बिल्सी विधानसभा सीट - Budaun

बिल्सी

वर्तमान विधायक
श्री हरीश चन्‍द्र
जिला
Budaun
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
2,04,146
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
बदायूं
बिल्सी विधानसभा सीट प्रोफ़ाइल
बिल्सी विधानसभा सीट, जो उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्थित है, का गठन 1951 में हुआ था, लेकिन परिसीमन के बाद यहां पहला चुनाव 1974 में हुआ, जब इसे 'सहसवान ईस्ट' के नाम से जाना जाता था। 1967 में परिसीमन आदेश पारित होने के बाद इस विधानसभा क्षेत्र में पहला चुनाव 1974 में हुआ था। 2008 में 'संसदीय और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन आदेश' पारित होने के बाद, निर्वाचन क्षेत्र को पहचान संख्या 114 दी गई थी।
जनसंख्या विभाजन (जनगणना 2011)
विधानसभा क्षेत्र संख्या: 114
लोकसभा क्षेत्र: बदायूं
आरक्षण: नहीं (सामान्य वर्ग)
जनसंख्या: 455,189
साक्षरता दर: 51.29%
धार्मिक और जातीय विभाजन
हिंदू: 70.46%
मुस्लिम: 28.34%
ईसाई: 0.27%
सिख: 0.02%
बौद्ध: 0.08%
जैन: 0.82%
अनुसूचित जाति (दलित): लगभग 21%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,04,146
विजेता: हरीश शाक्य (भाजपा)
वोट शेयर: 45.8%
उपविजेता: चंद्र प्रकाश मौर्य (सपा)
मतदान प्रतिशत: 57.7%
शुरुआती वर्षों में कांग्रेस, जनता पार्टी, जनता दल, भारतीय जनसंघ, और बाद में भाजपा, बसपा तथा सपा जैसे दलों का प्रभाव देखने को मिला। 1974 के पहले चुनाव में जनसंघ के सोहनलाल विजयी हुए थे। 1990 के दशक में बसपा ने यहां मजबूत पकड़ बनाई और 1996 में मायावती ने जीत दर्ज कर चर्चा बटोरी, हालांकि बाद में इस्तीफा देने के कारण उपचुनाव में बसपा के भोला शंकर मौर्य विजयी बने। 2017 और 2022 के चुनावों में भाजपा ने लगातार जीत दर्ज की, जिससे क्षेत्र में उसका प्रभाव काफी बढ़ गया। हालिया चुनावों में भाजपा और सपा के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली है, जबकि बसपा का प्रभाव घटा है। प्रमुख नेताओं में मायावती, हरीश शाक्य, राधाकृष्ण शर्मा, मुसर्रत अली बिट्टन और आशुतोष मौर्या जैसे नाम शामिल हैं, जिन्होंने सीट की राजनीति को प्रभावित किया है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
हरीश चंद्र शाक्य, जिन्हें हरीश शाक्य के नाम से जाना जाता है, उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के बिल्सी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हैं। उनका जन्म 25 जून 1977 को बिलहट, बदायूं में हुआ था। उन्होंने अपना राजनीतिक सफर 1998 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला प्रमुख के रूप में शुरू किया और इसके बाद 2004 से 2007 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रहे। 2008 में वे भाजपा के जिला महामंत्री बने और 2016 में बदायूं जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष नियुक्त किए गए। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बिल्सी सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की। 2022 विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था।
बिल्सी विधानसभा : पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में बिल्सी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों में बुनियादी सुविधाओं की कमी सबसे बड़ा विषय रहा है। क्षेत्र में टूटी हुई सड़कों और पेयजल संकट की समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों की धीमी गति, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और स्थानीय स्तर पर शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चर्चा में रही है। जातीय समीकरणों के साथ-साथ दलित, यादव, ब्राह्मण, मौर्य और किसान वर्गों की अपेक्षाओं को लेकर भी राजनीतिक दलों ने चुनावों में जोर दिया है। कुल मिलाकर, बुनियादी ढांचे, पेयजल, सड़क, रोजगार और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दे बिल्सी विधानसभा के चुनावी विमर्श में प्रमुख रहे हैं।

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