चायल विधानसभा से विधायक पूजा पाल का राजनीतिक सफर, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
10 June, 2026 | Desk

चायल विधानसभा से विधायक पूजा पाल का राजनीतिक सफर, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

चायल विधानसभा
पूजा पाल समाजवादी पार्टी की नेता हैं और इस समय उत्तर प्रदेश की चायल विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे प्रयागराज के कटघर मोहल्ले की रहने वाली हैं। उनका राजनीतिक सफर 2005 में शुरू हुआ, जब उनके पति और बसपा विधायक राजू पाल की हत्या कर दी गई। इसके बाद उन्होंने अतीक अहमद और अशरफ के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी, जिससे वे प्रदेश की राजनीति में एक मजबूत और चर्चा में रहने वाला चेहरा बन गईं। 2007 और 2012 में वे बसपा से प्रयागराज पश्चिमी सीट की विधायक रहीं, लेकिन 2017 में हार के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी जॉइन कर ली। 2022 में उन्होंने चायल सीट से जीत दर्ज की। हाल के वर्षों में पूजा पाल का रुख थोड़ा लचीला भी दिखा। उन्होंने राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की और कई बार भाजपा नेताओं के साथ मंच भी साझा किया। वे फूलपुर उपचुनाव जैसे मौकों पर भाजपा प्रत्याशियों के लिए प्रचार भी कर चुकी हैं। 2022 चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
राजनीतिक सफर
  • 2007 और 2012 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर प्रयागराज पश्चिमी सीट से लगातार दो बार विधायक चुनी गईं।
  • 2016 में बसपा नेतृत्व से मतभेद के बाद समाजवादी पार्टी में शामिल हुईं।
  • 2022 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चायल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और भाजपा–अपना दल (एस) गठबंधन के उम्मीदवार नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल को हराकर विधायक बनीं।
  • अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता के मुद्दों को लगातार उठाती रही हैं।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
  • महिला सशक्तिकरण, कन्या सुरक्षा और छात्रवृत्ति योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कार्य किया।
  • सड़क, बिजली, जलापूर्ति, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया।
  • विधवा, अकेली महिलाओं और उत्पीड़ितों को सरकारी सहायता दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
  • प्रयागराज और कौशांबी क्षेत्र में न्याय, अपराध नियंत्रण और पुलिस सुधार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए लगातार प्रयास किए।
चायल के प्रमुख नेता
  • दयाराम बसपा के नेता रहे और दलित समाज तथा ग्रामीण विकास के लिए कार्य करते रहे।
  • शिवधनी भाजपा के पहले प्रमुख विधायकों में रहे और स्थानीय विकास कार्यों को गति दी।
  • नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल भाजपा और अपना दल (एस) से जुड़े नेता हैं तथा ग्रामीण विकास और परिवहन सुविधाओं के विस्तार में सक्रिय रहे हैं।