बिलारी विधानसà¤à¤¾ सीट - Moradabad
बिलारी |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | मौ0 फहीम इरफान |
| जिला | Moradabad |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | समाजवादी पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | सम्भल |
बिलारी विधानसभा सीट
बिलारी विधानसभा उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की एक प्रमुख विधानसभा सीट है जो सामाजिक, जातीय और धार्मिक दृष्टि से विविध क्षेत्रों को सम्मिलित करती है। यह सीट सम्भल लोकसभा क्षेत्र में आती है और इसका विधानसभा क्रमांक 30 है। यहां परंपरागत रूप से समाजवादी पार्टी का दबदबा रहा है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: मुरादाबाद
विधानसभा क्रमांक: 30
लोकसभा क्षेत्र: सम्भल
आरक्षण: कोई नहीं (सामान्य)
कुल जनसंख्या अनुमानित 3.5-4 लाख
साक्षरता दर: 59%
लिंग अनुपात: लगभग 903/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: करीब 45%
मुस्लिम: करीब 54%
अन्य समुदाय: लगभग 1%
अनुसूचित जाति: लगभग 15-16% (जिला)
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,37,427
विजेता: मोहम्मद फहीम इरफान (सपा)
वोट शेयर: 40.2%
उपविजेता: परमेश्वर लाल सैनी (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 66.4%
बिलारी विधानसभा का राजनीतिक सफर 2012 में परिसीमन के बाद शुरू हुआ और तब से यह सीट समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ बनी हुई है। मोहम्मद इरफान ने 2012 में बसपा को मामूली अंतर से हराकर जीत दर्ज की थी और उनके निधन के बाद 2016 के उपचुनाव में उनके बेटे मोहम्मद फहीम इरफान ने सपा की विरासत को आगे बढ़ाया। इसके बाद 2017 और 2022 दोनों चुनावों में भी फहीम इरफान ने जीत दर्ज की, जिससे क्षेत्र में सपा की पकड़ और मजबूत हुई। मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र में जाट, यादव, ठाकुर, स्वर्णकार समेत कई जातियों की भागीदारी है और यहां की राजनीति में पंचायत स्तर से लेकर जातीय समीकरणों तक का गहरा असर रहता है। 2022 के चुनाव में भाजपा ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन सपा ने करीब 7,600 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। मोहम्मद फहीम इरफान को कुल 39.92% यानी 95,338 वोट मिले, जबकि भाजपा के परमेश्वर लाल सैनी को 36.73% वोट मिले। बसपा तीसरे स्थान पर रही और AIMIM तथा कांग्रेस जैसे दलों को अपेक्षाकृत कम समर्थन मिला। करीब 66% मतदान के साथ, इस चुनाव ने एक बार फिर साफ कर दिया कि बिलारी में स्थानीय मुद्दे, जातीय संतुलन और सपा की ज़मीनी पकड़ अब भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
मोहम्मद फहीम इरफान, समाजवादी पार्टी के विधायक हैं जो उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की बिलारी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। फहीम इरफान पेशे से किसान हैं और सामाजिक कार्यों से भी गहराई से जुड़े हैं। उन्होंने स्नातक स्तर की प्रोफेशनल शिक्षा प्राप्त की है। अपने पिता मोहम्मद इरफान के निधन के बाद 2016 में उपचुनाव जीतकर वे पहली बार विधायक बने और इसके बाद 2017 और 2022 में भी लगातार जनता का भरोसा जीतते रहे। वे अपने शांत स्वभाव, सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में खास पहचान रखते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और सांप्रदायिक एकता जैसे विषयों पर उनका फोकस हमेशा चर्चा में रहा है। 2022 के चुनाव में दिए गए हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ किसी भी तरह का आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
बिलारी विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में बिलारी विधानसभा क्षेत्र में कई जमीनी मुद्दे लगातार लोगों की चर्चा और चिंता का केंद्र बने रहे हैं। किसानों की समस्याएं जैसे कृषि मंडी की स्थापना, उपज का उचित मूल्य, सिंचाई सुविधाओं का अभाव और खाद-बीज की कमी अक्सर आंदोलन का कारण बनीं। स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से जरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अन्य सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, जर्जर इमारतें और संसाधनों का अभाव लोगों के लिए परेशानी का सबब बना रहा। ग्रामीण इलाकों में जर्जर सड़कों की मरम्मत, जलनिकासी और बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर समय-समय पर आवाजें उठती रहीं। बेरोजगारी भी एक बड़ा मुद्दा रहा। स्थानीय स्तर पर रोजगार की कमी, लघु उद्योगों का न होना और सरकारी नौकरियों की धीमी प्रक्रिया ने युवाओं को हताश किया। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों की कमजोर आधारभूत सुविधाएं, गुणवत्ता की कमी और छात्रवृत्तियों को लेकर पारदर्शिता की मांग अभिभावकों और छात्रों दोनों के बीच असंतोष का कारण बनी। इसके अलावा, सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था भी चुनौतीपूर्ण रहे, क्योंकि क्षेत्र कई बार विवादों की वजह से सुर्खियों में रहा। साथ ही, स्थानीय राजनीति में जनप्रतिनिधियों के प्रदर्शन और संगठनात्मक मतभेद भी बहस का हिस्सा बने। हालांकि इन सभी मुद्दों को लेकर सरकार, प्रशासन और नेताओं ने संवाद और समाधान के प्रयास किए, लेकिन जनता अब ठोस और जमीन पर दिखने वाले बदलाव की उम्मीद में है।