बीकापुर विधानसà¤à¤¾ सीट - Faizabad
बीकापुर |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | डा0 अमित सिंह चौहान |
| जिला | Faizabad |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | फैज़ाबाद |
बिकापुर विधानसभा सीट
बिकापुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र (संख्या 274) उत्तर प्रदेश के अयोध्या ज़िले में स्थित है और यह फैज़ाबाद (अयोध्या) लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह क्षेत्र बिकापुर नगर, सोहावल तहसील और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों को सम्मिलित करता है। यहाँ की राजनीतिक पृष्ठभूमि समृद्ध रही है, जिसमें समाजवादी पार्टी (सपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की सक्रिय भागीदारी रही है।
जनसंख्या एवं जनगणना 2011
ज़िला: अयोध्या
लोकसभा क्षेत्र: फैज़ाबाद (अयोध्या)
विधानसभा क्षेत्र संख्या: 274
बिकापुर नगर की जनसंख्या (2011): 14,453
लिंगानुपात: 975/1000
साक्षरता दर (2011): 71.49 % (तहसील)
धार्मिक एवं सामाजिक संरचना
हिन्दू: 84.22%
मुस्लिम: 15.40%
जैन: 0.02%
ईसाई: 0.28%
सिख: 0.02%
बौद्ध: 0.01%
अनुसूचित जाति: 14.94%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,40,555
विजेता: अमित सिंह चौहान (भाजपा)
वोट शेयर: 44.6%
उपविजेता: फिरोज़ खान (सपा)
मतदान प्रतिशत: 63.4%
बिकापुर विधानसभा सीट (अयोध्या जिला) का राजनीतिक इतिहास काफी दिलचस्प रहा है, जहां 1974 से अब तक 10 बार ऐसे विधायक चुने गए जिनके नाम में 'राम' शामिल रहा है। शुरुआती दशकों में कांग्रेस और जनता पार्टी का प्रभाव रहा, जबकि 1989 और 1991 में संत श्रीराम द्विवेदी ने (स्वतंत्र और भाजपा से) जीत हासिल की। 1993 से 2002 के बीच सपा के सीताराम निषाद और परशुराम ने सीट पर कब्जा बनाए रखा, इसके बाद 2007 में बसपा के जितेंद्र कुमार बब्लू भैया, 2012 में सपा के मित्रसेन यादव, 2017 में भाजपा की शोभा सिंह चौहान और 2022 में भाजपा के अमित सिंह चौहान विजयी रहे। क्षेत्र में करीब साढ़े तीन लाख मतदाता हैं, जिनमें अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की भूमिका निर्णायक रही है, हालांकि सामान्य वर्ग और मुस्लिम मतदाता भी महत्वपूर्ण संख्या में हैं। 2017 से भाजपा का दबदबा बढ़ा है जहां शोभा सिंह चौहान ने सपा के आनंद सेन को हराया, जबकि 2022 में भाजपा के अमित सिंह चौहान ने सपा के फिरोज़ खान को कड़े मुकाबले में पराजित किया। इस चुनाव में भाजपा को 44.34%, सपा को 42.04%, बसपा को 8.84% और कांग्रेस को मात्र 1.82% वोट मिले। बसपा और कांग्रेस की पकड़ लगातार कमजोर होती जा रही है और चुनावी रुझानों को विकास, जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे गहराई से प्रभावित करते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
अमित सिंह चौहान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता, डॉक्टर और वर्तमान में उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा में बीकापुर (अयोध्या) सीट से विधायक हैं। उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई ईरा लखनऊ मेडिकल कॉलेज से पूरी की और पेशे से डॉक्टर हैं। 2022 से वे सक्रिय राजनीति में विधायक के रूप में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी डॉ. अनामिका सिंह चौहान भी चिकित्सक हैं और उन्हें दो संतानें हैं। अमित सिंह चौहान अपने क्षेत्र में विकास, जनसेवा और किसान कल्याण जैसे मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते हैं। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ किसी भी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
बिकापुर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में बिकापुर विधानसभा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दे जनता की चिंता का केंद्र बने रहे हैं। क्षेत्र में बेरोजगारी और उद्योगों की कमी के कारण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बेहद सीमित रहे, जिससे पलायन बढ़ा और स्वरोजगार योजनाएं भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकीं। बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी और सिंचाई की स्थिति भी गंभीर रही। कई गांवों में जर्जर सड़कें, अनियमित बिजली आपूर्ति और सिंचाई के अभाव ने विकास को बाधित किया। जातीय समीकरणों का भी चुनावी नतीजों पर खासा प्रभाव रहा, जहां मुस्लिम, ब्राह्मण, पासी, यादव, दलित, ओबीसी और अन्य समुदायों की अहम भूमिका रही। कृषि संकट, विशेषकर सिंचाई साधनों की कमी, खाद-बीज की उपलब्धता, न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग और आवारा पशुओं की समस्या ने किसानों की स्थिति को और बदतर किया। इसके अलावा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी गंभीर कमियां रहीं. उच्च शिक्षा संस्थानों की अनुपस्थिति, शिक्षकों की कमी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली जैसी समस्याएं आम जनता की शिकायतों में प्रमुख रहीं।