गंगोह विधानसà¤à¤¾ सीट - Saharanpur
गंगोह |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री किरत सिंह |
| जिला | Saharanpur |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | 2,69,986 |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | कैराना |
गंगोह विधानसभा सीट
गंगोह उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की विधान सभा सीट है, जिसका क्रमांक 7 है। यह कैराना लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। गंगोह 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई और इसमें अम्बेहटा, गंगोह, नानौता, तितरोन आदि प्रमुख नगरी व ग्राम शामिल हैं। कृषि, व्यापार और लघु उद्योग मुख्य आर्थिक गतिविधियाँ हैं।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: सहारनपुर
विधानसभा क्रमांक: 7
लोकसभा क्षेत्र: कैराना
आरक्षण: कोई नहीं (सामान्य)
अनुमानित आबादी: 3,69,000
साक्षरता दर: 63.51%
लिंग अनुपात: 893/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 55%
मुस्लिम: लगभग 44%
अन्य समुदाय: लगभग 1%
अनुसूचित जाति: करीब 22%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,69,986
विजेता: किरत सिंह गुर्जर (भाजपा)
वोट: 43.2%
उपविजेता: इंद्र सेन (सपा)
मतदान प्रतिशत: 70.07%
गंगोह विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद बनी और 2012 में यहां पहला चुनाव हुआ, जिसमें कांग्रेस के प्रदीप चौधरी ने जीत हासिल की। बाद में 2017 में वे भाजपा में शामिल होकर दोबारा विधायक बने, लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव जीतने के बाद सीट खाली हो गई। इसके बाद हुए उपचुनाव में भाजपा के कीरत सिंह ने कांग्रेस के नोमान मसूद को हराकर पार्टी की पकड़ मजबूत कर दी। 2022 में भी कीरत सिंह ने बसपा के नोमान मसूद को 5,419 वोटों से पराजित किया। करीब 3.85 लाख मतदाताओं वाली इस सीट पर मुस्लिम (लगभग 1.25 लाख), गुर्जर और दलित (प्रत्येक करीब 45 हजार) के साथ सैनी, जाट, ब्राह्मण और कश्यप समुदायों का प्रभाव चुनावी समीकरण तय करता है। यहां की राजनीति आमतौर पर भाजपा और कांग्रेस/बसपा के बीच टकराव में रहती है, जबकि सपा और अन्य दल सीमित भूमिका निभाते हैं। पिछले कुछ चुनावों में भाजपा ने जातीय संतुलन और स्थानीय विकास के मुद्दों पर पकड़ बनाकर लगातार जीत दर्ज की है, जिससे कीरत सिंह के नेतृत्व में इस सीट पर पार्टी का प्रभाव और मजबूत हुआ है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
चौधरी किरत सिंह गुर्जर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हैं, जो सहारनपुर जिले की गंगोह विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। 1 मार्च 1967 को उमाही कलां गांव में जन्मे किरत सिंह ने हिमाचल प्रदेश के मानव भारती विश्वविद्यालय, सोलन से स्नातक की डिग्री हासिल की है। पेशे से वे व्यवसायी और कृषक हैं और 1989 से भाजपा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियों के साथ सक्रिय राजनीति कर रहे हैं। 2019 के उपचुनाव में पहली बार विधायक बने और 2022 में दोबारा जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना। चुनाव आयोग को दिए शपथ पत्र (2022) के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है।
गंगोह विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
गंगोह, रामपुर मनिहारान और देवबंद विधानसभा क्षेत्रों की राजनीति और जनजीवन पिछले पाँच वर्षों में अलग-अलग मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमते रहे हैं। गंगोह में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, पेयजल की गंभीर समस्या, सड़कों और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी लगातार उठती रही। खासकर यमुना खादर क्षेत्र में साफ पानी की उपलब्धता बड़ी चुनौती बनी रही। यहां मुस्लिम, दलित, गुर्जर, सैनी, जाट और ब्राह्मण जैसी जातियों का संतुलन चुनावी समीकरणों को प्रभावित करता है। 2022 में भाजपा के किरत सिंह गुर्जर ने सपा के इंद्रसेन को 23,449 वोटों से हराया। वहीं, रामपुर मनिहारान में बेरोजगारी, सड़क-पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याएं, शिक्षा व महंगाई अहम मुद्दे रहे। 2012 में बसपा यहां मजबूत थी, लेकिन 2017 और 2022 में भाजपा ने कब्जा जमाया और देवेंद्र कुमार निम लगातार दूसरी बार विधायक बने। वे व्यापारी हैं, स्नातक शिक्षित हैं और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। दूसरी ओर, देवबंद में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, प्रदूषण, रोजगार की दिक्कतें और सामाजिक-धार्मिक समरसता जैसे विषय प्रमुख रहे। यहां सड़क, पानी और स्वच्छता सुधार की मांग बार-बार उठी। लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ रही इस सीट पर 2017 से भाजपा ने पकड़ बनाई और 2022 में बृजेश सिंह रावत ने सपा के कार्तिकेय राणा को 7,104 वोटों से हराया। मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र में मुस्लिम और ठाकुर वोटरों की भूमिका हमेशा निर्णायक रहती है।