बिजनौर विधानसà¤à¤¾ सीट - Bijnor
बिजनौर |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्रीमती सुचि |
| जिला | Bijnor |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | बिजनौर |
बिजनौर विधानसभा सीट प्रोफाइल
बिजनौर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र भारत के उत्तर प्रदेश विधान सभा के 403 निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। यह बिजनौर जिले का एक हिस्सा है और बिजनौर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के पाँच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। इस विधानसभा क्षेत्र में पहला चुनाव 1951 में परिसीमन आदेश पारित होने के बाद 1951 में हुआ था।
जनसंख्या विभाजन (जनगणना 2011)
विधानसभा क्षेत्र संख्या: 22
जनपद: बिजनौर
लोकसभा क्षेत्र: बिजनौर
जनपद की कुल जनसंख्या: 3,682,713
साक्षरता दर: 68.48%
लिंग अनुपात: 917/1000
आरक्षण स्थिति: सामान्य (अनारक्षित)
शहरी केंद्र: बिजनौर शहर
धार्मिक और सांप्रदायिक विभाजन (जनगणना 2011)
हिंदू: 55.18 %
मुस्लिम: 43.04 %
सिख: 1.37 %
ईसाई: 0.17%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,51,028
विजेता: सुची मौसम चौधरी (भाजपा)
वोट शेयर: 38.7%
उपविजेता: नीरज चौधरी (रालोद)
मतदान प्रतिशत: 64.2%
बिजनौर विधानसभा सीट पर बसपा, भाजपा, सपा और रालोद के बीच परंपरागत मुकाबला रहा है, जहाँ मुस्लिम और दलित आबादी निर्णायक भूमिका निभाती है। 2007 में बसपा का दबदबा था, लेकिन राम मंदिर आंदोलन के बाद भाजपा ने अपनी स्थिति मजबूत की। 2017 में भाजपा ने सपा को हराकर जीत दर्ज की, जबकि 2022 में भाजपा और रालोद के बीच बेहद कड़ा मुकाबला हुआ, जिसमें भाजपा ने मामूली अंतर से जीत हासिल की। जातीय और धार्मिक समीकरणों के साथ-साथ बेरोजगारी, सड़कें, गन्ना भुगतान, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे स्थानीय मुद्दे चुनावी नतीजों को प्रभावित करते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
सुची मौसम चौधरी, उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की निवासी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक सक्रिय और युवा महिला नेता हैं। उन्होंने एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से फूड एंड न्यूट्रीशन में एमएससी की डिग्री प्राप्त की है। सुची मौसम चौधरी ने 2017 में पहली बार भाजपा के टिकट पर बिजनौर विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक के रूप में राजनीतिक सफर की शुरुआत की और 2022 में फिर से इस सीट पर जीत हासिल की। वह उत्तर प्रदेश की सबसे युवा महिला विधायकों में गिनी जाती हैं और महिला सशक्तिकरण, बाल कल्याण एवं क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहती हैं। पार्टी के भीतर वह युवा और महिला नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करती हैं तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जानी जाती हैं। वर्ष 2022 के चुनावी हलफनामे और सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
बिजनौर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
बिजनौर विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम-दलित गठजोड़ चुनावी राजनीति का प्रमुख आधार रहा है, जहाँ सामाजिक न्याय, अल्पसंख्यक अधिकार और आरक्षण जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं। गन्ना किसानों के भुगतान में देरी और बुनियादी सुविधाओं की कमी, जैसे सड़क, बिजली, जल आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाएँ, यहां की प्रमुख समस्याएँ हैं। बेरोजगारी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की कमी भी चिंता का विषय है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में संसाधनों की कमी और जर्जर सड़कें लोगों के लिए कठिनाई का कारण बनी हुई हैं।