बुढ़ाना विधानसà¤à¤¾ सीट - Muzaffarnagar
बुढ़ाना |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री राजपाल सिंह बालियान |
| जिला | Muzaffarnagar |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | राष्ट्रीय लोक दल |
| कुल मतदाता | 2,54,554 |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | मुजफ्फरनगर |
बुढाना विधानसभा सीट
बुढाना विधानसभा उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र के मुजफ्फरनगर जिले में स्थित है। यह विधानसभा क्रमांक 11 है और मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। बुढाना तहसील का अधिकतर क्षेत्र इसमें शामिल है। सीट पर कोई आरक्षण लागू नहीं है। क्षेत्र में सहारनपुर-सहारनपुर रोड गुजरता है और यहां की राजनीति व्यापक सामाजिक-धार्मिक विविधता लिए रहती है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: मुजफ्फरनगर
विधानसभा क्रमांक: 11
लोकसभा क्षेत्र: मुजफ्फरनगर
आरक्षण: सामान्य (अनारक्षित)
अनुमानित आबादी: 53,722
साक्षरता दर: 64.76%
लिंग अनुपात: 912/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: अनुमानित 53%
मुस्लिम: अनुमानित 46%
अन्य समुदाय: लगभग 1%
अनुसूचित जाति: 14-16%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,54,554
विजेता: राजपाल सिंह बलीयान (राष्ट्रीय लोकदल)
वोट शेयर: 51.5%
उपविजेता: उमेश मलिक (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 67.7%
बुढाना विधानसभा, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में स्थित एक सामाजिक रूप से विविध और राजनीतिक रूप से अहम क्षेत्र है, जो विधानसभा क्रमांक 11 और मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट का हिस्सा है। इसका चुनावी सफर 1957 में शुरू हुआ था, लेकिन 1967 में परिसीमन के बाद यह सीट खत्म हो गई और 2008 में फिर से अस्तित्व में आई। 2012 में यहां से समाजवादी पार्टी के नवाजिश आलम खान जीते, 2017 में भाजपा के उमेश मलिक विजेता बने, जबकि 2022 में राष्ट्रीय लोकदल के राजपाल सिंह बालियान ने उमेश मलिक को 28,310 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। उस चुनाव में 2,55,624 मतदाताओं में से लगभग 67.68% ने वोट डाला, जिसमें राजपाल बालियान को 51.28% (1,31,093 वोट) और उमेश मलिक को 40.21% (1,02,783 वोट) मिले। यहां की राजनीति में जाट-मुस्लिम समीकरण, किसान आंदोलन, गन्ना भुगतान, कानून व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे हमेशा से निर्णायक रहे हैं। 2022 की यह जीत न सिर्फ बुढाना बल्कि पूरे पश्चिमी यूपी में RLD की मजबूत पकड़ को दर्शाती है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
राजपाल सिंह बालियान, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की बुढाना विधानसभा सीट से राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के विधायक हैं, जिन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। बुढाना के जाट-मुस्लिम सामाजिक और धार्मिक समीकरणों में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। वे खास तौर पर किसान और गन्ना उत्पादन से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं, जो यहां की राजनीति और विकास की दिशा तय करने में बड़ा असर डालते हैं। उनकी राजनीति का केंद्र किसान हित, स्थानीय विकास, सामाजिक सौहार्द और किसान आंदोलन से जुड़े मुद्दे रहे हैं। चुनावी और सार्वजनिक जानकारी के मुताबिक, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
बुढाना विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में बुढाना विधानसभा के हालात और राजनीति मुख्य रूप से किसानों, खासकर गन्ना उत्पादकों की समस्याओं, जातीय-सामाजिक समीकरण और बुनियादी सुविधाओं की कमी के इर्द-गिर्द घूमती रही है। किसानों को समय पर गन्ने का उचित मूल्य न मिलना, सिंचाई और मंडी व्यवस्था की दिक्कतें, तथा किसान आंदोलन के दौरान उनकी आवाज़ को मजबूती से उठाना यहां के बड़े मुद्दे रहे। जाट और मुस्लिम समुदायों के मिश्रित समाज में सौहार्द बनाए रखना और सांप्रदायिक तनाव को कम करना भी लगातार चुनौती बनी रही। बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं में कमी, युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों का अभाव, महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था में सुधार की मांग बार-बार सामने आती रही। स्थानीय विकास, सड़क निर्माण, शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी जनता का दबाव रहा। इन सबके बीच, राजनीतिक नेतृत्व की सक्रियता और किसानों के मुद्दों पर उनकी संवेदनशीलता ने यहां की चुनावी दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई, जिसमें जाट-मुस्लिम समीकरण और किसान आंदोलन का असर खास तौर पर महसूस किया गया।