एटावा विधानसभा से विधायक सरिता भदौरिया का राजनीतिक सफर, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
एटावा विधानसभा
सरिता भदौरिया भाजपा, एटावा विधानसभा की एक सशक्त महिला नेता हैं जिन्होंने पिछले दो दशकों में अपनी नेतृत्व क्षमता और सामाजिक कामों के जरिए क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है।
सरिता भदौरिया: शिक्षा और राजनीतिक सफर
सरिता भदौरिया भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक प्रमुख नेता हैं। वे वर्तमान में इटावा विधानसभा क्षेत्र से 18वीं उत्तर प्रदेश विधानसभा की सदस्य हैं। उन्होंने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को हराकर भाजपा को इस क्षेत्र में सशक्त बनाया। सरिता भदौरिया ने कानपुर विश्वविद्यालय (सीएसजेएम यूनिवर्सिटी) से शिक्षा प्राप्त की है और वे एक समाजसेवी, कृषक एवं सक्रिय राजनेता हैं। उनका राजनीतिक सफर 1999 में कांग्रेस से शुरू हुआ, लेकिन 2000 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। वे भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (2010-2013), भाजपा उत्तर प्रदेश की उपाध्यक्ष (2013-2016) रह चुकी हैं और वर्तमान में 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान की उत्तर प्रदेश अध्यक्ष हैं। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
विधायक के रूप में उपलब्धियाँ
इटावा की राजनीति में सरिता भदौरिया को एक आयरन लेडी के तौर पर जाना जाता है। 2017 के विधानसभा चुनाव में इटावा सदर सीट, जो सपा का पारिवारिक गढ़ मानी जाती है, यहां भाजपा प्रत्याशी के तौर पर सरिता भदौरिया ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को 17,234 वोटों से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। 2022 के चुनाव में भी उन्होंने 4,277 वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर अपना दबदबा बनाये रखा। क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा व स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, जनसुनवाई और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किया है।
क्षेत्रीय विकास और उपलब्धियाँ
- महिला और बाल विकास के लिए कई जनजागरण कार्यक्रम चलाए गए।
- क्षेत्र में पढ़ाई और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए गए।
- सड़क, बिजली और पेयजल जैसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया।
- युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए गए और उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा गया।
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से महिलाओं को आगे लाने पर विशेष जोर दिया गया।
सरिता भदौरिया अपने क्षेत्र के मतदाताओं के सुख-दुख में हिस्सा लेकर, समस्याएं सुनकर और समाधान करके जनसेवक की छवि कायम करती रही हैं। वह महिला सुरक्षा, स्वच्छता अभियान, पढ़ाई के प्रचार में सक्रिय रहती हैं।
क्षेत्र के अन्य प्रमुख नेता
- एटावा विधानसभा क्षेत्र समाजवादी पार्टी के मजबूत आधार के रूप में जाना जाता है।
- इस क्षेत्र के शिवपाल यादव (जसवंतनगर) और राघवेंद्र कुमार सिंह (भरथना) यहां के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।
- पूर्व केंद्रीय मंत्री रामशंकर कठेरिया भी इसी क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और उन्होंने संगठन तथा सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- वर्तमान में भरथना सीट समाजवादी पार्टी के पास है, जबकि जसवंतनगर और सदर सीटों पर भाजपा का दबदबा देखा जाता है।