भगवन्त नगर विधानसà¤à¤¾ सीट - Unnao
भगवन्त नगर |
|
|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री आशुतोष शुक्ल |
| जिला | Unnao |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | उन्नाव |
भगवंतनगर विधानसभा सीट
भगवंतनगर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की छह सीटों में से एक है। यह क्षेत्र अपने साहित्यिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, यहां भगवती सिंह विशारद ने सात बार विधायक रहकर विशिष्ट पहचान बनाई है। सीट पर कलम की धरती, शिक्षित आबादी और शांतिपूर्ण सामाजिक ताना-बाना इसकी विशेषता है। यहाँ विधानसभा अध्यक्ष रहे हृदय नारायण दीक्षित सहित कई प्रमुख व्यक्तित्व राजनीती में सक्रिय रहे हैं।
जनसंख्या (जनगणना 2011): लगभग 3,62,000
जिला: उन्नाव
विधानसभा क्रमांक: 166
लोकसभा क्षेत्र: उन्नाव
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: लगभग 3,70,000
साक्षरता दर: लगभग 76%
लिंग अनुपात: अनुमानित 920/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: करीब 84%
मुस्लिम: लगभग 14%
अन्य समुदाय: अनुमानित 2%
अनुसूचित जाति: करीब 19%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,45,567
विजेता: आशुतोष शुक्ला (भाजपा)
वोट शेयर: 51.8%
उपविजेता: अंकित परिहार (सपा)
मतदान प्रतिशत: 59.2%
भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित है और इसका ऐतिहासिक और राजनीतिक महत्व बहुत बड़ा है। यह क्षेत्र लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ रहा है, जहां स्वतंत्रता सेनानी भगवती सिंह विशारद ने सात बार विधायक पद संभाला। इसके बाद जनता पार्टी के चौधरी देवकीनंदन ने भी तीन बार जीत हासिल की। समय के साथ समाजवादी पार्टी, बसपा और भाजपा ने इस सीट पर अपनी पकड़ बनाई। 1996 में भाजपा के कृपा शंकर सिंह ने जीत दर्ज की, जबकि 2007 में बसपा से भी सफलता मिली। 2012 में सपा के कुलदीप सिंह सेंगर विधायक बने। 2017 में भाजपा के हृदय नारायण दीक्षित ने इस सीट पर जीत हासिल की, जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष भी हैं, इसलिए इसे वीआईपी सीट माना जाता है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के आशुतोष शुक्ला ने समाजवादी पार्टी के अंकित परिहार को करीब 43,010 वोटों के अंतर से हराया। आशुतोष शुक्ला को 51.28% वोट मिले, जबकि अंकित परिहार को 33.93% और बसपा की बृज किशोर वर्मा को 28,441 वोट प्राप्त हुए। कुल मतदान प्रतिशत लगभग 51.28% रहा। इस क्षेत्र में ब्राह्मण, क्षत्रिय, रैदास, रावत, लोधी, कुर्मी, यादव और मुस्लिम समुदाय के मतदाता शामिल हैं। राजनीतिक गतिविधियां यहां काफी सक्रिय रही हैं और कई बड़े नेता इस क्षेत्र से जुड़े रहे हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
आशुतोष शुक्ला 56 वर्ष के हैं और भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक हैं। उन्होंने परास्नातक की पढ़ाई की है और पेशे से व्यवसायी और किसान हैं। उनके पिता डॉ. सूर्यनारायण शुक्ला कांथा इंटर कॉलेज के प्राचार्य एवं साहित्यकार थे। आशुतोष शुक्ला क्षेत्र के प्रमुख ठेकेदारों में गिने जाते हैं और लोकनिर्माण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उन्होंने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भगवंतनगर सीट से भाजपा के प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की। इससे पहले वे बसपा और भाजपा दोनों पार्टी के साथ चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन 2022 में भाजपा के टिकट पर सफलता मिली। उनके चुनावी हलफनामे में किसी भी आपराधिक मामले का उनके खिलाफ दर्ज नहीं है।
भगवंतनगर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
भगवंतनगर विधानसभा सीट उन्नाव जिले की सबसे बड़ी विधानसभा सीट है, जिसे विकास की कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सबसे प्रमुख समस्या उन्नाव-रायबरेली मार्ग की बहुत ही खराब स्थिति है, जो क्षेत्र का मुख्य आवागमन मार्ग है। यह मुद्दा हर चुनाव में गूंजता रहा है, लेकिन अब तक इसका विकास अपेक्षित गति से नहीं हो सका। इसके अलावा, सीमावर्ती हिस्सों में पेयजल संकट भी गहराता जा रहा है, जिससे आम लोगों को पीने के पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है। सड़कों की खराब स्थिति यातायात को भी बाधित करती है। स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं की हालत भी संतोषजनक नहीं मानी जा सकती। साथ ही, क्षेत्र में कई सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थल हैं, लेकिन उनका संरक्षण और विकास भी पर्याप्त नहीं हुआ है। ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है, जहां स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. भगवती सिंह विशारद और कई बार विधायक रहे हैं। इसके बाद जनता पार्टी, सपा, बसपा और भाजपा ने इस सीट पर समय-समय पर प्रभाव जमाया। वर्तमान में यह सीट भाजपा के हृदय नारायण दीक्षित के पास है, जो उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष भी हैं। कुल मतदाता संख्या करीब 4,06,823 है, जिसमें ब्राह्मण, क्षत्रिय, रैदास, रावत, लोधी, कुर्मी, यादव और मुस्लिम समुदाय के मतदाता शामिल हैं।