एटा विधानसभा सीट - Etah

एटा

वर्तमान विधायक
श्री विपिन कुमार डेविड
जिला
Etah
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
एटा
एटा विधानसभा सीट
एटा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से एक है, जो एटा ज़िले में स्थित है। यह एटा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और इसमें एटा तहसील के अंतर्गत आने वाले सकीट, मलावन, एटा नगर पालिका परिषद और सकीट नगर पंचायत शामिल हैं। इस सीट की स्थापना 1952 में हुई थी और 2008 के परिसीमन के बाद इसे क्रम संख्या 104 दी गई थी।
जनसंख्या (2011 की जनगणना)
एटा तहसील जनसंख्या (2011): 9,37,536
शहरी आबादी: 17.8%
ग्रामीण आबादी: 82.2%
लिंग अनुपात (तहसील):879/1000
साक्षरता दर (ज़िला): 70.81%
धार्मिक और साम्प्रदायिक विभाजन
हिन्दू: 78.30%
मुस्लिम: 17.92%
जैन: 2.80%
ईसाई: 0.35%
सिख: 0.29%
बौद्ध: 0.10%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,09,710
विजेता: विपिन कुमार डेविड (भाजपा)
वोट शेयर: 46.5%
उपविजेता: जुगेंद्र सिंह यादव (सपा)
मतदान प्रतिशत: 62.1%
एटा विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण राजनीतिक सीट रही है, जिसका इतिहास कांग्रेस, भारतीय लोकदल, समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रभाव से जुड़ा रहा है। 1977 के बाद से यहां का मुकाबला मुख्यतः भाजपा और सपा के बीच होता आया है, जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) कभी जीत दर्ज नहीं कर पाई। जिले में यादव, लोधी, शाक्य और कुलश्रेष्ठ (कास्थ) जैसी प्रमुख जातियों का वर्चस्व है, जो चुनावी समीकरणों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। लोकसभा स्तर पर कल्याण सिंह और उनके बेटे राजवीर सिंह का राजनीतिक प्रभाव भी इस क्षेत्र में देखा गया है। पिछले कुछ चुनावों में भाजपा ने पांच बार और सपा ने तीन बार जीत हासिल की है, जिससे दोनों दलों के बीच सीधी टक्कर की परंपरा बनी हुई है। 2022 के चुनाव में भाजपा के विपिन वर्मा डेविड ने सपा के जुगेंद्र सिंह यादव को हराकर जीत दर्ज की, जबकि बसपा तीसरे स्थान पर रही। कुल मतदान 46.34% रहा। वर्तमान में भाजपा का आधार मजबूत दिखता है, लेकिन यदि विपक्षी दल (सपा, बसपा, कांग्रेस) एकजुट होते हैं, तो मुकाबला और भी कड़ा हो सकता है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
विपिन कुमार डेविड भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा की एटा सदर (104) सीट से विधायक हैं। 20 अप्रैल 1970 को एटा जिले के एक प्रतिष्ठित लोधी राजपूत परिवार में जन्मे विपिन डेविड ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और पेशे से कृषि व उद्योग से जुड़े हुए हैं। उन्होंने 2017 में पहली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया, और 2022 में पुनः इस सीट पर जीत हासिल की। वे अखिल भारतीय लोधी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में भाजपा विधायक दल के सचेतक व उत्तर प्रदेश विधान सभा की प्रतिनिधि विधायन समिति के सभापति के रूप में कार्यरत हैं। जहां तक उनके आपराधिक रिकॉर्ड की बात है, 2022 के चुनावी शपथपत्र के अनुसार उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, जिससे उनकी छवि एक स्वच्छ और निष्कलंक जनप्रतिनिधि की बनती है।
एटा विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में एटा विधानसभा क्षेत्र में कई ज्वलंत मुद्दे जनता के बीच चर्चा में रहे हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सड़कों की जर्जर हालत, गड्ढे, जलभराव और मरम्मत में देरी से आवागमन और स्थानीय व्यापार पर असर पड़ा। पीने के पानी की नियमित और स्वच्छ आपूर्ति की समस्या, पाइपलाइन बिछाने में लापरवाही और जल निकासी व्यवस्था की खामियों के चलते कई मोहल्लों में गंदगी और जलभराव जैसी स्थितियां बनी रहीं। बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और ट्रांसफार्मर की खराबी जैसी समस्याएं भी आम रहीं, विशेषकर गर्मी के मौसम में बिजली संकट गंभीर रूप से महसूस किया गया। स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टरों, दवाओं और सुविधाओं की कमी के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली चिंता का विषय बनी रही, वहीं शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की गिरती गुणवत्ता, शिक्षकों की कमी और ढांचागत समस्याएं बनी रहीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति भी चुनौतीपूर्ण रही, जहां चोरी, लूट, महिलाओं के खिलाफ अपराध और नशे की बढ़ती समस्या को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी, लाभार्थियों तक समय पर लाभ न पहुंचना और पारदर्शिता की कमी के चलते जनता में असंतोष व्याप्त रहा। साथ ही, युवाओं के लिए रोजगार के सीमित अवसर, स्वरोजगार योजनाओं की धीमी प्रगति और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता की मांग भी लगातार प्रमुख मुद्दों में शामिल रही।

उत्तर प्रदेश लेटेस्ट न्यूज़