बेहट विधानसà¤à¤¾ सीट - Saharanpur
बेहट |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री उमर अली खान |
| जिला | Saharanpur |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | समाजवादी पार्टी |
| कुल मतदाता | 2,80,256 |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | सहारनपुर |
बेहट विधानसभा सीट
बेहट उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की विधान सभा सीट है, जिसका क्रमांक 1 है। यह सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। क्षेत्र का अधिकतर हिस्सा ग्रामीण है, जहाँ कृषि व बागवानी प्राथमिक आर्थिक गतिविधि हैं।
जिला: सहारनपुर
विधानसभा क्रमांक: 1
लोकसभा क्षेत्र: सहारनपुर
आरक्षण: सामान्य (अनारक्षित)
अनुमानित आबादी: विधानसभा की सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं
साक्षरता दर: 70.03%
लिंग अनुपात: 912/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 26.51%
मुस्लिम: 72.64%
अन्य समुदाय: 1% से कम
अनुसूचित जाति: 11.53%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,80,256
विजेता: उमर अली खान (सपा)
वोट शेयर: 48.0%
उपविजेता: नरेश सैनी (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 75.5%
बेहट विधानसभा (सहारनपुर) का राजनीतिक इतिहास हमेशा जातीय और सामाजिक समीकरणों से तय होता रहा है। यहां मुस्लिम और दलित मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जबकि ठाकुर, सैनी, गुर्जर, कश्यप और ब्राह्मण जैसे समुदायों का भी असर देखा जाता है। 2012 में परिसीमन के बाद हुए पहले चुनाव में बीएसपी के महावीर सिंह राणा विजयी रहे। 2017 में कांग्रेस के नरेश सैनी ने जीत दर्ज की, जो बाद में भाजपा में शामिल हो गए। 2022 में समाजवादी पार्टी के उमर अली खान ने 1,34,513 वोट पाकर नरेश सैनी को कड़ी टक्कर देते हुए 37,880 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। उस चुनाव में भाजपा के नरेश सैनी को 96,633 और बीएसपी के रईस मलिक को 45,075 वोट मिले। करीब 75% से अधिक मतदान के साथ यह नतीजे सामने आए। कुल मिलाकर, यह सीट कभी बीएसपी का गढ़ रही, फिर कांग्रेस की ओर झुकी और अब सपा के पक्ष में है। मुस्लिम-दलित गठजोड़ यहां लगातार प्रभावी रहा है, जबकि किसान मुद्दों, गन्ना उत्पादन और कभी-कभी निर्दलीयों की अप्रत्याशित जीत ने इस क्षेत्र को राजनीति के लिहाज से हमेशा दिलचस्प बनाए रखा है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
उमर अली खान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की बेहट विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक हैं। उमर अली खान ने सहारनपुर के महाराज सिंह डिग्री कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है। पेशे से वे व्यवसाय, कृषि और किराये की आय से जुड़े हुए हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की और तब से क्षेत्र के विकास और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। चुनाव आयोग को दिए हलफनामे के मुताबिक, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है, हालांकि उसके विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं हैं।
बेहट विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में बेहट विधानसभा क्षेत्र कई बुनियादी और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों से जूझता रहा है। गन्ना किसानों की समय पर भुगतान की समस्या, गन्ना क्रय केंद्रों का संचालन और फसल की कीमत का सवाल लगातार चर्चा में रहा। इसी तरह पेयजल की कमी, गिरते भूमिगत जलस्तर और सिंचाई व्यवस्था की मांग भी क्षेत्र की बड़ी जरूरत बनी रही। ग्रामीण सड़कों की जर्जर हालत, पुल और संपर्क मार्गों की मरम्मत तथा गांव-गांव तक बिजली की उपलब्धता ने लोगों को परेशान किया। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में संसाधनों की कमी, खाली पद और अस्पतालों में डॉक्टर व दवाओं का अभाव हमेशा से मुद्दा बने रहे। बेरोजगारी खासकर युवाओं और अल्पसंख्यक समुदाय के लिए अवसरों की कमी ने असंतोष को बढ़ाया, जबकि सरकारी आवास योजनाओं के लाभार्थियों की सूची और वितरण पर भी सवाल उठते रहे। मानसून के दौरान बाढ़ और जलभराव से फसलों और घरों को नुकसान पहुंचा, वहीं सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक मुद्दे भी राजनीति का अहम हिस्सा बने रहे। महिलाओं की सुरक्षा, बालिकाओं की शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचाने की मांग पूरे क्षेत्र में लगातार गूँजती रही। इन तमाम मुद्दों ने मिलकर बेहट विधानसभा की राजनीति और विकास की दिशा को प्रभावित किया।