धनौरा विधानसभा सीट - Amroha

धनौरा

वर्तमान विधायक
श्री राजीव तरारा
जिला
Amroha
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
धनौरा विधानसभा सीट
धनौरा विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में स्थित है और अमरोहा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इसका विधानसभा क्रमांक 39 है और यह अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीट है। धनौरा नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र इसमें शामिल हैं। यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद से अस्तित्व में है और क्षेत्र में सामाजिक-राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: अमरोहा
विधानसभा क्रमांक: 39
लोकसभा क्षेत्र: अमरोहा
आरक्षण: अनुसूचित जाति (SC)
अनुमानित आबादी: 2.5-3 लाख
साक्षरता: 63.8%
लिंग अनुपात: 910/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 55-59%
मुस्लिम: 40-45%
अन्य समुदाय: 1-2% से कम
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,42,521
विजेता: राजीव तरारा (भाजपा)
वोट शेयर: 42.5%
उपविजेता: विवेक सिंह (सपा)
मतदान प्रतिशत: 70.1%
धनौरा विधानसभा सीट, जो 2008 में परिसीमन के बाद बनाई गई थी, अब तक तीन बार चुनाव देख चुकी है। 2012 में यहां समाजवादी पार्टी के मैकाल चंद्र ने जीत हासिल की, जबकि 2017 और 2022 में यह सीट भारतीय जनता पार्टी के राजीव कुमार (राजीव तारारा) के पास रही। 2017 में उन्होंने सपा के जगराम सिंह को बड़े अंतर से हराया था, जबकि 2022 में उन्होंने सपा के विवेक सिंह को करीब 11,425 वोटों से हराकर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। इस चुनाव में भाजपा को करीब 1 लाख 3 हजार वोट मिले, वहीं सपा को करीब 91 हजार और बसपा को लगभग 44 हजार वोट मिले। इस क्षेत्र में मुस्लिम, दलित, जाट और सैनी समुदाय का अच्छा-खासा प्रभाव है, जो हर चुनाव में समीकरण तय करते हैं। चुनावी मुद्दों की बात करें तो यहां किसानों की समस्याएं, रोजगार की कमी और बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की हालत लगातार चर्चा में रही है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
राजीव तरारा उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की धनौरा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। उन्होंने 2017 और 2022 दोनों विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की है और क्षेत्र में बीजेपी का एक मजबूत चेहरा माने जाते हैं। वे सामाजिक और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों में भी सक्रिय रहते हैं। उनका गांव तरारा, अमरोहा जिले में ही है, और वहीं उनका स्थायी निवास भी है। जहां तक कानूनी स्थिति की बात है, तो उनके खिलाफ किसी भी तरह का आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, और उनके चुनावी हलफनामे में भी कोई आरोप नहीं पाया गया है।
धनौरा विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
धनौरा विधानसभा क्षेत्र, जो उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में आता है, पिछले कुछ वर्षों में कई अहम सामाजिक, आर्थिक और विकास से जुड़े मुद्दों का सामना करता रहा है। 2008 में परिसीमन के बाद इस सीट पर दो बार चुनाव हुए, जिनमें एक बार सपा और एक बार बीजेपी को जीत मिली। 2022 के चुनाव में भी मुकाबला काफी करीबी रहा। इस इलाके की पहचान एक कृषि प्रधान क्षेत्र के रूप में है, जहां किसानों को सिंचाई, फसल के उचित दाम और पानी की कमी जैसी दिक्कतें लगातार झेलनी पड़ती हैं। साथ ही, सड़क, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी भी यहां के लोगों के लिए बड़ी परेशानी रही है। इसके अलावा बेहतर अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों की मांग लंबे समय से उठती रही है। व्यापार के नजरिए से देखें तो स्थानीय मंडियों और बाज़ारों के विकास की ज़रूरत महसूस की गई, और हाल ही में मुख्यमंत्री ने सराही मंडी के विस्तार की पहल की, जिसे कारोबार के लिहाज़ से अहम माना जा रहा है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है, इसलिए दलित समुदाय से जुड़े मुद्दे और सामाजिक न्याय की मांग भी यहां की राजनीति का अहम हिस्सा बनी रही है।

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