छिबरामऊ विधानसभा सीट - Kannauj

छिबरामऊ

वर्तमान विधायक
श्रीमती अर्चना पाण्डेय
जिला
Kannauj
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
2,57,129
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
कन्नौज
छिबरामऊ विधानसभा सीट
छिबरामऊ विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में स्थित है और कन्नौज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी कवर करती है। 2008 के परिसीमन के बाद इसका विधानसभा क्रमांक 196 है। छिबरामऊ राजनीतिक दृष्टि से कन्नौज जिले की प्रमुख सीटों में मानी जाती है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: कन्नौज
विधानसभा क्रमांक: 196
लोकसभा क्षेत्र: कन्नौज
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: 2.5-3 लाख
साक्षरता दर: 76.7%
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 70-75%
मुस्लिम: 20-25%
अन्य समुदाय: 1-5% से कम
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,57,129
विजेता: अर्चना पांडेय (भाजपा)
वोट शेयर: 55.1%
उपविजेता: अरविंद यादव (सपा)
मतदान प्रतिशत: 63.4%
छिबरामऊ विधानसभा सीट का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प और उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 1957 में इस सीट के गठन के बाद से यहां कई राजनीतिक पार्टियों का असर देखा गया। शुरुआती दौर में प्रजातांत्रिक सोशलिस्ट पार्टी और जनसंघ का वर्चस्व रहा, फिर कांग्रेस, जनता पार्टी और जनता दल ने भी यहां जीत दर्ज की। 1993 में पहली बार भाजपा ने जीत हासिल की, जबकि 1996 में समाजवादी पार्टी ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इसके बाद सपा और भाजपा के बीच मुकाबला चलता रहा। 2007 और 2012 में सपा के अरविंद सिंह यादव ने जीत दर्ज की, लेकिन 2017 में भाजपा की अर्चना पांडेय ने उन्हें बड़ी बढ़त से हराकर सपा के गढ़ में सेंध लगाई। 2022 में भी अर्चना पांडेय ने जीत तो दोहराई, मगर इस बार अंतर बहुत कम रहा, जिससे साफ है कि सपा ने फिर से अपनी स्थिति मजबूत की है। कुल मिलाकर, छिबरामऊ में राजनीति की तस्वीर समय के साथ बदली है, लेकिन फिलहाल भाजपा ने अपनी पकड़ बनाए रखी है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
अर्चना पांडेय, भारतीय जनता पार्टी की नेता, छिबरामऊ की एक जानी-मानी और अनुभवी राजनेता हैं। उनका जन्म 5 जून 1960 को छिबरामऊ, कन्नौज में हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी में एम.ए. की पढ़ाई की। राजनीति उनके परिवार से जुड़ी रही है उनके पिता, स्वर्गीय राम प्रकाश त्रिपाठी, भाजपा के वरिष्ठ नेता थे और कई बार विधायक और सांसद रह चुके हैं। अर्चना पांडेय पिछले 25 वर्षों से सामाजिक काम और राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने 2012 में पहली बार भाजपा की ओर से छिबरामऊ से चुनाव लड़ा और फिर 2017 और 2022 में जीत दर्ज की। 2017 से 2019 तक वे उत्तर प्रदेश सरकार में खान, आबकारी और निषेध विभाग की राज्य मंत्री भी रहीं। महिलाओं, बच्चों, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और धार्मिक स्थलों को लेकर उनका योगदान खासा रहा है। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ किसी भी तरह का आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
छिबरामऊ विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में छिबरामऊ विधानसभा क्षेत्र में कई अहम मुद्दों और विकास कार्यों पर ध्यान दिया गया है। राजनीतिक तौर पर इस दौरान भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत की है, जहां 2017 और 2022 दोनों चुनावों में अर्चना पांडेय ने जीत हासिल की। बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए सड़कों का निर्माण और मरम्मत की गई, बिजली और पानी की आपूर्ति बेहतर हुई। शिक्षा के क्षेत्र में स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब बनाए गए, वहीं स्वास्थ्य सेवाओं में मोबाइल मेडिकल यूनिट और नए उपकरणों की व्यवस्था हुई। महिलाओं और बच्चों के लिए पोषण केंद्र, जागरूकता अभियान और सिलाई-ब्यूटी पार्लर जैसे कौशल विकास प्रशिक्षण शुरू किए गए। धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को भी सजाया गया, जैसे कालिका देवी मंदिर का आधुनिकीकरण। कोरोना महामारी के समय राशन वितरण, ऑक्सीजन सप्लाई और टीकाकरण जागरूकता अभियान चलाए गए। आगे की योजनाओं में छात्रावास, सौर ऊर्जा परियोजनाएं, जल संरक्षण और डिजिटल सेवाएं शामिल हैं। साथ ही, नगर विकास को लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर, छिबरामऊ में विकास और सामाजिक सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

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