चमरौआ विधानसभा से विधायक नसीर अहमद खान का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
चमरौआ विधानसभा
नसीर अहमद खान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर जिले की चमरौआ विधानसभा सीट से विधायक हैं। 8 जुलाई 1938 को रामपुर में जन्मे नसीर अहमद खान परास्नातक शिक्षित हैं और कृषि व सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 2012 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था, जहां वे दूसरे स्थान पर रहे। 2017 में पहली बार विधायक बने और 2022 में लगातार दूसरी जीत दर्ज की। मुस्लिम और ओबीसी समुदाय में उनकी मजबूत पकड़ उनकी राजनीतिक पहचान का आधार है। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
- 8 जुलाई 1938 को रामपुर जिले में जन्म हुआ।
- एक साधारण कृषक परिवार से संबंध रखते हैं।
- महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से एम.ए. (परास्नातक) की शिक्षा प्राप्त की।
- ग्रामीण और किसान हितों से जुड़े सामाजिक कार्यों में लंबे समय से सक्रिय रहे।
राजनीतिक यात्रा
- सामाजिक सेवा और किसान आंदोलनों से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।
- 1973 में गन्ना किसान क्लब, रामपुर के अध्यक्ष बने।
- 1994 से 2000 तक जिला गन्ना सहकारी समिति, रामपुर के अध्यक्ष रहे।
- 1993 से 1997 तथा 2004 से 2007 तक उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग में अध्यक्ष कार्यकारी सदस्य रहे।
- 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर पहली बार विधायक चुने गए।
- 2022 में भाजपा उम्मीदवार मोहन कुमार लोधी को लगभग 34,290 मतों से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
- गन्ना किसानों की समस्याओं और सहकारी समितियों में पारदर्शिता के लिए लगातार कार्य किया।
- स्वास्थ्य केंद्रों, सड़कों और पेयजल सुविधाओं के विस्तार में योगदान दिया।
- नए विद्यालयों के निर्माण और पुराने स्कूल भवनों के नवीनीकरण के लिए प्रयास किए।
- अल्पसंख्यक छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और रोजगारोन्मुखी योजनाओं को बढ़ावा दिया।
- रज़ा लाइब्रेरी और सौलत लाइब्रेरी जैसी सांस्कृतिक संस्थाओं के संरक्षण से जुड़े रहे।
- कोविड महामारी के दौरान राहत कार्यों, राशन वितरण और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की।
चमरौआ के प्रमुख नेता
- नसीर अहमद खान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और किसानों व अल्पसंख्यकों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।
- यूसुफ अली बसपा के नेता रहे और सामाजिक न्याय की राजनीति के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।
- मोहन कुमार लोधी भाजपा के नेता हैं और ओबीसी समाज में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
- अली युसूफ अली कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और शिक्षा तथा सामाजिक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।