चरथावल विधानसभा सीट - Muzaffarnagar

चरथावल

वर्तमान विधायक
पंकज कुमार मलिक
जिला
Muzaffarnagar
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
2,21,312
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
मुजफ्फरनगर
चरथावल विधानसभा सीट
चरथावल विधानसभा उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की एक महत्वपूर्ण और सामाजिक रूप से विविध विधानसभा सीट है। यह विधानसभा क्रमांक 12 है और मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण दोनों तरह की जनसंख्या रहती है। यह सीट 1967 में अस्तित्व में आई थी, और 2008 से सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी में है।
जिला: मुजफ्फरनगर
विधानसभा क्रमांक: 12
लोकसभा क्षेत्र: मुजफ्फरनगर
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: 20,653 (नगर पंचायत)
साक्षरता दर: 67.72%
लिंग अनुपात: 925/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 42.36%
मुस्लिम: 57.36%
अन्य समुदाय: लगभग 0.26%
अनुसूचित जाति: 12.94%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,21,312
विजेता: पंकज कुमार मलिक (सपा)
वोट शेयर: 44.0%
उपविजेता: सपना कश्यप (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 67.1%
चरथावल विधानसभा, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में स्थित और मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, जो 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। पहले यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी और 2012 में हुए पहले चुनाव में बसपा के नूरसलीम राणा विजेता बने, जबकि 2017 में भाजपा के विजय कश्यप ने जीत हासिल की। यहां मुस्लिम, चमार, कश्यप, जाट और ठाकुर समुदाय के वोटर चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाते हैं। 2022 में सपा के पंकज मलिक ने भाजपा की सपना कश्यप को 5,334 वोटों से हराया, जहां पंकज मलिक को 43.82% और सपना कश्यप को 41.42% मिले। लगभग 3,06,035 मतदाताओं में से करीब 68% ने मतदान किया। इस चुनाव में जातीय-सामाजिक समीकरण, किसान आंदोलन, गन्ना भुगतान और बुनियादी सुविधाएं प्रमुख मुद्दे रहे। यहां का राजनीतिक मुकाबला आमतौर पर सपा और भाजपा के बीच केंद्रित रहता है, हालांकि बसपा और राष्ट्रीय लोकदल भी समय-समय पर चुनौती पेश करते रहे हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
पंकज कुमार मलिक, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की चरथावल विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक हैं, जिन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। करीब 43 साल के पंकज मलिक पेशे से किसान और व्यापारी हैं तथा स्नातक प्रोफेशनल हैं। चुनाव आयोग को दिए शपथपत्र में उन्होंने अपनी कुल संपत्ति लगभग 6.4 करोड़ रुपये बताई है। वे चरथावल क्षेत्र में सामाजिक, राजनीतिक और कृषि से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। चुनावी रिकॉर्ड के मुताबिक, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
चरथावल विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में चरथावल विधानसभा की राजनीति और जनचर्चा का केंद्र कृषि और गन्ना किसानों की समस्याएं, बुनियादी सुविधाओं की कमी, सामाजिक समरसता, रोजगार, कानून-व्यवस्था और स्थानीय विकास रहे हैं। गन्ना और गेहूं की खेती करने वाले किसानों को समय पर मूल्य भुगतान न मिलना, सिंचाई की कमी और मंडी व्यवस्थाओं की दिक्कतें लगातार बड़ी चिंता बनी रहीं। पेयजल, बिजली, सड़क और जल निकासी जैसी सुविधाओं के अभाव ने जनता में नाराजगी पैदा की, जबकि हिंदू-मुस्लिम सहित विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्द बनाए रखना राजनीतिक विमर्श का अहम हिस्सा रहा। युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग, महिला सुरक्षा, अवैध अतिक्रमण रोकना और कानून-व्यवस्था सुधारने की जरूरत भी लगातार उठती रही। वहीं, विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार, प्रशासनिक लापरवाही और ग्रामीण-शहरी विकास में संतुलन न बनने से लोगों में असंतोष रहा, जिसने इस क्षेत्र की चुनावी दिशा को गहराई से प्रभावित किया।

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