य वर्ग की सीट है और जिले का प्रमुख राजनीतिक क्षेत्र भी माना जाता है। बांगरमऊ नगर पालिका परिषद का मुख्यालय भी इसी क्षेत्र में है। बांगरमऊ विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक यात्रा काफी प्रसिद्ध है। यह सीट पिछले कई दशकों से राजनैतिक बदलाव और विभिन्न दलों के प्रभाव का उदहारण रही है। यहां कभी कांग्रेस का दबदबा था, विशेषकर गोपीनाथ दीक्षित के दौर में। 1993 में सीट समाजवादी पार्टी के खाते में आई, फिर बसपा, सपा, और भाजपा के बीच लगातार सत्ता परिवर्तन होता रहा।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: उन्नाव
विधानसभा क्रमांक: 162
लोकसभा क्षेत्र: उन्नाव
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: लगभग 44,204 (शहरी क्षेत्र)
साक्षरता दर: लगभग 65%
लिंग अनुपात: लगभग 920/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 70%
मुस्लिम: लगभग 20%
अन्य समुदाय: 10%
अनुसूचित जाति: सटीक आकड़े मौजूद नहीं
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,02,260
विजेता: श्रीकांत कटियार (भाजपा)
वोट: 45.0%
उपविजेता: मुन्ना अलवी (सपा)
मतदान प्रतिशत: 56.8%
बांगरमऊ विधानसभा सीट, जिसकी स्थापना 1962 में हुई थी, उन्नाव जिले की सबसे अहम और चर्चित सीटों में गिनी जाती है। शुरुआती दौर में यहां कांग्रेस का दबदबा रहा और गोपीनाथ दीक्षित लगातार चार बार विधायक चुने गए। इसके बाद 1993 में सीट सपा के पास गई, जबकि 1996 और 2002 में बसपा के रामशंकर पाल ने जीत दर्ज की। 2007 और 2012 में सपा ने वापसी की, लेकिन 2017 में पहली बार भाजपा ने कब्जा जमाया, जब कुलदीप सिंह सेंगर विजयी हुए। हालांकि, गंभीर आरोपों के चलते उनकी सदस्यता खत्म हो गई और 2019 उपचुनाव में भाजपा के श्रीकांत कटियार विधायक बने। 2022 में भी उन्होंने सपा के मुन्ना अल्वी को करीब 15,800 वोटों से हराकर सीट बरकरार रखी। इस चुनाव में कुल मतदाता लगभग 3.39 लाख थे, जिनमें से 55% ने वोट डाला। यहां मुस्लिम मतदाता सबसे बड़ी संख्या में हैं, जबकि निषाद, लोधी, एससी-एसटी, ब्राह्मण, क्षत्रिय, यादव, पाल, कुर्मी और अन्य समुदाय भी अहम भूमिका निभाते हैं। जातीय और सामाजिक विविधता के कारण यह सीट हमेशा राजनीतिक रूप से संवेदनशील रही है, जहां सामाजिक न्याय, कानून-व्यवस्था, विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दे चुनावी राजनीति के केंद्र में बने रहते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
श्रीकांत कटियार, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और उन्नाव जिले की बांगरमऊ विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे पहली बार 2020 के उपचुनाव में जीतकर विधानसभा पहुंचे और फिर 2022 के चुनाव में भी जीत हासिल की। अपने क्षेत्र में वे विकास कार्यों और सक्रियता के लिए जाने जाते हैं और भाजपा संगठन के मजबूत स्तंभ माने जाते हैं। क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है। 2022 चुनाव आयोग को दिए शपथ पत्र के मुताबिक, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
बांगरमऊ विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
बांगरमऊ विधानसभा में पिछले पाँच वर्षों में लोगों की चिंताएँ और उम्मीदें कई बड़े मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती रहीं। माखी रेप कांड जैसी घटनाओं के चलते कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा लगातार चर्चा में रही, वहीं शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी भी बड़ी चुनौती बनी रही। चाहे वह स्कूलों में अच्छे शिक्षकों की कमी हो या अस्पतालों में उपकरण और इलाज की दिक्कतें। इसके अलावा, ग्रामीण और शहरी सड़कों की खराब हालत तथा सार्वजनिक परिवहन की अनुपलब्धता ने लोगों को परेशान किया। बेरोजगारी का मुद्दा भी लगातार गूंजता रहा, जहाँ युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों की दरकार रही। साथ ही, पानी-बिजली, सफाई और जलनिकासी जैसी बुनियादी सेवाओं में सुधार की मांग भी उठी। क्षेत्र में अवैध शराब की समस्या और आवारा पशुओं की परेशानी भी बार-बार सामने आती रही। कुल मिलाकर, ये सभी मुद्दे बांगरमऊ के सामाजिक जीवन और विकास की दिशा तय करने में अहम रहे।