बाराबंकी विधानसभा सीट - Barabanki

बाराबंकी

वर्तमान विधायक
श्री धर्मराज सिंह यादव
जिला
Barabanki
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
बाराबंकी
बाराबंकी विधानसभा (विधान सभा) क्षेत्र
बाराबंकी विधानसभा (सीट संख्या 268) उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की एक प्रमुख विधानसभा सीट है। यह बाराबंकी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, जो केंद्रीय यूपी के सबसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गिना जाता है। यह सीट अनारक्षित (सामान्य श्रेणी) है और इसमें बाराबंकी शहर सहित आस-पास के अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। वर्ष 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के धर्मराज सिंह यादव वर्तमान विधायक चुने गए।
जनसंख्या
विधानसभा क्षेत्र संख्या: 268
जिला: बाराबंकी
लोकसभा क्षेत्र: बाराबंकी
आरक्षण स्थिति: सामान्य
कुल मतदाता (2022):  3,71,731
पुरुष: 2,00,150
महिला: 1,71,581
जनसंख्या (2011): 1,47,550
लिंग अनुपात: 884/1000
साक्षरता दर:: 79.34%
पुरुष: 83.02%,
महिला: 75.18%
धार्मिक और सामुदायिक विभाजन
हिन्दू: 76.84%
मुस्लिम: 22.61%
ईसाई: 0.15%
सिख: 0.06%
अन्य: 0.4% से कम
अनुसूचित जातियाँ (SC): लगभग 26.5%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
विजेता: धर्मराज सिंह यादव (सपा)
वोट शेयर: 33.95%
उपविजेता: डॉ. रामकुमारी मौर्य (भाजपा)
बाराबंकी सदर विधानसभा सीट का वर्तमान स्वरूप 2012 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया और यह क्षेत्र लखनऊ से सटा हुआ होने के साथ-साथ जिले का मुख्यालय भी है। इस सीट पर ओबीसी, ब्राह्मण, राजपूत, मुस्लिम और दलित समुदायों की प्रभावशाली उपस्थिति है, जो हर चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। 2012 से लेकर अब तक समाजवादी पार्टी (सपा) का इस सीट पर लगातार दबदबा बना हुआ है। धर्मराज सिंह यादव ने 2012, 2017 और 2022 तीनों चुनावों में जीत दर्ज की है और हर बार जीत का अंतर और बड़ा हुआ है। 2012 में उन्होंने बसपा के संग्राम सिंह को 22,770 वोटों से हराया, 2017 में बसपा के सुरेंद्र सिंह को 29,705 वोटों से और 2022 में भाजपा की डॉ. रामकुमारी मौर्य को 35,050 वोटों के भारी अंतर से पराजित किया। भाजपा जहां 2017 में तीसरे स्थान पर थी, वहीं 2022 में दूसरे स्थान पर आई, लेकिन सपा से फासला अभी भी काफी था। बसपा, जिसने पहले दो चुनावों में दूसरा स्थान हासिल किया था, 2022 में तीसरे स्थान पर खिसक गई। सपा की सफलता में यादव, मुस्लिम और दलित मतदाताओं का समर्थन अहम रहा, जबकि भाजपा ने 2022 में वोट शेयर तो बढ़ाया, लेकिन वह सपा को कड़ी चुनौती नहीं दे सकी।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
धर्मराज सिंह यादव उर्फ सुरेश यादव समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और बाराबंकी विधानसभा सीट से 2012, 2017 और 2022 में लगातार तीन बार विधायक निर्वाचित हुए हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एलएलबी (कानून स्नातक) की डिग्री प्राप्त की है। पेशे से कृषक, टेंट व्यवसायी और समाजसेवी धर्मराज सिंह यादव सपा के प्रभावशाली स्थानीय नेता माने जाते हैं और क्षेत्र में उनका जनसंपर्क व सामाजिक कार्यों में गहरा जुड़ाव है। वे उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रतिनिधित्व विधायन समिति के सदस्य भी रह चुके हैं। यादव, ओबीसी, मुस्लिम, दलित और ग्रामीण मतदाताओं के बीच उनका व्यापक जनाधार है। 2022 के चुनावी शपथपत्र के अनुसार, उनके खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बाराबंकी विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
बाराबंकी विधानसभा क्षेत्र में बेरोजगारी एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है, खासकर लंबे समय से बंद पड़ी कतई (सूत) मिल और बुढ़वल चीनी मिल के चलते स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बेहद सीमित हो गए हैं। क्षेत्र में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की मांग लगातार उठती रही है। शिक्षा के क्षेत्र में भी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। सरकारी उच्च शिक्षा और तकनीकी संस्थानों की कमी के कारण युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु बाहर जाना पड़ता है। बुनियादी ढांचे की बात करें तो जर्जर सड़कें, टूटी-फूटी नालियां, जलभराव और सफाई की कमी, विशेषकर बरसात के समय, शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में आम समस्याएं हैं। स्वास्थ्य सुविधाएं भी संतोषजनक नहीं हैं। सरकारी अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर तो है, लेकिन वह केवल रेफरल सेंटर के रूप में कार्य करता है, जिससे गंभीर मरीजों को लखनऊ जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। ग्रामीण–शहरी कनेक्टिविटी, बिजली, शौचालय और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं में कुछ सुधार तो हुए हैं, लेकिन ग्रामीण जनता अब भी इन्हें अपर्याप्त मानती है। इसके अलावा, जिले के कई हिस्से हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं, जिससे फसलों और जनजीवन को गंभीर नुकसान होता है। वहीं, कानून-व्यवस्था, माफियाओं का प्रभाव और नागरिक सुरक्षा भी क्षेत्र में चुनावी मुद्दे रहे हैं, जहां लोग सुधार चाहते हैं।

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