गोंडा विधानसभा से विधायक प्रतीक भूषण सिंह का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
10 June, 2026 | Desk

गोंडा विधानसभा से विधायक प्रतीक भूषण सिंह का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

गोंडा विधानसभा
प्रतीक भूषण सिंह भारतीय जनता पार्टी के एक युवा और प्रभावशाली नेता हैं, जो गोंडा सदर विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। 9 मई 1988 को गोंडा में जन्मे प्रतीक, भाजपा के वरिष्ठ नेता और कैसरगंज से सांसद रहे बृजभूषण शरण सिंह के बेटे हैं। उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से की और फिर मेलबर्न यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया से एमबीए किया। पहली बार 2017 में विधायक बने और 2022 में दोबारा जनता ने उन्हें मौका दिया। प्रतीक जिले के सामाजिक और राजनीतिक विकास से जुड़े मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहते हैं और खासकर युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ कोई मामला नहीं दर्ज है। हालांकि, 2011 में उनके खिलाफ राजस्थान पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत अवैध हथियार रखने और बिना अनुमति लाल बत्ती लगी गाड़ी में सफर करने के आरोप लगाए थे।
मुख्य कार्य और उपलब्धियाँ
  • क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास को हमेशा प्राथमिकता दी गई।
  • गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने पर जोर दिया।
  • सड़क, बिजली और जल आपूर्ति जैसी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए।
  • गोंडा के युवाओं को खेल, करियर और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कई विशेष पहल की गईं।
  • महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया।
  • विधानसभा में गोंडा की स्थानीय समस्याओं को मजबूती से उठाया और कई विकास योजनाओं को मंजूरी दिलाई।
गोंडा के अन्य प्रमुख नेता और उनकी उपलब्धियाँ
  • बृजभूषण शरण सिंह कई बार सांसद रह चुके हैं और भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में सड़कों, अस्पतालों और शैक्षिक संस्थानों की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
  • रघुराज उपाध्याय (कांग्रेस) ने 1980, 1985 और 1989 में जीत हासिल की और क्षेत्रीय विकास व मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय रहे।
  • विनोद कुमार सिंह (सपा) 1996, 2002 और 2012 में विधायक रहे और उन्होंने कृषि, सिंचाई तथा स्वास्थ्य योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया।
  • जलील अहमद खान (बसपा) 2007 में विधायक बने और सामाजिक न्याय एवं शिक्षा के अधिकार के लिए क्षेत्र में पहचाने गए।