गुन्नौर विधानसभा से विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
गुन्नौर विधानसभा
राम खिलाड़ी सिंह यादव समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उनका जन्म 4 मार्च 1960 को उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद स्थित घोंसली राजा गांव में हुआ था। अहीर (यादव) जाति से आने वाले राम खिलाड़ी सिंह स्नातक शिक्षित हैं और राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में लंबे समय से सक्रिय हैं। उन्होंने 1991 में पहली बार विधायक का चुनाव जीता और इसके बाद 1996, 2012 तथा 2022 में भी विधानसभा पहुंचे। वे विभिन्न विधानसभा समितियों के सदस्य और सभापति रह चुके हैं तथा शिक्षा और सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। हालांकि, सितंबर 2016 में उनके खिलाफ पुलिसकर्मियों पर हमला, उन्हें बंधक बनाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई थी। आरोप था कि अपहरण के एक मामले की जांच के दौरान पुलिसकर्मियों से मारपीट कर उन्हें घंटों तक घर में बंद रखा गया। इस मामले में आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ, हालांकि विधायक और उनके बेटे ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए आरोपों से इंकार किया। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर उन पर अवैध खनन को न रोकने के आरोप भी लगे हैं, लेकिन इन मामलों में उनके खिलाफ कोई औपचारिक आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है।
राजनीतिक सफर
- 1989 में उन्होंने पहली बार जनता दल के टिकट पर गुन्नौर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।
- 1991 में जनता दल से चुनाव लड़ा और इस बार विधायक बने।
- 1993 में फिर जनता दल प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे, पर बेहद कम वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
- 1996 में एक बार फिर जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ा और विधानसभा पहुंचे।
- 2002 में उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) की सदस्यता ली और प्रत्याशी बने, लेकिन इस चुनाव में हार गए।
- 2012 में सपा के टिकट पर चुनाव जीता, लेकिन 2017 के चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी के खिलाफ हार गए।
- 2022 में उन्होंने दोबारा सपा से चुनाव लड़ा और बड़ी जीत दर्ज की जहां 1,23,373 वोट मिले, जबकि बीजेपी के अजीत कुमार को 94,254 वोट प्राप्त हुए।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
- गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र में उन्होंने शिक्षा, सड़क और नाली निर्माण, बिजली-पानी की उपलब्धता, स्वास्थ्य केंद्र और पंचायत भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार करवाया।
- किसानों, गरीबों, पिछड़ों, मजदूरों, महिलाओं और विद्यार्थियों के हित के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया।
- पूरे क्षेत्र में सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूत किया और यादव–दलित–अनुसूचित व पिछड़ी जातियों के बीच गहरा सामंजस्य और गठजोड़ विकसित किया।
- स्कूल-कॉलेजों का विस्तार, स्वास्थ्य केंद्रों में सुधार, सरकारी राशन प्रणाली, सिंचाई व्यवस्था, तालाबों के पुनर्जीवन और मुख्य सड़कों के निर्माण जैसी प्राथमिक मांगों पर प्राथमिकता के साथ काम किया।
- हर पंचायत और ग्रामीण इलाकों में नियमित चौपाल आयोजित कर जनता से सीधा संवाद किया और मौके पर ही जनशिकायतों का समाधान सुनिश्चित किया।
- क्षेत्र में भू-माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज़ उठाई और प्रशासन को सक्रिय किया।
- मुलायम सिंह यादव के पारंपरिक गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में 2017 में पहली बार बीजेपी की जीत के बाद, उन्होंने 2022 में समाजवादी पार्टी की वापसी सुनिश्चित की।
गुन्नौर के अन्य प्रमुख नेता
- अजीत कुमार भारतीय जनता पार्टी से 2017 में विधायक चुने गए थे और 2022 के चुनाव में उपविजेता रहे। उनकी पकड़ खास तौर पर पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के बीच मजबूत मानी जाती है।
- फिरोज बहुजन समाज पार्टी के नेता हैं, जो दलित और पिछड़े वर्ग के सामाजिक समीकरणों में प्रभाव रखते हैं। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में 15,047 वोट हासिल किए थे।
- विजय शर्मा कांग्रेस के पुराने और अनुभवी कार्यकर्ता हैं, जिनकी पकड़ विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में मजबूत बताई जाती है।
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