बड़ौत विधानसभा से विधायक कृष्णपाल सिंह मलिक का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
10 June, 2026 | Desk

बड़ौत विधानसभा से विधायक कृष्णपाल सिंह मलिक का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

बड़ौत विधानसभा
कृष्णपाल सिंह मलिक भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं और बागपत जिले की बड़ौत विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। जाट समुदाय से आने वाले कृष्णपाल मलिक पहले राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े रहे और बाद में भाजपा में शामिल हुए। 2017 और 2022 में लगातार दो बार विधायक चुने जाने के बाद वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की किसान राजनीति के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
शैक्षिक योग्यता और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
  • जाट किसान परिवार से संबंध रखते हैं।
  • पेशा: कृषि, सामाजिक कार्य और राजनीति।
  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश की किसान राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
  • खाप और ग्रामीण समाज में मजबूत राजनीतिक पकड़ रखते हैं।
  • किसान हितों और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर मुखर रहते हैं।
राजनीतिक सफर
  • प्रारंभिक राजनीतिक जीवन राष्ट्रीय लोकदल से शुरू किया।
  • बाद में भाजपा में शामिल होकर पार्टी के प्रमुख जाट चेहरों में शामिल हुए।
  • 2017 में पहली बार बड़ौत से विधायक चुने गए।
  • राष्ट्रीय लोकदल के उम्मीदवार को हराकर भाजपा की स्थिति मजबूत की।
  • 2022 में दोबारा जीत दर्ज कर लगातार दूसरी बार विधायक बने।
  • जाट, किसान और ग्रामीण समाज के बीच मजबूत जनाधार विकसित किया।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
  • गन्ना किसानों के भुगतान और कृषि से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
  • नहर सिंचाई, तौल केंद्र और ग्रामीण सड़क विकास के लिए प्रयास किए।
  • बड़ौत कस्बे में ट्रैफिक, जाम और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विषयों पर कार्य किया।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली और पेयजल परियोजनाओं को बढ़ावा दिया।
  • युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास संस्थानों की मांग उठाई।
  • किसान पंचायतों और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से जनता से संपर्क बनाए रखा।
बड़ौत के प्रमुख नेता
  • कृष्णपाल सिंह मलिक वर्तमान भाजपा विधायक और किसान राजनीति के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।
  • जयवीर सिंह तोमर राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख नेता हैं और 2022 में मुख्य प्रतिद्वंद्वी रहे।
  • लोकेश दीक्षित 2012 में बसपा विधायक रहे और क्षेत्र में दलित राजनीति के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।
  • साहेब सिंह राष्ट्रीय लोकदल के वरिष्ठ नेता रहे हैं और जाट राजनीति में प्रभाव रखते हैं।