डुमरियागंज विधानसभा सीट - Siddharth Nagar

डुमरियागंज

वर्तमान विधायक
सैय्यदा खातून
जिला
Siddharth Nagar
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
डुमरियागंज
डुमरियागंज विधानसभा सीट
डुमरियागंज उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है, जिसकी सीमा नेपाल से भी लगती है। यह डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और यहाँ की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर टिकी है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: सिद्धार्थनगर
विधानसभा क्रमांक: 306
लोकसभा क्षेत्र: डुमरियागंज
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: लगभग 3,20,000
साक्षरता दर: लगभग 58%
लिंग अनुपात: 944/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 70%
मुस्लिम: लगभग 29%
अन्य समुदाय: लगभग 1%
अनुसूचित जाति: अनुमानित 16%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,05,462
विजेता: सईदा खातून (सपा)
वोट: 41.4%
उपविजेता: रघवेंद्र प्रताप सिंह (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 50.2%
डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र, जो सिद्धार्थनगर जिले में स्थित है, का राजनीतिक सफर 1967 से शुरू होता है और यह सीट हमेशा से सामाजिक-सांप्रदायिक समीकरणों और करीबी मुकाबलों के लिए जानी जाती रही है। शुरुआती दौर में यहां भारतीय जनसंघ, जनता पार्टी, लोक दल जैसे दलों का दबदबा रहा, जबकि 1989 से 1993 तक भाजपा के प्रेम प्रकाश उर्फ जिप्पी तिवारी लगातार तीन बार जीते। इसके बाद 1996 और 2002 में समाजवादी पार्टी ने तौफीक अहमद के जरिए जीत दर्ज की, फिर 2007 में बसपा और 2012 में पीस पार्टी का भी पलड़ा भारी रहा। 2017 में भाजपा के राघवेंद्र प्रताप सिंह ने जीत हासिल की, लेकिन 2022 का चुनाव बेहद रोमांचक रहा जब सपा की सईदा खातून ने उन्हें मात्र 771 वोटों से हराकर सीट अपने नाम की। इस चुनाव में सईदा खातून को 41.19% और राघवेंद्र प्रताप सिंह को 40.82% वोट मिले, जबकि बसपा तीसरे नंबर पर रही। इन नतीजों ने एक बार फिर साबित किया कि डुमरियागंज की राजनीति जातीय और धार्मिक समीकरणों के साथ-साथ विकास के मुद्दों पर भी गहराई से टिकी हुई है और यहां मतदाता हमेशा कड़ी टक्कर देते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
सईदा खातून समाजवादी पार्टी की विधायक हैं, जिन्होंने 2022 के डुमरियागंज विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार राघवेंद्र प्रताप सिंह को महज 771 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। करीब 48 वर्ष की सईदा खातून परास्नातक हैं और कृषि से जुड़ी पेशेवर पृष्ठभूमि रखती हैं। उनकी कुल संपत्ति लगभग 3.9 करोड़ रुपये है, जबकि उन पर करीब 5 लाख रुपये की देनदारी है। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
डुमरियागंज विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र की राजनीति और जनचर्चाओं का केंद्र सड़क, बाढ़, रोजगार, जलनिकासी और आधारभूत सुविधाएँ रही हैं। सड़कों को लेकर लोगों की राय मिली-जुली रही। कुछ जगहों पर निर्माण कार्यों ने राहत दी, तो कई हिस्सों में स्थिति खराब बताई गई। इलाके में लगभग 4 करोड़ की लागत से मैरिज हॉल जैसी सुविधाओं का विकास हुआ, जिससे लोग संतुष्ट दिखे, लेकिन राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदियों की बाढ़ अब भी हर साल किसानों और आम जनता के लिए बड़ी परेशानी बनी रहती है। कस्बे में जलभराव की समस्या भी संरचनात्मक सुधारों के बावजूद पूरी तरह खत्म नहीं हुई और गलत जलनिकासी व्यवस्था ने इसे और बढ़ाया। रोजगार के अवसर न होने से युवाओं का पलायन जारी है, जबकि बिजली की स्थिति में थोड़े सुधार के बावजूद स्थायी समाधान अभी दूर है। आवास और अन्य सरकारी योजनाओं की अपूर्णता भी चर्चा में रही। वहीं, सामान्य और मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी संख्या के कारण सामाजिक संतुलन भी चुनावी समीकरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा। इन सब मुद्दों को लेकर जनता की अपेक्षाएँ लगातार बनी हैं और यही आने वाले चुनावों में भी नीतियों का आधार बनने वाले हैं।

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