बरेली कैन्टोनमेंट विधानसभा सीट - Bareilly

बरेली कैन्टोनमेंट

वर्तमान विधायक
श्री संजीव अग्रवाल
जिला
Bareilly
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
1,95,481
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
बरेली
बरेली कैंट विधानसभा सीट
बरेली कैंटोनमेंट उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का एक विशिष्ट विधानसभा खंड है, जो अपनी सैन्य उपस्थिति और नगरीय प्रशासनिक विशेषताओं के लिए जाना जाता है। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा 1811 में बरेली छावनी की स्थापना की गई थी, जब शहर के दक्षिण में एक छोटा किला बनाया गया था।
जनसंख्या विवरण (जनगणना 2011)
कुल जनसंख्या (2011): 30,003
पुरुष: 17,730
महिला: 12,273
लिंग अनुपात:  692/1,000
साक्षरता दर: 87.91%
अनुसूचित जातियाँ: 17.38%
अनुसूचित जनजातियाँ: 0.04%
धार्मिक और साम्प्रदायिक विभाजन (जनगणना 2011)
हिन्दू: 82.86%
मुस्लिम: 12.48%
सिख: 2.54%
ईसाई: 2.03%
बौद्ध: 0.03%
जैन: 0.02%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 1,95,481
विजेता: संजीव अग्रवाल (भाजपा)
वोट शेयर: 50.6%
उपविजेता: सुप्रिया ऐरन (सपा)
मतदान प्रतिशत: 51.5%
बरेली कैंट विधानसभा सीट, जिसका गठन 1957 में हुआ था, बरेली जिले की एक प्रमुख शहरी और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है। प्रारंभिक वर्षों में यह क्षेत्र भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गढ़ रहा, जिसने यहां 7 बार जीत दर्ज की। 1960 से 1980 के दशक तक कांग्रेस और जनसंघ के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला, जबकि 1990 के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 1993 में सपा के प्रवीण सिंह ऐरन और 2002 में निर्दलीय शाहलीन इस्लाम ने जीत हासिल की, जबकि 2007 में बसपा के वीरेंद्र सिंह विजयी रहे। 2012 में भाजपा ने पहली बार राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में यह सीट जीती और 2017 में उन्होंने भारी मतों से पुनः जीत दर्ज की। 2022 में भाजपा ने संजीव अग्रवाल को टिकट दिया, जिन्होंने सपा की सुप्रिया ऐरन को बेहद कड़े मुकाबले में 10,768 मतों से हराया। 2017 के मुकाबले 2022 में जीत का अंतर काफी कम रहा, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सीट पर मुकाबला तीव्र हो चुका है। कांग्रेस, जो एक समय प्रमुख पार्टी थी, अब मुख्य चुनावी दौड़ से लगभग बाहर हो चुकी है। जातीय दृष्टि से बरेली कैंट में दलित, वैश्य, कायस्थ, ब्राह्मण, मौर्य, सिख और यादव समुदायों की उल्लेखनीय उपस्थिति है, वहीं शहरी, सैन्य पृष्ठभूमि और शिक्षित मतदाताओं की बहुलता इस सीट को विशेष बनाती है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
संजीव अग्रवाल, भारतीय जनता पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा में बरेली कैंट सीट से विधायक हैं। 2022 में पहली बार विधायक चुने गए संजीव अग्रवाल पार्टी के प्रदेश सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनकी शैक्षिक योग्यता स्नातक है। 2022 के अनुसार उनकी उम्र 59 वर्ष है। संपत्ति के लिहाज से वे बरेली जिले के सबसे अमीर विधायकों में शामिल हैं, जिनके पास स्वयं और पत्नी के नाम पर कुल लगभग 18 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है। उनकी राजनीतिक छवि साफ-सुथरी मानी जाती है और 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
बरेली कैंट विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में बरेली कैंट विधानसभा क्षेत्र में नागरिकों को कई जटिल और जमीनी समस्याओं का सामना करना पड़ा है, जो लगातार जनचर्चा और राजनीतिक बहस का हिस्सा बनी रही हैं। क्षेत्र में सीवर लाइन की खराब स्थिति और बरसात के दौरान जलभराव एक गंभीर समस्या रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। साथ ही, नई कॉलोनियों और विस्तार वाले क्षेत्रों में सड़क, पानी, बिजली और सीवर जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी भी स्पष्ट रूप से महसूस की गई। ट्रैफिक जाम और पार्किंग की अव्यवस्था, खासकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में, आम जनजीवन को प्रभावित करती रही है। स्मार्ट सिटी योजना के बावजूद कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं रही और जगह-जगह गंदगी की समस्या बनी रही। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी चुनौतियाँ रही हैं— सरकारी मेडिकल कॉलेज, उच्च शिक्षा संस्थानों और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की माँग लंबे समय से की जाती रही है। कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक तनाव भी क्षेत्र की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं, वहीं युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की कमी और स्थानीय उद्योगों के विकास की धीमी गति ने शहरी विकास को प्रभावित किया है। कुल मिलाकर, बरेली कैंट में सीवर-जलभराव, ट्रैफिक, सफाई, शिक्षा-स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और रोजगार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे हैं, जिनका समाधान अब भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और चुनावी वादों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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