एत्मादपुर विधानसà¤à¤¾ सीट - Agra
एत्मादपुर |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | डा0 धर्मपाल सिंह |
| जिला | Agra |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | आगरा |
एत्मादपुर, आगरा विधानसभा सीट प्रोफ़ाइल
एत्मादपुर, आगरा जिले की नौ विधानसभा सीटों में से एक है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अहम भूमिका निभाती है। यह क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण है, जो शहरी सीटों जैसे आगरा कैंट से काफी भिन्न है, और जिले की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्त्वपूर्ण योगदान देता है। इस सीट का गठन 1951 में 'एत्मादपुर – आगरा ईस्ट' के रूप में हुआ था। 1957 के चुनाव के बाद आगरा ईस्ट को अलग कर दिया गया। बाद में चुनाव आयोग द्वारा परिसीमन के तहत इसे एत्मादपुर नॉर्थ और साउथ में विभाजित किया गया और 1974 में हुए संशोधनों के बाद वर्तमान एत्मादपुर सीट का गठन हुआ।
सीट का नाम: एत्मादपुर
जिला: आगरा
लोकसभा क्षेत्र: आगरा (सुरक्षित - अनुसूचित जाति)
विधानसभा सीट संख्या: 86
स्थिति: सामान्य (गैर-आरक्षित)
जनसंख्या और मतदाता प्रोफ़ाइल
2022 के विधानसभा चुनाव
कुल मतदान प्रतिशत: 48.77%
जनसंख्या वितरण:
कुल जनसंख्या (ब्लॉक): 1,12,143 (एत्मादपुर ब्लॉक)
धार्मिक विभाजन:
हिंदू: 76.16%
मुस्लिम: 19.94%
ईसाई: 0.47%
सिख: 0.01%
बौद्ध: 0.28%
जैन: 2.69%
जातिगत विभाजन:
अनुसूचित जाति (SC): 20.77%
अनुसूचित जनजाति (ST): 0.01%
राजनीतिक परिदृश्य
2022 विधानसभा चुनाव
विजेताः धर्मपाल सिंह
पार्टाः भारतीय जनता पार्टी
वोट शेयरः 48.77%
एत्मादपुर में प्रमुख राजनीतिक दलों की स्थिति पिछले कुछ वर्षों में काफी बदली है। भाजपा 2017 के बाद से यहां दलित वर्ग में प्रभावी चेहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत संगठनात्मक नेटवर्क के चलते मजबूत स्थिति में है। वहीं बसपा जो लंबे समय तक जाटव वोटबैंक के आधार पर प्रभावी रही, अब भाजपा की बढ़ती पकड़ से दबाव में है। सपा की स्थिति भी पहले के मुकाबले कमजोर हुई है, हालांकि कुछ महिला उम्मीदवारों ने यहां की राजनीति में कुछ प्रभाव जरुर डाला है। वहीं, कांग्रेस पिछले 26 वर्षों से जिले में कोई भी सीट नहीं जीत सकी है और अब महिला नेतृत्व के माध्यम से वापसी की कोशिश कर रही है।
एत्मादपुर, आगरा के पिछले पांच साल
पिछले पांच वर्षों में एत्मादपुर, आगरा में कई गंभीर समस्याएं उभरकर सामने आई हैं, जो क्षेत्र के विकास और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं। प्रमुख चिंताओं में पर्यावरण प्रदूषण प्रमुख है—नुनहाई और फाउंड्री नगर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को 'गंभीर रूप से प्रदूषित' घोषित किया गया है, जबकि यमुना नदी में प्लास्टिक और अपशिष्ट का डंपिंग उसकी गुणवत्ता को लगातार खराब कर रहा है। यातायात जाम, संकरी सड़कें और कमजोर बुनियादी ढांचा भी बड़ी चुनौतियाँ हैं, जबकि जल आपूर्ति में भारी कमी और खराब सीवरेज व्यवस्था से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। इसके अलावा, चोरी, हत्या, अवैध शराब बिक्री और घरेलू हिंसा जैसे अपराधों में वृद्धि, साथ ही किसानों और मजदूरों के विरोध प्रदर्शन सामाजिक असंतोष को दर्शाते हैं। ताजमहल पर भी प्रदूषण का नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिससे उसका रंग और संरचना क्षतिग्रस्त हो रही है। इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक सक्रियता और जनभागीदारी बेहद जरूरी है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामले
डॉ. धर्मपाल सिंह एक शिक्षक और राजनेता हैं, जिनका जन्म 1 जून 1963 को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में हुआ। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। राजनीतिक कॅरियर में वे 2012 से 2017 तक और फिर 2022 में दो बार विधायक चुने गए हैं। शुरुआत में वे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से जुड़े थे, लेकिन 2022 में भाजपा में शामिल होकर विधानसभा चुनाव जीते। उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है जो उनके शपथपत्र में भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।