गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा से विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
10 June, 2026 | Desk

गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा से विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा
हरेंद्र सिंह तेवतिया भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और इस समय गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़) से विधायक के रूप में कार्यरत हैं। उनका जन्म 20 मई 1966 को गाजियाबाद जिले के नूरपुर मढैया गांव में हुआ था। वे पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पोते हैं और पश्चिमी यूपी की राजनीति में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। 2022 में वे भाजपा के टिकट पर विधायक बने और अपने जमीन से जुड़े, विनम्र और मेहनती स्वभाव के चलते क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हैं। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले हरेंद्र सिंह का राजनीतिक सफर सामाजिक कामों से शुरू होकर विधानसभा तक पहुंचा है। 2022 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
शैक्षिक योग्यता और निजी पृष्ठभूमि
  • जन्म गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में हुआ और उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखता है।
  • उन्होंने स्नातक की शिक्षा पूरी की है।
  • पेशे से वे सामाजिक सेवक हैं और भूमि तथा कृषि व्यवसाय में सक्रिय हैं।
  • उनकी पत्नी ममता तेवतिया तीन बार ब्लॉक प्रमुख और अपने गांव की तीन बार प्रधान रह चुकी हैं, जिससे परिवार में जनसेवा और नेतृत्व का माहौल बना हुआ है।
  • जनसंघर्ष, संगठन और पंचायत नीति के माध्यम से उनकी राजनीतिक छवि मजबूत और स्थापित हुई है।
राजनीतिक सफर
  • 2015 में वे जिला पंचायत सदस्य चुने गए और मेरठ मंडल में सर्वाधिक वोट पाने का रिकॉर्ड बनाया।
  • उनका परिवार भी राजनीति में सक्रिय है; पत्नी ग्रामप्रधान और ब्लॉक प्रमुख रह चुकी हैं, तथा कई बार पंचायत चुनावों और जिला राजनीति में सफलता हासिल की।
  • वे लंबे समय से भाजपा की स्थानीय और मंडल टीम में संगठन और संवाद की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
  • 2022 में पहली बार गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े और सपा के रविंद्र चौधरी को 26,306 वोटों के बड़े अंतर से हराकर विधायक चुने गए।
  • क्षेत्र में वे युवाओं, ग्रामीण पंचायतों, किसान समाज और हर वर्ग के लोगों के साथ सुबह-सांझ संवाद स्थापित करते हैं।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
  • उन्होंने सड़क निर्माण, बिजली व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता अभियान और सिंचाई जैसी योजनाओं को हर गांव तक पहुँचाकर मुख्यमंत्री की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया।
  • क्षेत्र में उन्होंने प्राथमिक स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन, ग्रामीण सड़कों, नालियों और तालाब निर्माण जैसे बुनियादी सुधार कार्य करवाए।
  • भूमिहीन, किसान, मजदूर और महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, उज्जवला, राशन और बुजुर्ग पेंशन जैसी सरकारी योजनाओं को सीधे घर तक पहुँचाया।
  • क्षेत्रीय विकास के लिए उन्होंने टोल विवाद, कानून व्यवस्था, दलित-पिछड़ा वर्ग के अधिकार, युवाओं की पढ़ाई और रोजगार जैसे मुद्दों पर लगातार संवाद और सक्रियता दिखाई।
  • सामाजिक समरसता, जैविक खेती, तालाब पुनर्जीवन, महिला-युवा शिक्षण, जनसंवाद और पंचायत चौपाल का नियमित आयोजन किया।
  • परिवार के नेतृत्व में गांव, ब्लॉक और जिला स्तर पर विकास और सामुदायिक सौहार्द की नई नीति को लागू किया।
गढ़मुक्तेश्वर के प्रमुख अन्य नेता
  • रविंद्र चौधरी 2022 में सपा के उम्मीदवार के रूप में उपविजेता रहे और किसान-जाट समाज में उनकी अच्छी पकड़ है; पंचायत स्तर पर भी वे सक्रिय हैं।
  • मदन चौहान पूर्व विधायक हैं और पिछड़े समाज तथा शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
  • आभा चौधरी कांग्रेस से जुड़ी हैं, प्रदेश कांग्रेस महासचिव की पत्नी हैं और पार्टी में युवा नेतृत्व व महिला संगठन के क्षेत्र में सक्रिय हैं।