चांदपुर विधानसभा से विधायक स्वामी ओमवेश का राजनीतिक सफर, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
चांदपुर विधानसभा
स्वामी ओमवेश ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1993 में समाजवादी पार्टी से की और 1996 में निर्दलीय विधायक के रूप में चुने गए। 2002 में उन्होंने राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के टिकट पर जीत हासिल की और उत्तर प्रदेश सरकार में लोक निर्माण विभाग व गन्ना विभाग में दो बार राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। वह क्षेत्र में एक प्रभावशाली किसान नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। 2022 में उन्होंने समाजवादी पार्टी से चांदपुर सीट से चुनाव लड़ते हुए भाजपा प्रत्याशी को मात्र 234 वोटों से हराकर विधायक बने। उनकी छवि एक जनसंपर्क में सक्रिय, किसान हितों के पक्षधर और विकास कार्यों के प्रति समर्पित नेता की है। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ कुल छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।
राजनीतिक सफर
- समाजवादी पार्टी से उनका गहरा जुड़ाव 1993 से रहा है, जब वे जिला अध्यक्ष के रूप में संगठन को मजबूत कर रहे थे।
- 1996 के चुनाव में पार्टी से टिकट न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और विधायक बने।
- 2002 में राष्ट्रीय लोकदल के टिकट पर चुनाव जीता और लोक निर्माण तथा गन्ना विभाग में राज्य मंत्री बने।
- विधायक और मंत्री रहते हुए किसान संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।
- 2022 में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चांदपुर सीट से चुनाव जीतकर क्षेत्र में सपा का मजबूत जनाधार स्थापित किया।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
- गन्ना किसानों के बकाया भुगतान, समर्थन मूल्य निर्धारण और चीनी मिलों की पारदर्शिता के लिए लगातार संघर्ष किया।
- लगभग 91 करोड़ रुपये की लागत से नया बिजलीघर मंजूर कराया और कई महत्वपूर्ण सड़क एवं पुल निर्माण कार्य करवाए।
- आईटीआई कॉलेज, कन्या इंटर कॉलेज और विद्यावती बालिका विद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना में योगदान दिया।
- कोविड महामारी के दौरान राहत शिविर, स्वास्थ्य सहायता और राशन वितरण कार्यक्रमों का संचालन किया।
- जल जीवन मिशन, ग्रामीण सड़क, पेयजल योजना और शौचालय निर्माण जैसी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
- विधानसभा में किसान, मजदूर, युवा, महिला सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
चांदपुर के प्रमुख नेता
- स्वामी ओमवेश किसान, मजदूर और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों के मुखर नेता माने जाते हैं।
- कमलेश सैनी भाजपा की नेता हैं और महिला नेतृत्व तथा बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जानी जाती हैं।
- इकबाल ठेकेदार बसपा के नेता रहे हैं और सामाजिक न्याय तथा पिछड़े वर्गों के मुद्दों को उठाते रहे हैं।
- नरदेव सिंह निर्दलीय नेता रहे हैं और सामाजिक समरसता तथा जनसंपर्क के लिए पहचाने जाते हैं।