हमीरपुर विधानसभा सीट - Hamirpur

हमीरपुर

वर्तमान विधायक
डा0 मनोज कुमार प्रजापति
जिला
Hamirpur
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
हमीरपुर
हमीरपुर विधानसभा सीट
हमीरपुर विधानसभा सीट (संख्या 228) उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्थित है और यह हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट जिले के मुख्य शहर हमीरपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करती है। यहां कोई आरक्षण नहीं है और यह क्षेत्र बुंदेलखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जनसंख्या और जनगणना 2011
जिला: हमीरपुर
विधानसभा संख्या: 228
लोकसभा क्षेत्र: हमीरपुर
कुल जनसंख्या (जिला): लगभग 11.04 लाख
अनुमानित आबादी: 2.5-3 लाख (सटीक विधानसभा-स्तरीय आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं)
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 83-85%
मुस्लिम: 14-15%
अन्य समुदाय: 1-2% से कम
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,60,215
विजेता: मनोज कुमार प्रजापति (भाजपा)
वोट शेयर: 40.5%
उपविजेता: रामप्रकाश (सपा)
मतदान प्रतिशत: 63.4%
हमीरपुर विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास काफी दिलचस्प रहा है। कभी यह सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती थी, खासकर 1980 के दशक तक, लेकिन समय के साथ यहां का राजनीतिक माहौल बदलता गया। अब यहां भाजपा, बसपा और सपा जैसी पार्टियों का असर ज्यादा दिखाई देता है। कई बार ऐसे नेता भी चुनाव जीते हैं जो आखिरी समय में पार्टी बदल लेते हैं, जिससे मतदाताओं में नाराजगी रहती है, लेकिन जातीय और स्थानीय समीकरणों की वजह से ये नेता फिर भी जीत जाते हैं। दलित और पिछड़े वर्ग के मतदाता यहां अहम भूमिका निभाते हैं और पहले जहां ये बसपा और सपा के साथ होते थे, वहीं अब भाजपा ने इनमें भी अपनी पकड़ बना ली है। 2022 के चुनाव में भाजपा के मनोज प्रजापति ने सपा के राम प्रकाश प्रजापति को बड़े अंतर से हराया और भाजपा को करीब 40% वोट मिले, जबकि सपा को 30%, बसपा को 18% और कांग्रेस को सिर्फ 6% वोट ही मिल पाए। कांग्रेस, जो कभी मजबूत थी, अब मुकाबले से बाहर हो चुकी है। 2017 और 2022 की लगातार जीत से साफ है कि हाल के वर्षों में भाजपा का दबदबा रहा है, जबकि पहले सपा और बसपा बारी-बारी से सत्ता में आती रहीं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
मनोज कुमार प्रजापति भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और इस समय उत्तर प्रदेश विधानसभा के 18वें सत्र (2022–2027) में हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पेशे से वे एक शिक्षाविद् हैं और उन्होंने चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर से पीएच.डी. की डिग्री ली है। वे क्षेत्र में विकास कार्यों और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय माने जाते हैं। 2022 चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ किसी भी तरह का आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
हमीरपुर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश के हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र में कई अहम मुद्दे सामने आए हैं। सबसे बड़ी चिंता बुनियादी सुविधाओं की रही है. कई गांवों में अब भी सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से नहीं पहुंच पाई हैं। राठ क्षेत्र के हरदुआ गांव जैसे कई इलाकों में तो वर्षों से सड़क निर्माण नहीं हुआ, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और कुछ ने तो चुनाव बहिष्कार की चेतावनी तक दी। खेती-किसानी भी मुश्किल में रही है, ओलावृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं से फसलें बर्बाद हुईं, और मुआवजे को लेकर भी कई गड़बड़ियां हुईं। सिंचाई और कृषि सुविधाओं की कमी ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। कानून-व्यवस्था खासकर महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठे, कुछ गंभीर घटनाओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाई है। राजनीतिक तौर पर भी लोगों में स्थानीय नेताओं के प्रति नाराजगी देखने को मिली, चुनावी वादे अधूरे रहे और प्रत्याशी चयन में भी असमंजस की स्थिति बनी रही। शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं का लाभ सही ढंग से लोगों तक नहीं पहुंच पाया, जिससे खासकर दलित और वंचित वर्ग खुद को उपेक्षित महसूस करते रहे हैं।

उत्तर प्रदेश लेटेस्ट न्यूज़