घोरावल विधानसभा से विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्य का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
घोरावल विधानसभा
डॉ. अनिल कुमार मौर्य घोरावल (सोनभद्र) विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं और क्षेत्र में एक शिक्षित एवं अनुभवी जनप्रतिनिधि के रूप में जाने जाते हैं। वाराणसी जिले में जन्मे डॉ. मौर्य डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं। उनकी आय का मुख्य स्रोत किराये की संपत्ति तथा विधायक वेतन-भत्ता है। वे 2017 और 2022 दोनों चुनावों में भाजपा से विजयी रहे, जबकि इससे पहले बसपा के टिकट पर भी विधायक रह चुके हैं। 2022 के चुनावी शपथपत्र के अनुसार उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
राजनीतिक यात्रा
- 2002 में मात्र 32 वर्ष की आयु में बसपा के टिकट पर राजगढ़ विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने।
- 2007 में लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंचे और बसपा के प्रमुख नेताओं में शामिल हुए।
- 2012 में परिसीमन के बाद बनी घोरावल सीट से चुनाव लड़ा लेकिन सपा प्रत्याशी रमेश चंद्र दुबे से हार गए।
- 2016 में बसपा से निष्कासित होने के बाद भाजपा में शामिल हुए।
- 2017 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में घोरावल से विधायक बने।
- 2022 में सपा के रमेश चंद्र दुबे को 23,922 मतों से हराकर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
- ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क का विस्तार कर कई गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा।
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के विस्तार में योगदान दिया।
- विद्यालय भवनों का निर्माण और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया।
- खनन क्षेत्र के मजदूरों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को लागू कराने में सक्रिय भूमिका निभाई।
- बिजली और सिंचाई योजनाओं को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने के लिए कार्य किया।
- स्वच्छता अभियान और जनसुरक्षा कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
घोरावल विधानसभा के प्रमुख नेता
- रमेश चंद्र दुबे समाजवादी पार्टी के नेता हैं और 2012 में विधायक रहे। उन्होंने शिक्षा तथा सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई।
- मोहन सिंह कुशवाहा बसपा के प्रमुख नेता रहे और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर काम किया।
- विदेश्वी सिंह राठौर कांग्रेस से जुड़ी नेता हैं और महिला नेतृत्व तथा शिक्षा सुधार के क्षेत्र में सक्रिय रही हैं।