भोजीपुरा विधानसà¤à¤¾ सीट - Bareilly
भोजीपुरा |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री शहज़िल इस्लाम अंसारी |
| जिला | Bareilly |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | समाजवादी पार्टी |
| कुल मतदाता | 2,58,877 |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | बरेली |
भोजीपुरा विधानसभा सीट
भोजीपुरा, उत्तर प्रदेश की विधानसभा क्षेत्र संख्या 120 है, जो बरेली जिले में स्थित है। यह बरेली लोकसभा क्षेत्र के पाँच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। यह सीट 1957 में स्थापित हुई थी और तब से यहाँ समाजवादी पार्टी (सपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जैसे प्रमुख दलों का प्रतिनिधित्व रहा है। इस क्षेत्र में केसी शेरगढ़, देवरनिया नगर पंचायत, शेरगढ़ नगर पंचायत (बहेरी तहसील), केसी भोजीपुरा, रिठौरा, सीबी गंज, रिठौरा नगर पंचायत, धौरा टांडा नगर पंचायत और पीपलसाना चौधरी (बरेली तहसील) शामिल हैं।
जनसंख्या
विधानसभा संख्या: 120
जिला: बरेली
लोकसभा क्षेत्र : बरेली
आरक्षण स्थिति: सामान्य (अनारक्षित)
अनुसूचित जाति (SC) मतदाता: करीब 13.7%
लिंग अनुपात: 883/1,000
साक्षरता दर (बरेली जिला): 60.52%
धार्मिक और समुदायिक विभाजन
हिन्दू: 63.64%
मुस्लिम: 34.54%
ईसाई: 0.33%
सिख: 0.63%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,58,877
विजेता: शाज़िल इस्लाम अंसारी (सपा)
वोट शेयर: 46.1%
उपविजेता: बहोरन लाल मौर्य (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 68.7%
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
शाज़िल इस्लाम अंसारी एक वरिष्ठ भारतीय राजनेता हैं, जो उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की भोजीपुरा विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक हैं। उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखण्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। वे 2002, 2007, 2012 और 2022 में भोजीपुरा से विधायक रह चुके हैं और बरेली के अंसारी समाज के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। उनके पिता इस्लाम साबिर अंसारी भी विधायक रह चुके हैं, जिससे उनके परिवार की अंसारी समाज में गहरी पकड़ रही है। हालांकि, शाज़िल इस्लाम अंसारी कई बार विवादों में घिर चुके हैं, जिनमें सबसे चर्चित मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सार्वजनिक मंच से भड़काऊ बयान देने का है। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।
भोजीपुरा विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र में कई जमीनी समस्याएं प्रमुख मुद्दों के रूप में सामने आईं। क्षेत्र के ग्रामीण और शहरी इलाकों में खराब सड़कों, जलभराव और नालियों की सफाई की समस्या ने आवागमन और व्यापार को प्रभावित किया। शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति, शिक्षकों की कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव ने चिंता बढ़ाई, वहीं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी निराशाजनक रही। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और दवाओं की कमी, खासकर कोविड-19 के दौरान, गंभीर चुनौती बनकर उभरी। बेरोजगारी विशेषकर युवाओं में एक बड़ी समस्या रही, जिससे स्थानीय उद्योगों और स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने की मांग तेज हुई। किसानों को सिंचाई, खाद-बीज, MSP पर फसल बिक्री और आवारा पशुओं से फसल बचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, साथ ही सरकारी योजनाओं के लाभ वितरण में भी गड़बड़ियां रहीं। सांप्रदायिक सौहार्द भी क्षेत्र में हमेशा एक संवेदनशील मुद्दा रहा है, क्योंकि भोजीपुरा की मिश्रित आबादी के कारण सामाजिक समरसता बनाए रखना आवश्यक रहा है। चुनावों के दौरान ध्रुवीकरण और सामाजिक तनाव की आशंकाएं भी चर्चा में रहीं। 2022 में 64.91% मतदान दर्ज हुआ, जो 2017 के मुकाबले थोड़ा कम था, जिससे मतदाता जागरूकता और निष्पक्ष मतदान की आवश्यकता को लेकर आवाज़ें उठीं।