बिलासपुर विधानसभा सीट - Rampur

बिलासपुर

वर्तमान विधायक
श्री बल्देव सिंह औलख
जिला
Rampur
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
रामपुर
बिलासपुर विधानसभा सीट
बिलासपुर उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की विधानसभा सीट है। यह रामपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और 1967 में पहली बार चुनाव हुआ था। यहाँ की राजनीति ऐतिहासिक रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और हाल में भाजपा की ओर झुकी है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला रामपुर
विधानसभा क्रमांक: 36
लोकसभा क्षेत्र: रामपुर
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: करीब 3,40,000
साक्षरता दर: करीब 51%
लिंग अनुपात: 915/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 36%
मुस्लिम: लगभग 59%
अन्य समुदाय: करीब 5%
अनुसूचित जाति: करीब 9%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,35,062
विजेता: बलदेव सिंह औलख (भाजपा)
वोट शेयर: 43.4%
उपविजेता: अमरजीत सिंह (सपा)
मतदान प्रतिशत: 68.2%
बिलासपुर विधानसभा, जो रामपुर जिले में स्थित है और रामपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, हमेशा से राजनीतिक रूप से सक्रिय और प्रतिस्पर्धी क्षेत्र रहा है। 1967 में पहले चुनाव से लेकर अब तक यहां भाजपा, सपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला है। पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने अपनी पकड़ मज़बूत की है, खासकर 2017 के बाद से। रामपुर की अन्य मुस्लिम बहुल सीटों से अलग, बिलासपुर में सिख और अन्य समुदायों का प्रभाव भाजपा को लाभ पहुंचाता रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में यह प्रतिस्पर्धा चरम पर दिखी, जब भाजपा के बलदेव सिंह औलख ने सपा के अमरजीत सिंह को केवल 307 वोटों से हराया। कुल 2,36,259 मतदाताओं में से लगभग 68% ने मतदान किया और भाजपा ने 43% वोट हासिल किए। यह नतीजा साफ बताता है कि बिलासपुर में भाजपा भले ही मज़बूत स्थिति में है, लेकिन मुकाबला बेहद कड़ा और प्रतिष्ठित बना हुआ है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
बलदेव सिंह औलख, उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की बिलासपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं और उनकी उम्र लगभग 62 वर्ष है। परास्नातक शिक्षा प्राप्त करने वाले औलख पेशे से कृषि और राजनीति दोनों से जुड़े हुए हैं। अपने चुनावी हलफनामे में उन्होंने करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है, जिसमें कृषि भूमि, मकान और बैंक जमा शामिल हैं। वे लंबे समय से कृषि और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं और स्थानीय जनसमस्याओं के समाधान के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करते रहे हैं। खास बात यह है कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, जिससे वे चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में एक साफ-सुथरी छवि वाले प्रत्याशी माने जाते हैं।
बिलासपुर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास की धीमी रफ्तार और बुनियादी सुविधाओं की कमी सबसे बड़ी चिंता बनी रही। सड़क निर्माण, नालियों की अव्यवस्था, साफ-सफाई, जल निकासी और पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को लेकर लोग लगातार परेशान रहे। अपराध और गुंडागर्दी की बढ़ती घटनाओं ने माहौल को और बिगाड़ा, जिससे महिलाओं की सुरक्षा और आम नागरिकों की शांति दोनों प्रभावित हुईं। भ्रष्टाचार और भूमि विवादों ने भी क्षेत्र को जकड़े रखा, जहाँ भूमि माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप अक्सर सुनाई दिए। वहीं, शिक्षा के क्षेत्र में आंशिक सुधार तो हुए, लेकिन उच्च शिक्षा और युवाओं के रोजगार के अवसर अब भी सीमित रहे, जिससे युवा वर्ग निराश दिखाई दिया।

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