बिलग्राम-मल्लांवा विधानसà¤à¤¾ सीट - Hardoi
बिलग्राम-मल्लांवा |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री आशीष कुमार सिंह 'आशू' |
| जिला | Hardoi |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | मिश्रिख |
बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा
बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में स्थित है और मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट बिलग्राम और मल्लावां कस्बों सहित बिलग्राम तहसील के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करती है। यह क्षेत्र ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
जनसंख्या और जनगणना 2011
जिला: हरदोई
विधानसभा क्रमांक: 159
लोकसभा क्षेत्र: मिश्रिख
आरक्षण: सामान्य
नगर की जनसंख्या: 36,915।
कुल जनसंख्या: 3.5-4 लाख (सटीक विधानसभा स्तर के आंकड़े उपलब्ध नहीं)
लिंग अनुपात: 862/1000
साक्षरता दर: 64.57%
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 80-85%
मुस्लिम: 15-20%
अन्य समुदाय: 1% से कम
अनुसूचित जाति: 31.13%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,32,946
विजेता: आशीष कुमार सिंह (भाजपा)
वोट शेयर: 35.2%
उपविजेता: बृजेश कुमार वर्मा (सपा)
मतदान प्रतिशत: 61.1%
बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा सीट (क्रमांक 159), हरदोई जिले की अहम सीटों में मानी जाती है और इसका राजनीतिक इतिहास काफ़ी दिलचस्प रहा है। 1962 में यहां पहली बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी, इसके बाद 1977 से 1985 तक निर्दलीय रामआसरे वर्मा का दबदबा रहा। 1989 में कांग्रेस की वापसी हुई, फिर जनता दल, सपा और बसपा के उम्मीदवारों ने बारी-बारी से जीत हासिल की। 2002 और 2007 में बसपा ने सीट पर पकड़ मजबूत की, जबकि 2012 में भी बसपा के बृजेश कुमार विधायक बने। 2017 और 2022 में भाजपा के आशीष सिंह आशु ने जीत दर्ज की और पार्टी की स्थिति मजबूत हुई। हाल के चुनावों में भाजपा का पलड़ा भारी रहा है, जबकि सपा और बसपा मुख्य विरोधी रहे हैं और 2022 में कांग्रेस भी तीसरे स्थान पर रही। जातीय समीकरणों में ब्राह्मण, ठाकुर, दलित, ओबीसी और मुस्लिम वोटर्स का बड़ा रोल रहा है। 2022 में मतदान प्रतिशत सिर्फ 34.96% रहा, जो काफी कम माना गया। उस चुनाव में आशीष सिंह आशु ने सपा के बृजेश कुमार वर्मा को 24,890 वोटों के बड़े अंतर से हराया।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
आशीष कुमार सिंह 'आशु' भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और हरदोई जिले की बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा सीट से विधायक हैं। पेशे से वे वकील हैं और उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य भी हैं। उन्होंने 2017 और 2022 में लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। वे अपने क्षेत्र में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। 2022 में दिए गए चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा क्षेत्र में कई ऐसे मुद्दे सामने आए हैं जो आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़े रहे हैं। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार की लगातार ज़रूरत महसूस की गई, खासकर गांवों में जहां सड़कें और स्वास्थ्य केंद्र बदहाल हैं। खेती इस इलाके की रीढ़ है, इसलिए किसानों की समस्याएं जैसे सिंचाई, फसल के अच्छे दाम, खाद-बीज की उपलब्धता और मुआवज़ा लगातार चर्चा में रहीं। युवाओं के लिए रोजगार की कमी और इसके चलते हो रहे पलायन ने भी चिंता बढ़ाई है, वहीं स्वरोजगार योजनाओं और सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की माँग उठती रही। दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़ी सामाजिक न्याय की बातें और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने या न मिलने का मुद्दा भी छाया रहा। इसके साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और पुलिस की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर भी स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। 2022 में सिर्फ 34.96% मतदान हुआ, जो इससे पहले के 62% मतदान की तुलना में काफी कम था, जिससे वोटरों की उदासीनता और राजनीतिक जागरूकता की कमी भी एक गंभीर विषय बनकर उभरी।