चिल्लूपार विधानसभा से विधायक राजेश त्रिपाठी का राजनीतिक सफर, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
10 June, 2026 | Desk

चिल्लूपार विधानसभा से विधायक राजेश त्रिपाठी का राजनीतिक सफर, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

चिल्लूपार विधानसभा
राजेश त्रिपाठी गोरखपुर जिले की चिल्लूपार विधानसभा सीट से विधायक हैं और फिलहाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हैं। उन्होंने 1985 में गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और पहले पत्रकारिता और फिर सामाजिक सेवा के रास्ते राजनीति में आए। सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने के कारण लोग उन्हें 'मुक्तिपथ वाले बाबा' या 'श्मशान घाट वाले बाबा' के नाम से भी जानते हैं। उनका राजनीतिक सफर 2007 में शुरू हुआ जब उन्होंने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़कर हरिशंकर तिवारी जैसे कद्दावर नेता को हराया। 2012 में भी उन्होंने तिवारी को हराकर जीत दोहराई। 2022 में वे भाजपा प्रत्याशी के रूप में फिर से जीतकर विधानसभा पहुंचे। 2022 चुनावी परिणाम के अनुसार उनके खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
राजनीतिक कॅरियर
  • 2007 में बसपा के टिकट पर पहली बार चुनाव लड़ा और हरिशंकर तिवारी को हराकर विधायक बने।
  • मायावती सरकार में राज्य मंत्री के रूप में शामिल किए गए।
  • 2012 में दोबारा हरिशंकर तिवारी को हराकर लगातार दूसरी बार विधायक बने और बाद में बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे।
  • 2017 में भाजपा में शामिल हुए लेकिन बसपा के विनय शंकर तिवारी से चुनाव हार गए।
  • 2022 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में वापसी करते हुए विनय शंकर तिवारी को लगभग 21,000 वोटों से हराकर तीसरी बार विधायक बने।
  • वर्तमान में भाजपा विधानमंडल दल के गोरखपुर क्षेत्र के सचेतक हैं।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
  • गांव–गांव तक सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कराया।
  • घाघरा नदी के किनारे आधुनिक सुविधाओं वाला मुक्तिधाम निर्माण करवाया।
  • 2022 के बाद लगभग 4,000 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं के तहत स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, पुल और ग्रामीण सड़कों के निर्माण को गति दी।
  • स्थानीय कृषि मंडी को मजबूत किया और किसानों तथा गरीब परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
  • विधायक निधि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यों में किया।
  • विधानसभा में सामाजिक समरसता, युवाओं के रोजगार और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की आवाज को मजबूती से उठाया।
चिल्लूपार के प्रमुख नेता
  • राजेश त्रिपाठी तीन बार विधायक रह चुके हैं और भाजपा तथा बसपा दोनों दलों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
  • हरिशंकर तिवारी छह बार विधायक रहे और लगभग दो दशकों तक क्षेत्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल रहे।
  • विनय शंकर तिवारी 2017 में विधायक चुने गए और सड़क निर्माण, शिक्षा तथा युवा राजनीति को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं।