बारा विधानसà¤à¤¾ सीट - Allahabad
बारा |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | वाचस्पति |
| जिला | Allahabad |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | अपना दल (सोनेलाल) |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | प्रयागराज (इलाहाबाद) |
बारा विधानसभा क्षेत्र का परिचय
बारा एक अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है, जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित है। यह इलाहाबाद (प्रयागराज) लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पाँच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। वर्ष 2008 से बारा को उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों में से 264वीं सीट के रूप में नामित किया गया है। यह क्षेत्र मुख्य रूप से ग्रामीण है। यह मध्य प्रदेश के रीवा जिले की सीमा से सटा हुआ है।
जनसंख्या और मतदाता आंकड़े
- कुल मतदाता (2017): 3,20,578
- पुरुष: 1,75,340
- महिला: 1,45,238
- मतदान (2022): 61.16%
- मतदान (2017): 59.27%
धार्मिक और सामाजिक समुदाय विभाजन
ब्राह्मण: 1-1.5 लाख
कायस्थ: 70 हजार- 1 लाख
मुस्लिम: 40 हजार
क्षेत्र में अनुसूचित जातियों का प्रभुत्व है, खासकर कोल और चमार समुदाय का।
बारा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा मुख्य रूप से भाजपा, समाजवादी पार्टी और अपना दल (सोनेलाल) के बीच रही है। 2012 से 2017 तक भाजपा और सपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जबकि 2022 में अपना दल (सोनेलाल) ने भाजपा की जगह जीत दर्ज कर राजनीतिक बदलाव का संकेत दिया। क्षेत्र में मतदाता सक्रिय हैं, जहां 2017 में मतदान प्रतिशत 51.83% था, जो 2022 में बढ़कर लगभग 58.5% और कुल टर्नआउट 75.58% रहा। लगभग 0.4% मतदाताओं ने NOTA का विकल्प भी चुना। यह दर्शाता है कि क्षेत्र में राजनीतिक जागरूकता और भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
निर्वाचन और राजनीतिक प्रोफ़ाइल
हालिया चुनाव परिणाम (2022):
- विजेता: वाचस्पति (अपना दल (सोनेलाल))
- उपविजेता: अजय (समाजवादी पार्टी)
- मतदान प्रतिशत: 61.16%
विधायक परिचय और आपराधिक मामले
वाचस्पति उत्तर प्रदेश के बारा विधानसभा क्षेत्र से अपना दल (सोनेलाल) के विधायक हैं और पूर्व में सिराथू से दो बार विधायक रह चुके हैं, हाल ही में गंभीर आपराधिक आरोपों में घिरे हैं। वाचस्पति पर प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के गिरोह के साथ मिलकर जमीनों पर अवैध कब्जा करने, रंगदारी मांगने, धमकी देने और बमबाजी जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। यह एफआईआर प्रयागराज के धूमनगंज थाने में शाह फैसल नामक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई है। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बारा विधानसभा के पिछले 5 साल
पिछले पाँच वर्षों में बारा विधानसभा क्षेत्र में प्रमुख समस्याएँ कृषि संकट, बुनियादी ढांचे की कमी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा, युवाओं के लिए रोजगार की कमी और सामाजिक असमानता रही हैं। कृषि प्रधान इस क्षेत्र में किसानों को सिंचाई, फसल बीमा और आधुनिक कृषि संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ा है। वहीं, खराब सड़कों, अनियमित बिजली और सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं ने ग्रामीण जीवन को कठिन बनाया है। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनी हुई है। बेरोजगारी खासकर युवाओं के बीच एक गंभीर मुद्दा है, जबकि सामाजिक और जातीय संघर्ष भी यहां की राजनीति को प्रभावित करते हैं। ये समस्याएं मतदाताओं की प्राथमिक चिंता रही हैं और चुनावों में राजनीतिक दलों की रणनीतियों को दिशा देती हैं।