गढ़मुक्तेश्वर विधानसà¤à¤¾ सीट - Hapur
गढ़मुक्तेश्वर |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री हरेन्द्र सिंह |
| जिला | Hapur |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | अमरोहा |
गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा सीट
गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में स्थित है और यह अमरोहा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से विविध रहा है, जहाँ समय-समय पर विभिन्न दलों- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। 2017 से यह सीट भाजपा के पास है, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी की बढ़ती पकड़ को दर्शाता है।
जनसंख्या (2011 के अनुसार)
विधानसभा क्षेत्र: गढ़मुक्तेश्वर (क्रमांक 60)
जिला: हापुड़
लोकसभा क्षेत्र: अमरोहा
कुल जनसंख्या: 13,38,211
आरक्षण: नहीं (सामान्य)
साक्षरता दर (2011): 63.99% (शहर)
लिंगानुपात: 886/1,000 (शहर)
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 75.86%
मुस्लिम: 22.45%
अन्य समुदाय: 1% से कम
अनुसूचित जातियाँ: 21.92%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,35,402
विजेता: हरेंद्र सिंह तेवतिया (भाजपा)
वोट शेयर: 44.8%
उपविजेता: रविंद्र चौधरी (सपा)
मतदान प्रतिशत: 67.7%
गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा सीट पश्चिमी यूपी की एक अहम सीट मानी जाती है, जो हापुड़ ज़िले में स्थित है और जिसमें ज़्यादातर हिस्सा ग्रामीण इलाकों का है। यहां समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच लंबे समय से सीधी टक्कर रही है। 1990 के दशक में जहां भाजपा का बोलबाला था, वहीं 2002 से 2012 तक समाजवादी पार्टी ने लगातार जीत हासिल की। लेकिन 2017 में मोदी लहर के साथ भाजपा ने फिर वापसी की और 2022 में भी सीट अपने पास बरकरार रखी। यहां गुर्जर, चौधरी, मुस्लिम और अन्य पिछड़ी जातियों का अच्छा प्रभाव है, वहीं धार्मिक पर्यटन की वजह से ब्राह्मण और वैश्य समुदाय भी अहम भूमिका निभाते हैं। 2017 और 2022 के चुनावों में भाजपा की मजबूत संगठनात्मक पकड़ और योगी-मोदी की जोड़ी का असर साफ दिखा। सपा और बसपा ने जातीय समीकरण साधने की कोशिश की, लेकिन ज्यादा असर नहीं पड़ा। उम्मीदवारों के चयन, स्थानीय मुद्दों और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे विषय भी लोगों के बीच चर्चा में रहे। 2022 के चुनाव में भाजपा के हरेंद्र चौधरी तेवातिया ने सपा के रविंद्र चौधरी को 26,306 वोटों से हराया। बसपा के मदन चौहान तीसरे नंबर पर रहे, जबकि कांग्रेस और AIMIM को बेहद कम वोट मिले। कुल मिलाकर वोटिंग प्रतिशत करीब 44% रहा।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
हरेंद्र सिंह तेवतिया भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और इस समय गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़) से विधायक के रूप में कार्यरत हैं। उनका जन्म 20 मई 1966 को गाजियाबाद जिले के नूरपुर मढैया गांव में हुआ था। वे पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पोते हैं और पश्चिमी यूपी की राजनीति में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। 2022 में वे भाजपा के टिकट पर विधायक बने और अपने जमीन से जुड़े, विनम्र और मेहनती स्वभाव के चलते क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हैं। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले हरेंद्र सिंह का राजनीतिक सफर सामाजिक कामों से शुरू होकर विधानसभा तक पहुंचा है। 2022 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में लोगों को कई बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सबसे बड़ी चिंता स्वास्थ्य सेवाओं की है अस्पतालों में डॉक्टरों और जरूरी संसाधनों की कमी के चलते लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता, और आपातकालीन सुविधाएं भी कमजोर हैं। इलाके में सड़क, पानी, बिजली, सीवर और सफाई जैसी ज़रूरी सुविधाएं भी अक्सर अधूरी रहती हैं, जिससे आम लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानी होती है। धार्मिक रूप से गढ़मुक्तेश्वर का अपना खास महत्व है और इसे 'मिनी हरिद्वार' कहा जाता है, लेकिन गंगा घाटों की सफाई, भीड़ प्रबंधन और आयोजनों के दौरान सुरक्षा भी चिंता के विषय बने रहते हैं। इसके अलावा, बेरोजगारी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के मौके न होने की वजह से युवा परेशान हैं। यहां के लोगों को यह भी लगता है कि चूंकि यह इलाका अमरोहा लोकसभा क्षेत्र में आता है, इसलिए उनका कोई अलग सांसद नहीं होता, जिससे विकास कार्यों और संसाधनों के बंटवारे में क्षेत्र को पूरा ध्यान नहीं मिल पाता।