बीसलपुर विधानसà¤à¤¾ सीट - Pilibhit
बीसलपुर |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री विवेक कुमार वर्मा |
| जिला | Pilibhit |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | पीलीभीत |
बीसलपुर विधानसभा सीट
बीसलपुर विधानसभा उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की एक प्रमुख सीट है। यह विधानसभा क्रमांक 130 है और पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। क्षेत्र शहरी और ग्रामीण मिश्रण, कृषि और सामाजिक विविधता के लिए जाना जाता है। इस सीट पर कोई आरक्षण लागू नहीं है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: पीलीभीत
विधानसभा क्रमांक: 130
लोकसभा क्षेत्र: पीलीभीत
आरक्षण: सामान्य (अनारक्षित)
अनुमानित आबादी: लगभग
साक्षरता दर: 69.54%
लिंग अनुपात: 889/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 62-65%
मुस्लिम: 33-35%
अन्य समुदाय: लगभग 2%
अनुसूचित जाति: लगभग 18%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,38,387
विजेता: विवेक वर्मा (भाजपा)
वोट शेयर: 50.8%
उपविजेता: अशोक कुमार (सपा)
मतदान प्रतिशत: 66.1%
बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक सफर 1957 से शुरू होता है, जहां अब तक कांग्रेस, जनता दल, जनता पार्टी, पीएसपी, बसपा और भाजपा जैसी पार्टियों के विधायक रह चुके हैं। 1991 में पहली बार भाजपा ने यहां जीत दर्ज की, जब रामसरन वर्मा विधायक बने और उन्होंने 1993, 2012 व 2017 में भी जीत दोहराई। 1996 से 2007 तक बसपा के अनीस अहमद खान उर्फ फूलबाबू का दबदबा रहा, जबकि समाजवादी पार्टी अब तक यहां से कभी नहीं जीत पाई। मुस्लिम और कुर्मी वोटर यहां के चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाते हैं। 2022 में भाजपा ने रामसरन वर्मा की जगह उनके बेटे विवेक वर्मा को टिकट दिया, जिन्होंने सपा की दिव्या गंगवार को लगभग 50,400 वोटों से हराकर 50.55% वोट हासिल किए, जबकि सपा को 29.52% और बसपा को 15.02% वोट मिले। इस नतीजे ने एक दशक से अधिक समय से भाजपा की मजबूत पकड़ को और पुख्ता किया। यहां भाजपा और बसपा के बीच मुकाबला सबसे तीखा रहा है, वहीं सपा का प्रभाव सीमित माना जाता है। जातिगत समीकरण खासतौर पर मुस्लिम, कुर्मी और दलित वोटरों के चलते बीसलपुर विधानसभा हर चुनाव में राजनीतिक रणनीतियों का केंद्र बनी रहती है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
विवेक कुमार वर्मा भाजपा के विधायक हैं, जो उत्तर प्रदेश के बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। 52 वर्षीय वर्मा परास्नातक शिक्षा प्राप्त हैं और 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। पेशे के बारे में विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन चुनाव आयोग को उन्होंने लगभग 1.1 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। 2022 चुनावी शपथ पत्र के अनुसार, उनके खिलाफ 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बीसलपुर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में बीसलपुर विधानसभा में सड़क और परिवहन सुविधाओं का विस्तार, मेडिकल कॉलेज की मांग, कानून-व्यवस्था में सुधार, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दे चर्चा में रहे। सड़कों और पुलों का निर्माण हुआ, लेकिन बरेली व बदायूं से पीलीभीत आने-जाने वाले मार्गों की हालत सुधारने की जरूरत अब भी महसूस की जाती है। इलाके में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग लगातार उठी, वहीं कानून-व्यवस्था मजबूत करने और पुरानी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की कोशिशें हुईं। किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के बाद मुआवजा देने के प्रयास किए गए, लेकिन बेरोजगारी और महंगाई जैसी चुनौतियां बनी रहीं। कुछ विकास योजनाओं के कागजों तक सीमित रह जाने से नाराजगी भी देखने को मिली। प्रदेश स्तर की नीतियों के साथ-साथ स्थानीय विकास के मुद्दे भी चुनावी बहस का हिस्सा बने, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियों में इन पर खुलकर चर्चा हुई। कुल मिलाकर, कई विकास कार्य हुए, लेकिन सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी जरूरतों को लेकर लोगों की चिंताएं अभी भी कायम हैं।