गोरखपुर शहर विधानसभा सीट - Gorakhpur

गोरखपुर शहर

वर्तमान विधायक
योगी आदित्‍यनाथ
जिला
Gorakhpur
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
4,64,077
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
गोरखपुर
गोरखपुर शहरी विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है। यह सीट उत्तर प्रदेश विधान सभा का हिस्सा है और गोरखपुर जिले के शहरी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती है। यह सीट भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के लिए काफी महत्वपूर्ण रही है और यहां के चुनाव परिणाम आमतौर पर राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गोरखपुर शहरी विधानसभा सीट
नाम: गोरखपुर शहरी विधानसभा क्षेत्र
जिला: गोरखपुर
कुल मतदाता (01/01/2022 तक): 453,662
पुरुष: 243,013,
महिला: 210,574
ट्रांसजेंडर: 75
हालांकि, 2024 के लिए ताजा आंकड़े में कुल मतदाताओं की संख्या 464,077 बताई गई है।
धार्मिक आधार पर:
हिंदू: लगभग 77.88%
मुस्लिम: लगभग 20.61%
अन्य धर्म: शेष.
जातीय आधार पर:
अनुसूचित जाति (SC): 9.3%
अनुसूचित जनजाति (ST): 0.4%
वर्तमान विधायक (2022):
नाम: योगी आदित्यनाथ
पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.)
कार्यकाल: 2017 में पद ग्रहण; 2022 में दोबारा निर्वाचित
परिचय:
​योगी आदित्यनाथ, जिनका जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में हुआ था, भारतीय राजनीति में एक प्रमुख व्यक्तित्व हैं। उनका असली नाम अजय सिंह बिष्ट था। उन्होंने 1998 में महज 26 वर्ष की आयु में गोरखपुर लोकसभा सीट से सांसद के रूप में अपना राजनीतिक कॅरियर शुरू किया, जहां वे लगातार पांच बार चुने गए। 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत, वे राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री हैं। इसके अलावा, वे गोरखनाथ मंदिर के महंत भी हैं, जो गोरखपुर में एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है।
आपराधिक मामले:
योगी आदित्यनाथ के खिलाफ विभिन्न चुनावों में आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपने हलफनामे में 3 आपराधिक मामलों का उल्लेख किया था, जिनमें हत्या के प्रयास (धारा 307) और धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित मामले शामिल थे। 2017 में, राज्य सरकार ने पिपरगंज थाने में 1995 में दर्ज एक मामले को वापस लेने का आदेश दिया था। इसके अलावा, 2019 में एक 20 वर्ष पुराना हत्या मामला विशेष अदालत द्वारा खारिज कर दिया गया था। 2022 के विधानसभा चुनाव में, आदित्यनाथ ने अपने हलफनामे में कोई भी आपराधिक मामला न होने की घोषणा की थी।
ऐतिहासिक नजरिए से कौन-सी पार्टी रही है मजबूत:
गोरखपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी इतिहास को देखे तो इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच नियंत्रण को लेकर प्रतिस्पर्धा रही है।
1989: भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के शिव प्रताप शुक्ला ने गोरखपुर सीट पर विजय प्राप्त की।​
1991-2012: भा.ज.पा. के डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने इस सीट पर लगातार जीत दर्ज की।​
2017: योगी आदित्यनाथ ने इस सीट से विजय प्राप्त की और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।​
2018 उपचुनाव: योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद, उनकी खाली हुई गोरखपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुआ। समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार प्रवीण कुमार निषाद ने भा.ज.पा. के उपेंद्र दत्त शुक्ला को 21,961 वोटों के अंतर से हराया। ​
2022: योगी आदित्यनाथ ने पुनः इस सीट पर विजय प्राप्त की और मुख्यमंत्री के पद पर बने रहे।
​ऐतिहासिक रूप से, कांग्रेस पार्टी का इस क्षेत्र में प्रभाव सीमित रहा है। 2017 के चुनाव में कांग्रेस के राणा राहुल सिंह को 61,491 वोट मिले थे, जो कुल वोटों का 28.21% था। ​कुल मिलाकर, गोरखपुर शहरी विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) का प्रभुत्व रहा है, जबकि कांग्रेस पार्टी का प्रभाव हाल के चुनावों में अपेक्षाकृत कम रहा है।
गोरखपुर शहरी विधानसभा सीट पर चुनाव के दौरान आमतौर पर भाजपा का ही दबदबा रहता है, लेकिन यहाँ के स्थानीय मुद्दे, पार्टी की नीतियां और जनता की इच्छाएं चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकती हैं।

उत्तर प्रदेश लेटेस्ट न्यूज़