10 June, 2026 | Desk

दुद्धी विधानसभा से विधायक विजय सिंह गोंड का राजनीतिक सफर, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

दुद्धी विधानसभा
विजय सिंह गोंड पूर्वांचल के सबसे प्रभावशाली आदिवासी नेताओं में गिने जाते थे। वे सोनभद्र जिले की दुद्धी विधानसभा सीट से रिकॉर्ड आठ बार विधायक चुने गए और आदिवासी समाज की आवाज के रूप में पूरे उत्तर प्रदेश में पहचान रखते थे। उनका जीवन सादगी, जनसंघर्ष और आदिवासी अधिकारों के लिए समर्पित रहा। जनवरी 2026 में लंबी बीमारी के बाद लखनऊ के एसजीपीजीआई में उनका निधन हो गया, जिसे दुद्धी क्षेत्र और आदिवासी समाज के लिए एक बड़ी राजनीतिक क्षति माना गया।
राजनीतिक सफर
  • 1980 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार दुद्धी विधानसभा से चुनाव जीतकर राजनीतिक सफर शुरू किया।
  • 1985 में पुनः कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए।
  • 1989 में निर्दलीय तथा 1991 और 1993 में जनता दल के टिकट पर जीत दर्ज की।
  • बाद में समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और 1996 तथा 2002 में सपा के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए।
  • मुलायम सिंह यादव सरकार में उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त हुआ।
  • 2017 और 2022 के चुनावों में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन क्षेत्र में उनका प्रभाव बना रहा।
  • 2024 के दुद्धी उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज कर रिकॉर्ड आठवीं बार विधानसभा पहुंचे।
  • लगभग चार दशकों तक दुद्धी और सोनभद्र की राजनीति के केंद्रीय चेहरों में शामिल रहे।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
  • आदिवासी समाज के अधिकारों, वनाधिकार और भूमि संबंधी मुद्दों को लगातार विधानसभा और सरकार के सामने उठाया।
  • दुद्धी और ओबरा सीटों को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित कराने की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इस मुद्दे को न्यायालय तक पहुंचाया।
  • जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष किया।
  • दुद्धी को जिला बनाने की मांग को प्रमुखता से उठाया और क्षेत्रीय विकास के लिए आवाज बुलंद की।
  • आदिवासियों की भूमि सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे।
  • बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार और स्थानीय लोगों को परियोजनाओं में प्राथमिकता दिलाने की मांग करते रहे।
  • सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार जनआंदोलन और राजनीतिक प्रयास किए।
  • जमीनी नेता के रूप में गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए संघर्ष करने के लिए जाने जाते थे।
दुद्धी के प्रमुख नेता
  • विजय सिंह गोंड रिकॉर्ड आठ बार विधायक रहे और उत्तर प्रदेश में आदिवासी राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल रहे।
  • रामदुलार गोंड दुद्धी से विधायक रहे और आदिवासी समुदाय में भाजपा का मजबूत जनाधार स्थापित करने वाले नेताओं में गिने जाते हैं।
  • संजीव कुमार गोंड प्रदेश सरकार में मंत्री रहते हुए सोनभद्र और आदिवासी क्षेत्रों के विकास से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाते रहे।
  • नरेंद्र सिंह गोंड विजय सिंह गोंड की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाले युवा आदिवासी नेताओं में शामिल हैं।
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  • विजय सिंह गोंड, दुद्धी विधानसभा, समाजवादी पार्टी, सोनभद्र, विधायक प्रोफाइल, Vijay Singh Gond, Duddhi Assembly Seat, SP Leader