चित्रकूट विधानसभा सीट - Chitrakoot

चित्रकूट

वर्तमान विधायक
अनिल प्रधान पटेल
जिला
Chitrakoot
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
2,39,067
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
बाँदा
चित्रकूट उत्तर प्रदेश विधान सभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है जो प्रदेश के चित्रकूट जिले के चित्रकूट शहर को कवर करता है। चित्रकूट बांदा लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। 2008 से, यह विधानसभा क्षेत्र 403 निर्वाचन क्षेत्रों में से 236 नंबर पर है। चित्रकूट को मंदिरों का शहर भी कहा जाता है और यह अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए काफी मशहूर है।

विधानसभा संख्या: 236
जनपद: चित्रकूट
लोकसभा क्षेत्र: बाँदा
आरक्षण स्थिति: सामान्य
 
जनसंख्या विभाजन (जनगणना 2011)
कुल जनसंख्या: 991,657 
पुरुष: 5,27,721
महिला: 4,64,009
लिंग अनुपात: 879/1,000
अनुसूचित जाति: 26.9%
अनुसूचित जनजाति: 366
साक्षरता दर: 65.05%
 
धार्मिक एवं साम्प्रदायिक विभाजन (जनगणना 2011)
हिन्दू : 96.33%
मुस्लिम: 3.48%
ईसाई: 0.07%
सिख: 0.01%
बौद्ध: 0.01%
जैन: 0.03%
अनुसूचित जाति: लगभग 27%
 
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2023 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,39,067
विजेता: अनिल प्रधान पटेल (सपा)
वोट शेयर: 43.8%
उपविजेता: चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 64.3%
 
चित्रकूट विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास कई चरणों से गुजरा है। 1980 और 1985 में कांग्रेस ने इस सीट पर जीत दर्ज कर शुरुआती दबदबा बनाया, जबकि 1970–80 के दशक में वामपंथी दल (सीपीआई) और निर्दलीय प्रत्याशी भी जीतते रहे। इसके बाद बसपा और सपा का उदय हुआ 1996 और 2002 में बसपा, जबकि 2012 में समाजवादी पार्टी के वीर सिंह ने जीत हासिल की। 2017 में भाजपा के चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने सपा के वीर सिंह को हराकर भाजपा का वर्चस्व स्थापित किया। हालांकि 2022 में समाजवादी पार्टी ने वापसी करते हुए अनिल प्रधान पटेल को विजयी बनाया, जिन्होंने भाजपा के चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय को 20,876 वोटों से हराया। चुनावों में बहुकोणीय मुकाबला होता रहा है, लेकिन हालिया वर्षों में मुख्य संघर्ष भाजपा और सपा के बीच केंद्रित हो गया है। 2022 में सपा को 43.23% वोट मिले, जबकि भाजपा को 34.62% और बसपा को 15.97% वोट प्राप्त हुए। कुल मतदान 43.23% रहा। चुनावी मुद्दों में सड़क, सिंचाई, रोजगार, शिक्षा, ग्रामीण विकास और जातीय समीकरण प्रमुख रहे।

विधायक परिचय और आपराधिक मामला
अनिल प्रधान पटेल समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक हैं, जो उत्तर प्रदेश की चित्रकूट सदर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका जन्म नया पुरवा गांव, रुकमा बुजुर्ग मजरा, मानिकपुर तहसील, चित्रकूट में हुआ और उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले अनिल पटेल ने 2016 में जिला पंचायत बोर्ड सदस्य और 2017 में चित्रकूट जिला पंचायत सदस्य के रूप में राजनीतिक सफर की शुरुआत की। 2022 में वे सपा के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए। सामाजिक न्याय और गरीबों के अधिकारों के लिए वे लगातार सक्रिय रहे हैं, कई बार भूख हड़ताल और आंदोलनों में भाग भी लिया है। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।

चित्रकूट विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
चित्रकूट क्षेत्र में बुनियादी अवसंरचना की समस्याएं लंबे समय से चर्चा का विषय रही हैं। ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में खराब सड़कों, अनियमित बिजली आपूर्ति और जल निकासी की समस्याएं आम हैं, जो चुनावी वादों का अहम हिस्सा बनती रही हैं। सिंचाई संसाधनों की कमी और जल संकट, विशेष रूप से कृषि-प्रधान इस क्षेत्र में, किसानों की आजीविका को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, जिससे तालाबों और नहरों के जीर्णोद्धार की मांग लगातार उठती रही है। रोजगार की सीमित उपलब्धता के कारण युवाओं का पलायन जारी है, जबकि धार्मिक पर्यटन स्थलों जैसे रामघाट, कामदगिरि और मंदाकिनी नदी के आसपास संभावनाएं होने के बावजूद सुविधाओं और प्रचार की कमी के कारण अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चिंताजनक है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और संसाधनों की कमी तथा अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपलब्धता जैसी समस्याएं आम हैं। सामाजिक दृष्टि से ब्राह्मण, ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों के मतदाता चुनावी समीकरणों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं और सामाजिक न्याय, आरक्षण तथा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना रहता है। वहीं, कई गांवों में विकास के बार-बार के वादों के बावजूद मूलभूत सुविधाओं के अभाव से असंतोष व्याप्त है, जिससे कुछ क्षेत्रों में चुनाव बहिष्कार की चेतावनियां भी सामने आई हैं।

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