भोजपुर विधानसभा सीट - Farrukhabad

भोजपुर

वर्तमान विधायक
श्री नागेन्द्र सिंह राठौर
जिला
Farrukhabad
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
1,96,322
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
फर्रुखाबाद
भोजपुर विधानसभा सीट
भोजपुर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में स्थित है और यह फर्रुखाबाद लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण है और स्थानीय राजनीति में जातीय समीकरणों की अहम भूमिका रही है। भोजपुर सीट का गठन 2008 के परिसीमन के बाद हुआ और यह जिले की पांच प्रमुख विधानसभा सीटों में शामिल है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला : फर्रुखाबाद
लोकसभा क्षेत्र: फर्रुखाबाद
आरक्षण स्थिति: सामान्य (अनारक्षित)
भोजपुर विधानसभा क्षेत्र की सटीक जनसंख्या उपलब्ध नहीं है
जिले की कुल जनसंख्या (2011): लगभग 18.8 लाख
लिंगानुपात: 870/1000
साक्षरता दर: 69%
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिन्दू: 80%
मुस्लिम: 15-20%
अनुसूचित जाति: 17.1 %
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 1,96,322
विजेता: नागेंद्र सिंह राठौर (भाजपा)
वोट शेयर: 58.20%
उपविजेता: अरशद जमाल सिद्दीकी (सपा)
मतदान प्रतिशत: 61.7%
भोजपुर विधानसभा सीट की स्थापना 1957 में हुई थी, लेकिन 1962 के बाद इसे समाप्त कर दिया गया और 2008 के परिसीमन के बाद यह सीट दोबारा अस्तित्व में आई। शुरुआती दो चुनावों में 1957 में कांग्रेस के अवधेश चंद्र सिंह और 1962 में सीपीआई के महराम सिंह विजयी रहे थे। 2012 में सीट के पुनः अस्तित्व में आने के बाद समाजवादी पार्टी के जमालुद्दीन सिद्दीकी ने जीत दर्ज की। भोजपुर क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक समीकरण में क्षत्रिय, लोधी, मुस्लिम, अनुसूचित जाति और ब्राह्मण मतदाता प्रमुख भूमिका निभाते हैं, जिनमें से क्षत्रिय, लोधी और मुस्लिम समुदाय निर्णायक माने जाते हैं। क्षेत्र में कुल मतदाता संख्या लगभग 3 लाख है। 2017 में भाजपा के नागेंद्र सिंह राठौर ने सपा के अरशद जमाल सिद्दीकी को 34,877 वोटों से हराया, जबकि बसपा तीसरे स्थान पर रही। इसके बाद 2022 में भी भाजपा ने नागेंद्र सिंह राठौर को टिकट दिया और उन्होंने एक बार फिर जीत दर्ज कर पार्टी का कब्जा बरकरार रखा। यह लगातार दूसरी बार था जब भाजपा ने भोजपुर सीट पर जीत हासिल की।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
नागेंद्र सिंह राठौर उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले की भोजपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हैं। ये कृषि और दुग्ध व्यवसाय से जुड़े रहे हैं और राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत पराग डेयरी के चेयरमैन तथा सहकारी संघ खीमसेपुर के अध्यक्ष के रूप में की थी। 2007 में बसपा से चुनाव लड़ा, लेकिन हार के बाद भाजपा में शामिल हो गए और 2017 व 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की। दोनों बार उन्होंने समाजवादी पार्टी के अरशद जमाल सिद्दीकी को हराया। विधायक के रूप में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा के विकास के कार्यों में सक्रिय रहे हैं। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नही है।
भोजपुर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में भोजपुर विधानसभा (फर्रुखाबाद) क्षेत्र में कई प्रमुख मुद्दे चुनावी बहस का हिस्सा रहे। विकास का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा, जहां सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर जनता में असंतोष दिखाई दिया। क्षेत्र के किसान, खासकर आलू उत्पादक, उचित मूल्य न मिलने, कोल्ड स्टोरेज की कमी और फसल के सड़ने जैसी समस्याओं से जूझते रहे, जिससे सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ी। 2022 के चुनाव में ईवीएम खराबी जैसी तकनीकी समस्याएं सामने आईं, विशेषकर बूथ संख्या 53 पर मतदान प्रभावित हुआ, जिससे चुनावी पारदर्शिता पर सवाल उठे। जातीय समीकरणों का प्रभाव भी चुनाव में स्पष्ट दिखा, क्योंकि दलों ने उम्मीदवार चयन में इन्हीं समीकरणों को तरजीह दी, जिससे मतदाताओं का ध्रुवीकरण हुआ। इसके अलावा, नेताओं के लगातार पार्टी बदलने की प्रवृत्ति से राजनीतिक अस्थिरता बनी रही, जिससे विकास कार्यों की निरंतरता प्रभावित हुई। वहीं, मतदान प्रतिशत सामान्य रहा, लेकिन शुरुआती घंटों में कम मतदान और तकनीकी खामियों ने जनभागीदारी को प्रभावित किया।

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